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    ‘​फैसला कर ले नहीं तो उठा ले जाएंगे’:अलीगढ़ में स्कूल संचालक की छेड़छाड़ और धमकी से 8वीं की छात्रा ने की खुदकुशी

    2 hours ago

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    ‘फैसला कर ले, वरना पूरे खानदान को मार देंगे और तुझे उठा ले जाएंगे…’ स्कूल संचालक की बहू के ये शब्द एक 14 साल की छेड़छाड़ पीड़ित छात्रा के जेहन में इस कदर घर कर गए कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। अलीगढ़ के थाना पालीमुकीमपुर क्षेत्र के रहने वाले छात्रा के पिता का आरोप है कि एडुबैब इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मालिक ने उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। इसके बाद स्कूल प्रबंधक की पुत्रवधू ने समझौता करने का दबाव डालते हुए परिवार को मारने और छात्रा को उठा ले जाने की धमकी दी। हैरान करने वाली बात है कि गरीब परिवार डेढ़ महीने से पुलिस के चक्कर काट रहा था, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। अब छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने शुक्रवार को स्कूल प्रबंधक के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। छेड़छाड़ के बाद दी बदनाम करने की धमकी ​पीड़ित पिता ने बताया कि स्कूल संचालक उमेश अतरौली के गांव कुंजलपुर का रहने वाला है। बेटी उसी के स्कूल में 8वीं कक्षा की छात्रा थी। बेटी उससे ट्यूशन भी पढ़ती थी। आरोप है कि 20 दिसंबर 2025 को बेटी ट्यूशन पढ़ने गई थी। वहां पर उमेश ने छात्रा से अभद्रता और छेड़छाड़ की। इसका विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी। टीचर ने बनाई छात्रा की फर्जी आईडी इसके बाद लगातार छात्रा के साथ छेड़छाड़ होने लगी। इसी का फायदा उठाकर स्कूल की शिक्षिका ने भी छात्रा को परेशान करना शुरू कर दिया। पिता का आरोप है कि वह छात्रा पर गलत काम का दबाव बनाने लगी। इस का विरोध करने पर उसने छात्रा को पीटा और बाद में उसकी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बना डाली। आईडी से किया गया बदनाम इसके बाद शिक्षिका ने उस आईडी से लड़कों से चैट करना शुरू कर दिया। आपत्तिजनक मैसेज भेजे जाने लगे। इससे छात्रा और भी मानसिक दबाव में आ गई। एक तरफ लगातार स्कूल संचालक उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था। वहीं, दूसरी तरफ शिक्षिका के फर्जी आईडी बनाने से अन्य लड़के भी छात्रा को परेशान करने लगे। एफआईआर के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई छात्रा के पिता का आरोप है कि 14 फरवरी को उनकी बेटी मेले में गई थी। यहां पर स्कूल प्रबंधक के गांव के ही एक लड़के ने उससे बात करने के लिए दबाव डाला। किशोरी के मना करने पर लड़के ने उसके घर पर सोशल मीडिया पर की गई चैट के बारे में बताने की धमकी दी। कई दिनों से परेशान चल रही छात्रा पर जब परिजन ने दबाव डाला तो उसने पूरा वाकया बता दिया। इसके बाद छात्रा ने फरवरी में ही आरोपी स्कूल संचालक, शिक्षिका और मेले में परेशान करने वाले लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मानसिक रोगी बनी छात्रा पिता का आरोप है कि बेटी के दिमाग पर इन घटनाओं का इतना गहरा असर हुआ कि उसे मानसिक रोगी को हो गई। अलीगढ़ और आगरा के डॉक्टरों से उसका इलाज कराया गया। अब वह सही होने लगी थी, लेकिन स्कूल प्रबंधक का बेटा और बहू उसे प्रताड़ित करने लगे। घर के सामने से निकलते थे आरोपी मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के लिए स्कूल संचालक का बेटा निशांत और उसकी पत्नी रोजाना उसके घर के सामने से निकलते थे। आरोप है कि उन लोगों पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित का आरोप है एफआईआर होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते उन्हें और बेटी को आए दिन धमकी दी जा रही थी। स्कूल संचालक की बहू देखकर बेहोश हो जाती थी छात्रा आरोप है कि स्कूल संचालक की पुत्रवधू ने घर आकर धमकी दी थी कि यदि केस वापस नहीं लिया तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे और उसे उठा ले जाएंगे। आरोपियों का खौफ छात्रा के दिमाग पर इस कदर हावी था कि वह आरोपी की पुत्रवधू को देखकर डर के मारे बेहोश हो जाती थी। पुलिस की लापरवाही से गई छात्रा की जान इस मामले में पीड़ित परिजन ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि 22 फरवरी को ही छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज हो गया था, लेकिन डेढ़ महीने तक पुलिस केवल जांच का बहाना बनाकर टालती रही। थाना प्रभारी रवि चंद्रवाल का कहना है कि उस समय गिरफ्तारी की धाराएं नहीं थीं। स्कूल प्रबंधक का मामला होने के कारण उस समय मुकदमा साजिश के तहत दर्ज कराने का लग रहा था। पुलिस की इसी सोच ने आरोपियों के हौसले बुलंद कर दिए, जिससे वे खुलेआम घूमकर गरीब परिवार को धमकाते रहे। ​बुआ के घर भी नहीं मिला सुकून, मौत को लगाया गले बेटी को डरावनी यादों और धमकियों से दूर रखने के लिए पिता उसे बुलंदशहर के एक गांव में उसकी बुआ के घर छोड़ आए थे। वहां उसका इलाज चल रहा था और परिवार को उम्मीद थी कि वह ठीक हो जाएगी। लेकिन आरोपियों के डर की वजह से गुरुवार सुबह करीब 7 बजे जब घर के लोग रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, छात्रा ने कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मौत पर जागी पुलिस, एक आरोपी गिरफ्तार छात्रा की मौत की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिस पुलिस ने डेढ़ महीने तक जांच के नाम पर फाइल दबा रखी थी, उसने आनन-फानन में देर रात आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने संचालक के बेटे निशांत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी प्रबंधक और उसकी बहू के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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