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    हरियाणा-गोल्ड मेडलिस्ट को ₹3 करोड़ की जगह ₹7.50 लाख मिले:खेल विभाग ने रिकॉर्ड में पार्टिसिपेंट दिखाया; अधिकारी बोले- क्लेरिकल मिस्टेक हुई

    10 hours ago

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    भिवानी में 30 अक्टूबर को हुए प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह में खेल विभाग की बड़ी चूक सामने आई। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली जींद के रिटोली गांव की तीरंदाज कीर्ति शर्मा को विभाग ने रिकॉर्ड में पार्टिसिपेंट दिखा दिया। इस कारण उन्हें 3 करोड़ रुपए के पुरस्कार की जगह केवल 7 लाख 50 हजार रुपए का चेक दिया गया। मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। अब अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं और इसे क्लेरिकल मिस्टेक बता रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कीर्ति को जल्द पूरा सम्मान दिलाने और चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। 30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एशियन और पैरा एशियन गेम्स के 132 खिलाड़ियों को कुल करीब 189.38 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि चेक के रूप में दी थी। इसी समारोह में रिकॉर्ड की गलती के कारण कीर्ति को पूरा पुरस्कार नहीं मिला। कीर्ति ने CM सैनी को लेटर लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित किया था। जींद से नीरू ढांडा के साथ कीर्ति शर्मा भी सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों में शामिल थीं। सम्मान समारोह में अनदेखी से आहत कीर्ति शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने और प्रधानमंत्री आवास पर हुए सम्मान का जिक्र किया। साथ ही प्रदेश स्तरीय समारोह में सम्मान से वंचित रहने पर अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने मुख्यमंत्री से दूसरे मेडल विजेता खिलाड़ियों की तरह सम्मान के साथ अपना हक दिलाने का अनुरोध किया। फोन पर मंत्री अरविंद शर्मा को भी बताई बात कीर्ति शर्मा ने टेलीफोन पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा से बात कर अपनी अनदेखी का दर्द बताया। मंत्री ने उन्हें जल्द पूरा सम्मान दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही कहा कि इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बातचीत के दौरान मंत्री ने कीर्ति को अपने आवास पर भी आमंत्रित किया। पिता बोले- एक हफ्ते पहले जमा करा दिए थे दस्तावेज कीर्ति के पिता विजय शर्मा ने बताया कि कीर्ति और नीरू ढांडा के दस्तावेज एक ही दिन जमा कराए गए थे। विभाग ने जो एन एक्सरे मांगे थे, वे भी सम्मान समारोह से एक हफ्ते पहले जिला खेल विभाग में जमा करा दिए थे। इसके बावजूद गोल्ड मेडल विजेता वेटी को प्रतिभागी दिखा दिया गया। इससे उन्हें और उनके परिवार को धक्का लगा है। यह चूक कहां और कैसे हुई, इसका पता सरकार के स्तर पर ही लगाया जा सकता है। DSO बोले- जल्द मिलेगा 3 करोड़ के अवॉर्ड का लेटर जिला खेल अधिकारी रामपाल हुड्डा ने कहा कि सभी दस्तावेज पंचकूला मुख्यालय भेज दिए गए थे। एशियन गेम्स में 7 पदक जीतने वाले अपने खिलाड़ियों पर विभाग को गर्व है। क्लेरिकल मिस्टेक के कारण कीर्ति के साथ ऐसा हुआ। उन्हें जल्द ही 3 करोड़ रुपए के अवॉर्ड का ऑफर लेटर मिल जाएगा। यह उनका अधिकार भी है। 15 साल की उम्र में शुरू की तीरंदाजी कीर्ति शर्मा ने बेहद साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। परिवार में पिता विजय शर्मा, मां गुड्‌डी देवी, दादा राम जुआरी और दादी भरपाई देवी हैं। कीर्ति ने 15 साल की उम्र में पिल्लूखेड़ा के प्राइवेट स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ते हुए कोच उधम सिंह के कहने पर तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया था। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। नया धनुष महंगा होने के कारण पिता विजय शर्मा ने स्कूल से 5 हजार रुपए में पुराना धनुष खरीदकर दिया। साल 2022 में झारखंड के हजारीबाग स्थित पदमा साई में चयन के दौरान कीर्ति को नए धनुष की जरूरत पड़ी। इसके लिए पिता ने आढ़ती से 60 हजार रुपए ब्याज पर लेकर पटियाला से धनुष खरीदा। बाद में साई की ओर से कीर्ति को 5 लाख रुपए का धनुष दिलवाया गया। 10वीं और 12वीं में 90% से ज्यादा अंक कीर्ति खेलों के साथ पढ़ाई में भी अच्छी हैं। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की परीक्षा 90% अंकों के साथ पास की थी। इसके बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से आर्ट्स में 12वीं की परीक्षा भी 90% से अधिक अंकों के साथ पास की। फिलहाल कीर्ति पानीपत के गांव अहर-कुराना स्थित कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। खेलों में उपलब्धियों के दम पर उन्हें सितंबर में ही BSF में कॉन्स्टेबल की नौकरी मिली है। हालांकि, अभी उन्हें स्टेशन अलॉट नहीं हुआ है।
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