Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Election Commission का बड़ा एक्शन! West Bengal के 7 अधिकारी निलंबित, 'गंभीर कदाचार' के लगे आरोप

    3 hours from now

    1

    0

    निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के बीच एक कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी विधिक प्रावधान के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों कोगंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े वैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।इसे भी पढ़ें: शिवाजी-टीपू सुल्तान तुलना पर पुणे में सियासी संग्राम! BJP और Congress कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पथराव किया, नौ घायल निलंबन का मुख्य कारण: 'गंभीर कदाचार'निलंबित किए गए ये सभी सात अधिकारी सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के रूप में कार्यरत थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन अधिकारियों ने मतदाता सूची तैयार करने की वैधानिक प्रक्रिया में निम्नलिखित अनियमितताएं कीं:गंभीर कदाचार: विधिक प्रावधानों का उल्लंघन।कर्तव्य में लापरवाही: मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से न लेना।अधिकारों का दुरुपयोग: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े वैधानिक अधिकारों का गलत इस्तेमाल।इसे भी पढ़ें: Team India का सपना, एक पारी से स्टार बने Vaibhav Sooryavanshi ने Cricket Career के लिए छोड़ी Board Exam  बूथ स्तरीय अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और उनके सहायक राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जो मतदाता सूची अद्यतन करने और चुनाव कराने में सहायता के लिए प्रतिनियुक्ति पर काम करते हैं। आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें। निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है।आयोग और राज्य सरकार के बीच बढ़ता टकरावयह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। आयोग का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Tamil Nadu Horrific Accident | दोपहिया वाहन और पर्यटक बस की टक्कर, पांच लोगों की मौत, मुख्यमंत्री स्टालिन ने शोक व्यक्त किया
    Next Article
    Karnataka मंत्री Priyank Kharge का RSS पर बड़ा हमला! 'धन शोधन' और 'आय के स्रोत' पर उठाए गंभीर सवाल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment