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    IIT-BHU के न्यू एडमिशन स्टूडेंट का होगा ड्रग टेस्ट:2250 से ज्यादा विद्यार्थियों की यूरिन जांच की तैयारी, 9 सदस्यीय समिति बनी

    8 hours ago

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    IIT-BHU में इस सत्र में पहली बार नए दाखिला लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं की यूरिन आधारित ड्रग जांच कराई जाएगी। इसके लिए संस्थान ने नौ सदस्यीय समिति बनाई है, जिसमें IIT-BHU के प्रोफेसर और IMS-BHU के डॉक्टर शामिल हैं। कुलसचिव कार्यालय के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। समिति नए छात्रों की स्क्रीनिंग और जांच की निगरानी करेगी। जांच के दायरे में बीटेक, एमटेक, IDD और पीएचडी के 2250 से ज्यादा छात्र आएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही छात्रों के बैच के हिसाब से सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 2250 से ज्यादा छात्रों की होगी जांच संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, IIT-BHU में इस तरह की ड्रग जांच पहली बार कराई जा रही है। इस सत्र में नए प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक, इस सत्र में करीब 1550 छात्र बीटेक में दाखिला लेने वाले हैं। वहीं, एमटेक, IDD और पीएचडी समेत अन्य पाठ्यक्रमों में 700 से ज्यादा विद्यार्थी प्रवेश ले रहे हैं। प्रो. राजेश कुमार बने समिति के अध्यक्ष जांच व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाई गई नौ सदस्यीय समिति की अध्यक्षता डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजेश कुमार करेंगे। समिति में डीन ऑफ एजुकेशन वर्क प्रो. देवेंद्र सिंह और डॉ. मेघा झा को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, संकाय समन्वयक डॉ. अजीत कुमार मिश्रा, IMS-BHU के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी और जैव रसायन विभाग के अध्यक्ष प्रो. कमलेश पातुरकर समिति के सदस्य हैं। पैथोलॉजी विभाग की डॉ. दीपा रानी और संयोजक तुषार को भी समिति में शामिल किया गया है। गांजा, कोकीन और अन्य ड्रग्स की हो सकेगी जांच यूरिन आधारित जांच से गांजा, कोकीन, ओपिओइड्स और कुछ सिंथेटिक ड्रग्स जैसे पदार्थों के सेवन का पता लगाया जा सकता है। हालांकि, जांच में किसी पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि के लिए टेस्ट के नतीजों का चिकित्सकीय आकलन जरूरी होता है। यदि कोई छात्र डॉक्टर की सलाह पर ऐसी दवा ले रहा है, जिसका असर जांच के नतीजे पर पड़ सकता है, तो इस जानकारी को भी ध्यान में रखना होगा। नशामुक्त परिसर बनाने की तैयारी संस्थान प्रशासन का उद्देश्य परिसर में सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है। इसी दिशा में नए छात्रों की ड्रग स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर दाखिला रद्द किए जाने के संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए इसे लेकर अंतिम निर्णय या कार्रवाई के नियमों की पुष्टि जरूरी है।
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