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    हिट एंड रन 60 केस चिन्हित किए गए:पीड़ितों को मिलेगी मदद, मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे

    13 hours ago

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    जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने एनएचएआई गोरखपुर व गाजीपुर के प्रतिनिधियों को चिन्हित स्थलों पर लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा पीडब्ल्यूडी के लिए चिन्हित 113 स्थानों का जल्द सर्वे कर शासन को प्रस्ताव भेजने को भी कहा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ऐसे अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, जहां कैशलेस उपचार और आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज संभव है। हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए सीओ सिटी क्रिश राजपूत ने बताया कि 2024 से अब तक 60 आरोपित चिन्हित किए गए हैं। इन मामलों में मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि दी जानी है। जिलाधिकारी ने संबंधित मामलों में शीघ्र आवेदन देकर सहायता राशि प्राप्त करने की अपील की। समीक्षा में पाया गया कि बड़े कमर्शियल वाहन और ओवरस्पीडिंग दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। इस पर जिलाधिकारी ने एआरटीओ व ट्रैफिक इंस्पेक्टर को वाहन मालिकों के साथ बैठक कर प्रशिक्षित ड्राइवरों की तैनाती सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही, पैदल यात्रियों, साइकिल व दोपहिया चालकों की लापरवाही को भी दुर्घटनाओं का कारण बताया गया, जिस पर जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और सीओ सिटी को सड़कों के किनारे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद के तीन क्रिटिकल कॉरिडोर और 10 क्रिटिकल प्वाइंट्स चिन्हित कर शासन को भेजने को भी कहा। एआरटीओ की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी माह में बिना हेलमेट के 304, बिना सीट बेल्ट के 52, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 17, ड्रंकन ड्राइव के 7, मोबाइल प्रयोग के 23, ओवरलोडिंग के 14, बिना लाइसेंस के 2, मानक विहीन स्कूली वाहन के 4 तथा बिना फिटनेस के 17 वाहनों के चालान किए गए। समीक्षा में सामने आया कि 70 प्रतिशत दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण ओवरस्पीडिंग है, जिस पर जिलाधिकारी ने विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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