Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गरीब ओबीसी बेटियों के 'हाथ पीले' कराएगी योगी सरकार:एक साल में 1 लाख से ज्यादा परिवारों को मिली मदद; सीधे खाते में पहुंचे 20 हजार रुपए

    3 hours ago

    2

    0

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के गरीब परिवारों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी है। आर्थिक तंगी की वजह से जो परिवार अपनी बेटियों की शादी को लेकर चिंतित रहते थे, उनके लिए 'शादी अनुदान योजना' वरदान साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार ने 1,16,000 से अधिक बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस मद में सरकार ने कुल 232 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो दर्शाता है कि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। सालाना 1 लाख तक की आय वाले परिवार हैं पात्र इस योजना का लाभ उन परिवारों को दिया जा रहा है जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। सरकार प्रत्येक बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना के नियमों के अनुसार, शादी के समय लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे न केवल गरीब परिवारों को सहारा मिल रहा है, बल्कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर भी रोक लग रही है। विकलांग और विधवा परिवारों को वरीयता योगी सरकार ने इस योजना में समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों का विशेष ध्यान रखा है। आवेदन करने वालों में अगर कोई विकलांग है, विधवा है, भूमिहीन है या किसी दैवीय आपदा का शिकार हुआ है, तो उसे प्राथमिकता दी जाती है। योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। शादी की तारीख से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में बीडीओ और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम स्तर पर आवेदनों का सत्यापन किया जाता है। आधार और पीएफएमएस से बिचौलियों का खेल खत्म योजना में धांधली रोकने के लिए सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं। साल 2023-24 से आवेदक और बेटी दोनों का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे केवल असली पात्रों को ही लाभ मिल पा रहा है। भुगतान के लिए पीएफएमएस (PFMS) सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जिससे पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे खाते में पहुंचता है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी लाभार्थियों का चयन करती है, जिसमें स्थानीय सांसदों और विधायकों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    यूपी में पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार:तीन जिलों के 17 तीर्थों के लिए सरकार ने खोला खजाना, चित्रकूट और चंदौली के घाटों का होगा कायाकल्प
    Next Article
    यूपी विधानसभा में विपक्ष की 'घेराबंदी':मजहबी आरक्षण के मुद्दे पर सीएम योगी ने सपा को याद दिलाया 1947 का विभाजन, निंदा प्रस्ताव पारित

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment