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    HC ने प्रदेशभर के कोषागारों में जांच के दिए आदेश:चित्रकूट पेंशन घोटाला, पेंशनर जोगवा देवी को अंतरिम जमानत का आदेश पारित

    3 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट कोषागार में सामने आए करोड़ों रुपए के पेंशन घोटाले के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के सभी कोषागारों में अनधिकृत पेंशन भुगतानों की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद कोषागार विभाग में हड़कंप मच गया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने पेंशनर जोगवा देवी को अंतरिम जमानत देते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। अदालत ने राज्य सरकार को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े संदिग्ध भुगतानों की गहन जांच कराने को कहा है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पेंशन जैसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। कोषागार विभाग में हड़कंप हाईकोर्ट के आदेश के बाद चित्रकूट जिला कोषागार कार्यालय रविवार को भी खुला रहा। कर्मचारी पुराने रिकॉर्ड खंगालते और फाइलों की जांच करते नजर आए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि सरकार स्थापना काल से अब तक के भुगतानों की व्यापक जांच कराती है, तो घोटाले की राशि, पीड़ितों की संख्या और बिचौलियों का नेटवर्क और भी बड़ा सामने आ सकता है। सूत्रों का दावा है कि इस घोटाले की कुल रकम 100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। पहले भी मिले थे अनियमितताओं के संकेत यह पेंशन घोटाला 17 अक्टूबर 2025 को मीडिया रिपोर्टों के जरिए उजागर हुआ था। उस समय संकेत मिले थे कि चित्रकूट के अलावा प्रदेश के कम से कम पांच अन्य कोषागारों में भी इसी तरह की अनियमितताएं हो सकती हैं, लेकिन तब कोई व्यापक जांच नहीं कराई गई। पूर्व में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी अधिकारियों को पेंशन और कोषागार से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने की चेतावनी दे चुके थे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। एसआईटी जांच तेज एसआईटी जांच के तहत रविवार को चार और पेंशनर अपनी सफाई देने चित्रकूट कोषागार पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए खुद को इस मामले से अनभिज्ञ बताया।जांच टीम अब पूर्व वरिष्ठ कोषाधिकारी और एटीओ से दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिन्हें पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जमानत के बाद भी परेशानी हालांकि हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद पेंशनर जोगवा देवी की मुश्किलें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। जोगवा देवी के पुत्र शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जेल से रिहाई के लिए दो जमानतदार नहीं मिल पा रहे हैं। बीते दो दिनों से प्रयास जारी है, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे रिहाई की प्रक्रिया अटकी हुई है।
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