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    एक्सीडेंट के बाद थाने में खड़ी करनी पड़ी थी कार:जिस स्कार्पियो को बुक कर घर आ रहे थे, उसी में गई परिवार की जान

    3 hours ago

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    शनिवार की तड़के मऊ जिले में हुई हृदय विदारक दुर्घटना में जिस एक ही परिवार के जिन 3 लोगों की मौत हुई थी, उनका एक्सीडेंट बिहार के गया में भी हुआ था। गोरखपुर के खारोबार थाना क्षेत्र के अशोक नगर के निवासी विनय श्रीवास्तव अपनी बेटी मिमांसा की शादी के लिए झारखंड के रांची गए थे। शादी के बाद वे 24 अप्रैल को पत्नी अर्चना, बेटे कृतार्थ एवं पालतू कुत्ते के साथ गोरखपुर स्थित घर आ रहे थे। उन्होंने यात्रा अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से शुरू की थी लेकिन बिहार के गया में उनकी गाड़ी से एक्सीडेंट हो गया। जिसके बाद उन्हें कार स्थानीय थाने में खड़ा करनी पड़ी थी और गया से ही उन्होंने स्कार्पियो बुक की और गोरखपुर के लिए चल दिए। स्कार्पियो में दो चालक थे लेकिन शनिवार की तड़के गाड़ी ला रहे चालक पुरुषोत्तम को आयी झपकी ने पलक झपकते सबकुछ खत्म कर दिया। शनिवार की देर रात जब तीनों का शव गोरखपुर पहुंचा तो रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों का रो-रो कर बुरा हाल था। विनय श्रीवास्तव निजी स्कूल में शिक्षक थे। परिवार में उनकी पत्नी अर्चना, बेटी मिमांसा व बेटा कृतार्थ थे। उन्होंने एक कुत्ता भी पाल रखा था, जिससे पूरे परिवार का गहरा लगाव था। बेटी मिमांसा की शादी देवरिया के कसया रोड निवासी सुधांशु शेखर से शादी तय थी। शादी झारखंड के रांची में होनी थी इसलिए पूरा परिवार अपनी कार से वहां गया था। परिवार के साथ उनका पालतू कुत्ता भी था। 19 अप्रैल को हल्दी और 20 को शादी की रश्मे हुईं। विदाई के बाद सबकुछ व्यवस्थित कर विनय श्रीवास्तव अपनी पत्नी, बेटे व कुत्ते के साथ कार से गोरखपुर के लिए रवाना हुए। काश गया में ही इंतजार कर लिया होता जब विनय श्रीवास्तव की कार का एक्सीडेंट हुआ तो स्थानीय पुलिस ने उनकी कार को थाने में खड़ा करा लिया। दरअसल उनकी कार से दो बच्चियों को ठोकर लग गई थी। उन्होंने काफी कोशिश की लेकिन कार नहीं छूटी। अपने रिश्तेदारों को भी फोन किया। कुछ लोगों ने वहीं एक दिन रुकने की सलाह भी दी लेकिन वह जल्दी घर आना चाहते थे। काफी कोशिश के बाद भी जब कार नहीं छूटी तो उन्होंने स्कार्पियो बुक कर आना बेहतर समझा। रात की यात्रा को देखते हुए उन्होंने ऐसी गाड़ी बुक की, जिसमें दो चालक थे। लेकिन ऐन मौके पर गाड़ी चला रहे चालक को झपकी आयी और गाड़ी डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में ट्रेलर से जाकर टकरा गई। इस दुर्घटना में विनय का पूरा परिवार खत्म हो गया। दोनों चालकों की भी मौत हो गई और पालतू कुत्ते की भी जान चली गई। शनिवार को दुर्घटना की खबर पाकर गोरखपुर स्थित आवास पर आए शुभचिंतकों ने कहा कि काश ये लोग गया में रुककर अपनी गाड़ी से वापस आए होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। आज होगा अंतिम संस्कार विनय श्रीवास्तव के परिवार के लोग एवं शुभचिंतक देर शाम को गोरखपुर स्थित आवास पर पहुंचने लगे थे। माता-पिता एवं बेटे का अंतिम संस्कार यहीं होगा। मिमांसा के ताऊ के लड़के मुखाग्नि देंगे। दुर्घटना का समाचार पाकर मिमांसा अपने पति के साथ शनिवार की शाम घर पहुंची थी। सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। इससे पहले उनके पालतू कुत्ते का शव घर लाया गया। जिसे पास में ही दफना दिया गया। बड़े भाई की भी हुई थी दुर्घटना में मौत विनय के रिश्तेदारों ने बताया कि दो साल पहले उनके बड़े भाई की मौत भी सड़क हादसे में हुई थी। विनय के साले की एक साल पहले देवरिया के गौरी बाजार में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
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