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    हनुमत निवास में गूंज रही श्रीरामजन्मोत्सव की बधाईयां:महंत मिथिलेशनंदिनी शरण ने नोट उड़ाए, गुलाब जल से स्वागत किया,मगन होकर तालियां बजाते रहे

    3 hours ago

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    अयोध्या के सिद्ध हनुमत पीठ हनुमत निवास में श्रीारामजन्मोत्सव की छटा निराली है।यहां अयोध्या के प्रसिद्ध कलाकारों सहित कई प्रदेश के कलाकार श्री हनुमान के सामने श्रीरामजन्मोत्सव की बधाईयां गा रहे हैं।मंदिर के महंत व देश के प्रसिद्ध विद्वान डॉ मिथिलेश नंदिनी शरण इस उत्सव में मगन हैं। वे न केवल कलाकारों को बधाईयों के टिप्स देते हैं बल्कि उनके गायकों के साथ वादकों की युगलबंदी का निर्देश देते हैं। जब बधाईयां चरम पर होती हैं तो वे प्रसन्न होकर न केवल नोट उड़ाते हैं बल्कि गुलाब जल छिड़क कर और पुष्प वर्षा करके संतों और श्रद्धालुओं का महोत्सव में स्वागत भी करते हैं। यहां प्रसिद्ध गायकों में मानस बाबा विनोद शरण सिया लाडली शरण भोला बाबा आदि ने अपने गायन और वादन के जरिए संतों और भक्तों को भाव विभोर कर दिया।इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। हनुमत निवास में भक्ति का जो अनुपम वातावरण सृजित हो रहा है, वह श्रद्धालुओं के मन को सहज ही भक्तिरस में सराबोर कर देता है। मंदिर परिसर में चल रहे नवाहपरायण, श्रीराम नाम संकीर्तन एवं शांतिकालीन बेला से लेकर देर रात्रि तक गूंजती बधाई-गायन की मधुर ध्वनियाँ समूचे वातावरण को अलौकिक बना रही हैं। विशेष रूप से बधाई गण की प्रस्तुति यहाँ का प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। इन बधाइयों में न केवल संगीत की मधुरता है, बल्कि उनमें भक्ति, भावना और परंपरा का अद्भुत समन्वय भी देखने को मिलता है। अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न प्रांतों से आए नामी कलाकार अपनी विशिष्ट शैली में ठाकुर जी के समक्ष बधाई प्रस्तुत कर रहे हैं। इन प्रस्तुतियों में लोकधुनों की सरलता, शास्त्रीयता की गरिमा और भक्तिरस की गहराई का अद्भुत संगम दिखाई देता है। मंदिर के महंत मिथिलेशनंदिनी शरण के सानिध्य में यह समूचा आयोजन अत्यंत गरिमामय रूप से संपन्न हो रहा है। उनकी प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बधाई मानो स्वयं प्रभु के श्रीचरणों में अर्पित भक्ति-सुमन बन जाती है। कलाकार अपनी स्वर-साधना और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को जीवंत कर देते हैं, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं। श्रीराम नाम संकीर्तन के दौरान जब समवेत स्वर में ‘राम नाम’ की गूंज उठती है, तो वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। वहीं शांतिकालीन बेला में प्रस्तुत बधाई-गायन भक्तों के हृदय को आनंद और शांति से परिपूर्ण कर देता है। देर रात्रि तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सम्मिलित होकर प्रभु की महिमा का रसास्वादन करते हैं। सम्पूर्ण आयोजन यह संदेश देता है कि भक्ति केवल उपासना नहीं, बल्कि आनंद और आत्मिक संतोष का माध्यम भी है। हनुमत निवास में आयोजित यह श्रीराम जन्मोत्सव न केवल धार्मिक परंपराओं को सशक्त कर रहा है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रहा है। यहाँ की बधाई-गायन परंपरा श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव बनकर उभर रहा है, जो उन्हें बार-बार इस पावन धरा की ओर आकर्षित करती है। अब हम आपको उत्सव को कुछ विसुअल के जरिए दिखाते हैं
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