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    एमपी के दो सांसद साउथ में विधानसभा चुनाव हारे:केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन की तमिलनाडु में शिकस्त; जॉर्ज कुरियन केरलम में तीसरे नंबर पर रहे

    11 hours ago

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    पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में भाजपो को पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बड़ी जीत मिली है। वहीं, एमपी कोटे से राज्यसभा के दो सांसदों को दक्षिण भारत के चुनावी रण में करारी हार का सामना करना पड़ा है। केंद्र सरकार में मंत्री एल. मुरुगन को तमिलनाडु और जॉर्ज कुरियन को केरलम विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। जॉर्ज कुरियन (केरल): कांजीरापल्ली में तीसरे नंबर पर खिसके मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को भाजपा ने केरलम की कांजीरापल्ली सीट से मैदान में उतारा था। ईसाई बहुल इस इलाके में कुरियन से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि कुरियन मुख्य मुकाबले से पूरी तरह बाहर नजर आए। वे तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें महज 26984 के करीब वोट मिले। केरल में एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच हुए सीधे मुकाबले में भाजपा के बड़े चेहरे जॉर्ज कुरियन जमीन नहीं बचा सके। कांजीरापल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े, कई पदों पर रहे वर्तमान में केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री और मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सांसद जॉर्ज कुरियन केरल में बीजेपी के सबसे पुराने चेहरों में से एक हैं। वे 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए हैं और संगठन में अलग-अलग पदों पर रहे हैं। केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु का काम कुरियन को केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु (Bridge) माना जाता है। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का गठन हुआ, तो कुरियन बिना सांसद रहे मंत्री बनाए गए थे। बाद में बीजेपी ने उन्हें मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट (ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद) से निर्विरोध निर्वाचित करवाकर संसद भेजा। पार्टी ने उन्हें केरल विधानसभा चुनाव में कांजीरापल्ली से उम्मीदवार बनाया ताकि ईसाई वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके, लेकिन वे तीसरे नंबर पर सिमट गए। एल. मुरुगन (तमिलनाडु): अविनाशी सीट पर दूसरे नंबर पर रहे मध्य प्रदेश से एक और राज्य सभा सांसद और केंद्रीय सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन तमिलनाडु की अविनाशी (SC) सीट से किस्मत आजमा रहे थे। तमिलनाडु भाजपा का पूर्व अध्यक्ष होने के नाते यह चुनाव उनकी साख का सवाल था। मुरुगन ने लड़ाई तो लड़ी, लेकिन जीत का स्वाद नहीं चख सके। वे परिणामों में दूसरे नंबर पर रहे। उन्हें 56,200 से ज्यादा वोट मिले, लेकिन विपक्षी उम्मीदवार ने उन्हें बड़े अंतर से हरा दिया। तमिलनाडु में क्षेत्रीय अस्मिता और टीवीके (थलापति विजय की पार्टी) की लहर के आगे मुरुगन का 'दिल्ली कार्ड' काम नहीं आया। एक्टर विजय की पार्टी के उम्मीदवार से हारे इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय रहा। यहां अभिनेता विजय की पार्टी (TVK) ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के समीकरण बिगाड़ दिए। मुरुगन ने अपनी सीट पर कड़ी टक्कर दी और अन्नाद्रमुक कैंडिडेट को तीसरे नंबर पर धकेल दिया। तमिलनाडु: अविनाशी (SC) विधानसभा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक रहे तमिलनाडु भाजपा का दलित चेहरा हैं। वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री व मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। एल. मुरुगन ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में की थी। वे लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े रहे। वकालत से सियासत तक: राजनीति में आने से पहले वे मद्रास हाई कोर्ट में एक सफल वकील थे। उन्होंने 15 साल तक वकालत की और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के उपाध्यक्ष भी रहे। वेल यात्रा से बनी हिंदूवादी नेता की पहचान तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहते हुए मुरुगन ने 'वेल यात्रा' निकाली थी, जिसने राज्य में भाजपा को आक्रामक हिंदूवादी पहचान दिलाने में मदद की। बीजेपी ने उन्हें 2021 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था। हाल ही में हुए चुनावों में पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए तमिलनाडु की अविनाशी सीट से मैदान में उतारा, लेकिन वे दूसरे नंबर पर रहे। ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी बोले- बंगाल में BJP ने 100 सीटें चुराईं भाजपा का 5 राज्यों में से 3 (पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी) में सरकार बना रही है। बंगाल में बीजेपी रिकॉर्ड सीटें जीती है। इस पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बंगाल और असम के परिणाम भी उसी 'प्लेबुक' का हिस्सा हैं, जो हमने मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखी है। पढ़ें पूरी खबर…
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