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    हत्यारोपी बेटा बोला- पापा अय्याश थे, लड़कियों पर पैसे लुटाते:मुझे खर्चा नहीं देते; कानपुर में हत्यारों को पत्नी का नाम बताने को कहा

    13 hours ago

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    "मुझे अपने पिता की हत्या कराने का कोई मलाल नहीं है, वो लड़कीबाज थे। मैं पैसा मांगता तो मना कर देते थे और हर संडे लड़कियों पर हजारों रुपए उड़ाते थे।" ये बातें गुरुवार को कानपुर के करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा के हत्यारोपी बेटे सुब्रत ने कहीं। सुब्रत ने पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस कमिश्नर से कहा- सर मैं हत्या के दिन से सोच रहा था कि आप मुझे गिरफ्तार कर लेंगे। मीडिया से सुब्रत ने कहा- मेरे पिता बहुत ही अय्याश किस्म थे। मैंने अपने पिता की हत्या इसलिए की, क्योंकि वो लड़कीबाजी करते थे। मेरे पैसे मांगने पर कहते थे बहुत खर्चा हो गया है। मैं शालू के जेल जाने के बाद बहुत पछता रहा था। इस वजह से मैं नींद की गोलियां लेने लगा था। अगर मैं अरेस्ट न होता तो नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर लेता। मैंने पिता की हत्या की सुपारी देकर नौकर विशाल से कहा था कि पिता का एक्सीडेंट करा दो, लेकिन उसने मना कर दिया। फिर मैंने हत्या को हार्ट अटैक में बदलने की साजिश रची। मैंने विशाल और राजकिशोर से कहा था कि एक आदमी हाथ-पैर पकड़ेगा और दूसरा तकिए से मुंह दबाएगा। लेकिन, उसने चाकू से गोदकर मार डाला। पढ़िए पुलिस कस्टडी रिमांड में क्या बातें सामने आई… बहू बोली- मेरे पति को छोड़ दीजिए, मुझे जेल में रहने दीजिए कारोबारी की हत्या के आरोप में नौकर विशाल ने पहले बहू शालू को फंसाया था। इसके बाद बहू शालू जेल भेजी गई। अब गुरुवार को मामला पलटा और पता चला कि बेटे सुब्रत ने पिता की हत्या की सुपारी नौकर विशाल को दी थी। उसने कहा था कि पकड़े जाने पर शालू को फंसा देना। इस खुलासे के बावजूद शालू गुरुवार को पुलिस अफसरों के सामने फूट–फूटकर रोने लगी। उसने कहा कि मेरे पति को छोड़ दीजिए। उनकी जगह मैं जेल जाने को तैयार हूं, मुझे नहीं मालूम था कि मेरे ससुर की हत्या में मेरे पति का हाथ है। अगर मुझे ऐसा पहले ही पता होता तो सारे इल्जाम मैं अपने ऊपर ले लेती। लखनऊ से आए शालू के भाई धीरज अरोड़ा ने दैनिक भास्कर के बातचीत की। उन्होंने कहा- पुलिस के इस खुलासे से मेरा पूरा परिवार हैरान है। परिवार यह सोच रहा है कि आखिर सुब्रत ने ऐसा क्यों किया? सुब्रत पर काफी कर्ज भी था। शालू के कहने पर सुब्रत को एक साल पहले 14 लाख रुपए भी दिए थे। सुब्रत और शालू के रिश्ते के बारे में भी धीरज ने बताया। उन्होंने बताया कि शालू ने परिवार को सुब्रत की शराब और सट्टे की लत के बारे में बताया था। कुछ समय बाद दोनों के बीच स्थिति सामान्य हो गई थी। गर्मी की छुट्टियों में शालू मायके आई थी। इसी दौरान सुब्रत के शराब पीकर एक्सीडेंट होने की जानकारी मिली। शालू अपने पति की सेहत को लेकर काफी परेशान रहती थी। 18 दिन से बेटे को नहीं देखा, पुलिस ने कराई वीडियो कॉल 6 सितंबर को पुलिस ने ससुर की हत्या के आरोप में बहू शालू को जेल भेजा था, जिसके बाद से उसका 5 साल का बेटा अपने ननिहाल में है। शालू के भाई धीरज अरोड़ा जब जेल जाकर बहन से मिलते तो शालू अपने बेटे को लेकर बेचैन हो जाती थी। गुरुवार को शालू को पूछताछ के लिए लाया गया तो वह बार-बार बेटे की एक झलक के लिए बेचैन दिखी। कई बार वह बेटे की याद में खूब रोई। अधिकारियों ने जब पूछताछ शुरू की तो वह उनसे बोली कि सर, प्लीज एक बार बेटे से बात करा दीजिए। कई बार मिन्नतों के बाद अधिकारियों ने वीडियो कॉल के जरिए बेटे की मां से बात कराई। तब शालू बच्चे का नाम लेते हुए फफक पड़ी। परिवार ने ढांढस बंधाने का प्रयास किया तो वह अपनी मां से बोली कि मेरे बच्चे का ख्याल रखना। वकील बोले- पुलिस के एप्लिकेशन के बाद होगी शालू की रिहाई इस पूरे मामले में शालू के वकील शिवाकांत दीक्षित ने कहा कि अब शालू की रिहाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही कोर्ट में एप्लिकेशन दाखिल किया जाएगा। इसके आधार पर शालू की रिहाई कराने की कोशिश होगी। शालू की गिरफ्तारी पर वकील ने कहा कि उस समय की परिस्थितियों के बारे में पुलिस ही बता सकती है। अब सामने आया है कि सुब्रत ने साजिश के तहत शालू को फंसाया था। पुलिस के खुलासे में भी ये बातें सामने आई हैं। सुब्रत ने पत्नी शालू को फंसाने की पूरी योजना बनाई पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि सुब्रत ने शालू को फंसाने की पूरी योजना बनाई थी। उसने ही शालू को विशाल से फोन पर बात करने के लिए उसका नंबर दिया था। इसका मकसद कॉल डिटेल में दोनों की बातचीत दिखाना था। सुब्रत जब विशाल से मिलने जाता था, तो शालू को भी साथ ले जाता था। इससे दोनों की लोकेशन एक साथ आती थी। योजना के तहत सुब्रत ने शालू और विशाल को जेड स्क्वायर मॉल में खरीदारी के लिए भी साथ भेजा। इस दौरान वह खुद कार में बैठा रहा। पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना बनने के बाद विशाल ने 3 सितंबर को शुभम के नाम से नया सिम खरीदा। उसी दिन शाम 6:29 बजे सुब्रत ने विशाल को फोन किया। शाम 6:29 से 6:49 बजे के बीच दोनों के बीच चार बार बातचीत हुई। विशाल ने 3 सितंबर को अपना पुराना नंबर बंद कर दिया था। हत्या का शक शालू पर जाए, इसके लिए सुब्रत ने वॉट्सएप पर शालू को विशाल का नया नंबर भेजा। 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन दोपहर 12:44 बजे विशाल और शालू की बात हुई। शालू ने जन्माष्टमी के लिए विशाल से नए गिलास और अन्य सामान मंगाए थे। पुलिस के अनुसार, हत्या वाले दिन विशाल की सुब्रत से छह बार बात हुई। शालू से सात बार बातचीत हुई। उसी दिन सुब्रत ने शालू से कहा था कि गार्ड मदन सिंह को विशाल का नाम शुभम बताना। शालू ने गार्ड को उसका नाम शुभम ही बताया। सुब्रत के लीगल एडवाइजर ने कहा था- अपने बयानों पर अड़े रहना पूछताछ में सामने आया कि सुब्रत ने ही विशाल को फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाने को कहा था। विशाल ने गुमटी नंबर–5 से 100 रुपए में फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनाई थी। हालांकि, वह चाबी सुब्रत ने अपने पास ही रख ली थी। ओरिजनल चाबी से फ्लैट का दरवाजा खोला गया था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शालू की गिरफ्तारी के बाद सुब्रत को शक हो गया था कि जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी होगी। इसके चलते वह परिवार और वकीलों के संपर्क में आ गया था। सुब्रत के फंसने की जानकारी पर परिवार ने लीगल एडवाइजर से संपर्क किया था, जिस पर लीगल एडवाइजर ने सुब्रत को सलाह दी थी कि तुम अपने बयानों पर अड़े रहना। पुलिस उलझाने का प्रयास करेगी, लेकिन तुम परेशान मत होना। 1 मई से 5 सितंबर तक 258 बार बात की डिजिटल फुटप्रिंट जुटाने के दौरान हत्या से पहले परेड चौराहे, गुमटी, जेड स्क्वायर मॉल समेत कई स्थानों पर सुब्रत और विशाल की लोकेशन मिली। इलेक्ट्रॉनिक सबूत में सामने आया कि एक मई से लेकर 5 सितंबर तक विशाल और सुब्रत के बीच 258 बार बात हुई थी। शालू और विशाल के बीच 29 मई से 4 सितंबर तक 28 बार बात हुई थी। पुलिस को सुब्रत के मोबाइल की कई डिलीट चैट मिली। विशाल का नया नंबर भी शुभम नाम से उसके मोबाइल में सेव था, जबकि पुराना नंबर उसने डिलीट कर दिया था। पुलिस ने 6 मिनट 22 सेकेंड के ये बयान रिकॉर्ड कर जब शालू को भी पता चला कि उसका पति इस हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड है। ------------------- ये खबर भी पढ़िए- बेटा बोला-पिता को मरवाना ही था, तड़पकर मरे, इसका दुख: कानपुर में करोड़पति कारोबारी की बहू बेगुनाह निकली कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या बेटे सुब्रत (35) ने करवाई थी। बहू शालू (32) बेगुनाह निकली। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया- सुब्रत ही हत्या का मास्टरमाइंड है। बहू की रिहाई के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। पढ़ें पूरी खबर…
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