Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    एनकाउंटर में दोनों बेटों को खोने वाले पिता का दर्द:बुनियाद अली बोले- कुछ तो सच्चाई है, मैं दोनों का वो हाल करता जो पुलिस ने भी नहीं किया

    3 hours ago

    1

    0

    गाजियाबाद में 27 फरवरी की सुबह EX मुस्लिम सलीम वास्तिक पर चाकूओं से हमला किया गया, जिनकी गाजियाबाद की लोनी स्थित अपने ऑफिस में दो बदमाशों ने गला काटा, शरीर पर 14 चाकू मारे। सलीम दिल्ली के मैक्स अस्पताल में 6 दिन बाद भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। गाजियाबाद पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी जीशान को 1 मार्च की रात को एनकाउंटर में ढेर किया। इसके 48 घंटे बाद गाजियाबाद पुलिस ने दूसरे आरोपी जीशान के बड़े भाई गुलफाम को एनकाउंटर में मार दिया। जीशान और गुलफाम पुत्र बुनियाद अली अमरोहा जिले के संभल रोड स्थित सैद नगली कस्बे के रहने वाले थे। दोनों बेटों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पिता का दर्द… पिता ने बुनियाद अली ने कहा- मैं लकड़ी का काम करता हूं, यह दोनों ही मेरे बेटे कई सालों ये दिल्ली एनसीआर में रह रहे थे। गुलफाम पर एक बेटी और एक बेटा है। जीशान की शादी नहीं हुई। पिता ने भावुक होकर कहा कि यह जुनूनी मामला लगता है। इन दोनों से अलग किसी का लिंक नहीं है, यह हमारी बाइक थी, दिल्ली के नंबर की थी जिसने अपने मामा के लड़के के नाम पर ली थी। दोनों बेटे गांव में आते जाते रहे हैं। जीशान 5 साल से दिल्ली गाजियाबाद में रह रहा था। बड़ा बेटा गुलफाम 2013 से रह रहा था। पिता ने कहा कि यदि मुझे दोनों बेटों पर शक होता तो वो हाल करता जो पुलिस ने भी नहीं करा। पिता ने कहा कुछ तो सच्चाई है पिता ने आगे कहा कि अब क्या देखना है, ऐसा नहीं है मैं झुठलाऊं, कुछ तो सच्चाई है। वह बात अलग है कि एनकाउंटर की जगह जेल भेजा जाता। उनका फैसला अदालत करती। जिन्हों ने एनकाउंटर करा है पता नहीं सही करा है या गलत करा है। गलत करा है तो वह भुगतेंगे, सजा देने वाला तो अल्लाह है। गांव में पुलिस भी गई थी, मैंने पुलिस से भी कहा कि यहां गांव में कोई फाल्ट नहीं था। पिता चश्मा लगाए हुए थे, कभी 151 में भी उनका नाम नहीं आया। 2 मार्च को पोसटमार्टम हाउस पर रोए थे पिता जीशान के एनकाउंटर की खबर लगते ही जीशान के पिता बुनियाद अली 2 मार्च को अमरोहा से गाजियाबाद पहुंचे थे, जहां फूट-फूट कर रोए थे। कहा था- 1 मार्च की रात को नगली थाने की पुलिस आई थी, मेरे घर का दरवाजा खुलवाया। उस समय मैं सोने जा रहा था। पुलिस ने कहा कि तुम्हारे बेटे जीशान का गाजियाबाद जिले के लोनी में एनकाउंटर हो गया। मैं सुनते ही हैरान रह गया। मैंने कहा- दरोगा जी… मेरे बेटे ने क्या कोई अपराध किया है क्या, मेरे तो परिवार पर कभी 151 भी नहीं हुई। इस धारा के तहत अगर पुलिस को लगता है कि कोई शख्स अपराध करने वाला है तो उसे बिना किसी वारंट गिरफ्तार कर सकती है। पिता बुनियाद अली ने कहा था- शनिवार सुबह जीशान घर पर आया था, लेकिन वह किसी काम की बात कहकर चला गया। बड़ा बेटा गुलफाम भी शाम को घर से दिल्ली चला गया। फिर हमारी बात नहीं हुई। पिता ने रोते हुए कहा कि मुझे पता होता कि मेरे बेटे ने क्राइम किया है तो समझाता। लेकिन मुझे कभी पता नहीं चला। पता नहीं कैसे यह सब कर दिया। बुनियाद अली ने बताया कि 5 बेटियां हैं, सभी की शादी हो चुकी है। नंद किशोर गुर्जर सीएम योगी से मिले गाजियाबाद के लोनी सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर एनकाउंटर के बाद सीएम योगी से मिले। जहां भाजपा विधायक ने कहा कि इस तरह का जिहाद फैलाने वालों पर पुलिस ने सही काम किया। एनकाउंटर में दोनों को मारा। कानून का राज सभी के लिए है। माहौल खराब नहीं होना चाहिए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर में कल रहेंगे CM योगी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष:RSS की बैठक में शामिल होंगे, 2027 चुनाव की तैयारियों पर मंथन
    Next Article
    आगरा में ट्रेन में चढ़ते समय यात्री गिरा-VIDEO:कैंट रेलवे स्टेशन पर RPF कांस्टेबल की मुस्तैदी से यात्री की बची जान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment