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    Haridwar में Biryani पर संतों का ऐतराज: 'देवभूमि' की पवित्रता बनाए रखने को 'वेज पुलाव' नाम की मांग

    10 hours ago

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    हरिद्वार के अखंड परशुराम अखाड़ा के संतों ने एक अभियान शुरू किया है जिसमें भोजनालयों से अपने साइनबोर्ड और मेनू से 'बिरयानी' शब्द हटाने का आग्रह किया गया है। उनका प्रस्ताव है कि पवित्र शहर की धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए 'वेज बिरयानी' का नाम बदलकर 'वेज पुलाव' कर दिया जाए। संतों ने हरिद्वार भर में विभिन्न खाद्य विक्रेताओं का दौरा किया और दावा किया कि चूंकि 'बिरयानी' पारंपरिक रूप से मांसाहारी भोजन से जुड़ी है, इसलिए इस पवित्र धार्मिक स्थल पर इसका उपयोग अनुचित है और इससे स्थानीय निवासियों और आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand में CM Dhami की बड़ी पहल, 97 लाख पेंशनर्स के खातों में भेजे 176 करोड़ रुपयेअखंड परशुराम अखाड़ा के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित बदलाव से विक्रेताओं के व्यवसाय पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे सनातनी समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा। अखाड़ा के एक सदस्य ने कहा कि हरिद्वार एक पवित्र नगर है। हमने दुकानदारों से आग्रह किया है कि मांस से बने व्यंजनों के पर्याय माने जाने वाले इस पकवान को यहाँ ‘बिरयानी’ के नाम से न बेचा जाए। हमने उनसे इसे ‘वेज पुलाव’ के नाम से बेचने को कहा है।भगवताचार्य पंडित पवन शास्त्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगर है और इसकी संस्कृति स्वाभाविक रूप से सात्विक (शुद्ध/शाकाहारी) है। बिरयानी शब्द का नाम सुनते ही मांसाहारी भोजन का ख्याल आता है, जो इस देवभूमि की गरिमा के विरुद्ध है। हमने सभी दुकानदारों से अनुरोध किया है कि वे अपने मेनू और साइनबोर्ड पर बिरयानी शब्द के स्थान पर 'वेज पुलाव' लिखें। इससे उनके व्यवसाय पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही सनातनी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। यदि कोई इसके बाद भी बिरयानी शब्द का प्रयोग करता रहेगा, तो हम उसके खिलाफ औपचारिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand Trek पर MBA छात्रा रहस्यमय ढंग से लापता! 'फर्जी परमिट' देने वाली एजेंसी सस्पेंड, 150 जवानों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारीअखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि हरिद्वार एक पवित्र तीर्थ स्थल है। हमने देखा है कि कई स्टॉल 'वेज बिरयानी' के नाम से भोजन बेच रहे हैं। चूंकि 'बिरयानी' शब्द ही मांसाहारी व्यंजनों से जुड़ा है, इसलिए इस पवित्र भूमि के लिए यह शब्द उपयुक्त नहीं है। हमने दुकानदारों से 'बिरयानी' शब्द हटाने और इसके बजाय 'वेज पुलाव' बेचने की अपील की है। हमारा उद्देश्य शहर की पवित्रता और धार्मिक वातावरण को बनाए रखना है। हम सभी विक्रेताओं से अनुरोध करते हैं कि वे इस अनुरोध में सहयोग करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न हो। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 
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