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    'एक खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मारता':मुख्य चुनाव आयुक्त पर मुकेश सहनी भड़के; यूपी पुलिस की तारीफ की

    23 hours ago

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    यूपी में सियासी जमीन तलाश रहे बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा- अगर हमें एक खून माफ होता तो सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। लेकिन हम संविधान को मानने वाले लोग हैं। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी ने सीएम योगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हम अभी उत्तर प्रदेश घूम रहे हैं और देख रहे हैं कि वहां शासन-प्रशासन कैसे काम कर रहा है। योगी जी की पुलिस बहुत अच्छा काम कर रही है। दरअसल सहनी का यह बयान एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें SIR को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों के बीच मतभेदों का जिक्र था। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव पैनल के भीतर SIR प्रक्रिया को लेकर बार-बार चिंता जताई थी। SIR प्रक्रिया की देखरेख तीनों अधिकारियों ने की है, लेकिन संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराईं। इनमें से 4 आपत्तियां एक ही दिन में दर्ज की गईं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ये आपत्तियां उन फैसलों और आदेशों को लेकर थीं, जिन्हें संधू और जोशी की जानकारी के बिना जारी किया गया था। मुकेश सहनी बोले- चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा मुकेश सहनी ने लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। चुनाव आयोग बीजेपी का आयोग बन चुका है। मैं ज्ञानेश कुमार से कहना चाहता हूं कि थोड़ा शर्म करो। देश के संविधान के साथ तुम खिलवाड़ कर रहे हो। सहनी ने कहा कि देश में जिस तरह लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, उससे मैं आहत हूं। उन्होंने कहा, "अगर हमें एक खून माफ होता तो सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते।" हालांकि, इसके बाद उन्होंने कहा कि वह संविधान को मानने वाले लोग हैं। 2027 से पहले यूपी में सक्रिय हुए मुकेश सहनी यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुकेश सहनी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने अप्रैल 2026 से यूपी के कई दौरे किए हैं। उनका मुख्य मुद्दा निषाद आरक्षण है। वह निषाद समाज को भी राजनीतिक रूप से एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में गोंडा में विनोद निषाद की मौत के मामले में मुकेश सहनी लखनऊ के KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) शवगृह के बाहर हुए धरने में शामिल हुए। इस धरने में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद और सपा नेता राजपाल कश्यप भी मौजूद थे। नेताओं ने आरोपियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग की। संजय निषाद ने बताया था ‘मौसमी नेता’ इसके बाद संजय निषाद ने मुकेश सहनी पर बिना नाम लिए हमला बोला था। उन्होंने कहा- कुछ “मौसमी नेता” अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि मुंबई में व्यापार करेंगे। यहां-वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछाएंगे या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करते रहेंगे। जैसा उन्होंने अपने राज्य में किया है। संजय निषाद ने कहा कि मछुआरा समुदाय पैसों पर बिकने वाली कौम नहीं है। यूपी के मछुआरों को राजनीति सिखाने से पहले यह समझना होगा कि राजनीति उनके खून में है। मछुआरा गरीब भले है, लेकिन गद्दार पुत्र नहीं है। कुछ लोगों की वजह से समाज का आरक्षण लुटा और आज भी लूटा जा रहा है। समाज को एकजुट नहीं होने दिया जा रहा है। केवट, मल्लाह, बिंद और कश्यप के नाम पर समाज में भेद पैदा किया जा रहा है। 2027 के लिए निषाद समाज पर फोकस राजनीतिक जानकार बताते हैं कि मुकेश सहनी के लगातार यूपी दौरों से उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता दिखती है। 2027 के चुनाव से पहले वह यूपी में VIP का आधार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अभियान में निषाद आरक्षण प्रमुख मुद्दा है। इसके साथ ही वह निषाद समाज को राजनीतिक रूप से एकजुट करने की अपील कर रहे हैं। मुकेश सहनी की सपा से तालमेल की भी चर्चाएं यूपी विधानसभा चुनाव- 2027 से पहले मुकेश सहनी की सक्रियता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही, क्योंकि उनकी सपा से तालमेल की चर्चा चल रही है। सहनी की पार्टी बिहार में मछुआरा और अति पिछड़ा वोटबैंक के बीच अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करती रही है। इसके अलावा, यूपी में पूर्वांचल की बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट और कश्यप समुदाय की मौजूदगी है। ऐसे में सहनी की सक्रियता निषाद पार्टी के लिए सीधे राजनीतिक चुनौती बन सकती है। --------------------------- यह खबर भी पढ़िए- आजमगढ़ में पत्नी-बेटे, दो पुजारियों को मारने वाले का एनकाउंटर, पूजा कराने से नाराज था यूपी के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में मारा गया। पकड़े जाने के डर से उसने अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। 7 घंटे बाद उसने बेटे पर गोली चला दी। इसके बाद ATS, SOG ने हत्यारे अरविंद सिंह (42) को मार गिराया। पढ़ें पूरी खबर…
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