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    एनेस्थीसिया ओवरडोज से मरीज की मौत का मामला:सुल्तानपुर पुलिस ने अब तक दर्ज नहीं की FIR, 4 सदस्यीय जांच टीम ने जुटाए साक्ष्य

    1 hour ago

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    एनेस्थीसिया के ओवरडोज से एक मरीज की मौत के मामले में पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामला दर्ज करने की मांग की है। इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने एक चार सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जिसने अस्पताल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के महिलो आशापुर निवासी 48 वर्षीय राजेश मिश्रा को पथरी के दर्द के चलते 2 मार्च को कोतवाली नगर स्थित शुभांगी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, 3 मार्च की शाम ऑपरेशन थिएटर में ले जाने से पहले राजेश मिश्रा पूरी तरह स्वस्थ थे। उनका आरोप है कि ओटी में डॉक्टर राजेश गौतम द्वारा दिए गए इंजेक्शन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज की पत्नी और अन्य परिवार के सदस्यों को सूचित किए बिना एम्बुलेंस बुक कर राजेश मिश्रा को आस्था अस्पताल रेफर कर दिया। उन्हें आशंका है कि मरीज की मौत शुभांगी अस्पताल में ही हो चुकी थी। आस्था अस्पताल में परिवार से 25 से 30 हजार रुपये लिए गए और कुछ देर बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि जब वे रात 11 बजे शुभांगी अस्पताल वापस पहुंचे, तो डॉक्टर ने दरवाजा नहीं खोला। डायल 112 पर पुलिस को सूचना देने के बाद भी अस्पताल का दरवाजा नहीं खुला। परिवार अब डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और न्याय की मांग कर रहा है। बुधवार को हुए पोस्टमार्टम में मरीज की मौत का कारण एनेस्थीसिया का ओवरडोज बताया गया। उसी शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार को सीएमओ भरत भूषण के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एक सर्जन और एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम ने शुभांगी अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की। सीएमओ ने बताया कि शुक्रवार को पीड़ित परिवार और संबंधित डॉक्टर को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा अभी तक मामला दर्ज न किए जाने पर परिजन पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात न होने पर उन्होंने रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजकर केस दर्ज करने की मांग की है।
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