Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    इंस्पेक्टर अरुण राय मौत मामले में चार्जशीट दाखिल:जालौन में सिपाही मीनाक्षी शर्मा पर हत्या का आरोप, 9 मार्च को पेशी

    8 hours ago

    1

    0

    जालौन के कुठौंद थाना में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का आरोप मजबूत किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है। उस दिन जिला कारागार उरई में बंद आरोपी मीनाक्षी शर्मा को भी अदालत में पेश किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण तथ्य चार्जशीट के अनुसार, हत्या का पहला और अहम आधार घटना के समय मीनाक्षी शर्मा का घटनास्थल पर मौजूद होना है। सीसीटीवी फुटेज में उसे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के सरकारी आवास में जाते हुए और गोली चलने के बाद वहां से बाहर निकलते हुए देखा गया है। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के सिर में गोली लगने के साथ-साथ सिर पर एक और गहरी चोट का निशान पाया गया है। जिसने मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सर्विलांस से भी कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। इन तकनीकी साक्ष्यों को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। जिन्हें हत्या के मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इन सभी साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई है। मामले की विवेचना अभी भी जारी है। आने वाले समय में अन्य साक्ष्य भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि 6 दिसंबर को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की पत्नी ने सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की और सभी साक्ष्य एकत्रित किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। हालांकि मामले की विवेचना अभी भी जारी है और कुछ अन्य साक्ष्य आने बाकी हैं। साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार एसपी के अनुसार, इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। टीम की निगरानी में पूरे मामले की गहन जांच की गई। वर्तमान में तैनात इंस्पेक्टर अजय पाठक ने विवेचना करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई होगी और संभावना है कि उसी दिन सीजेएम कोर्ट द्वारा मामले में कमिटल की कार्रवाई भी की जा सकती है। गौरतलब है कि 5 दिसंबर की रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की उनके सरकारी आवास पर गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के समय सिपाही मीनाक्षी शर्मा को उनके आवास से बाहर निकलते हुए देखा गया था। घटना के बाद से ही मामला चर्चा में रहा और पुलिस ने इसकी गंभीरता से जांच शुरू की थी। जुलाई-2024 में संपर्क में आए थे इंस्पेक्टर और महिला सिपाही पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंस्पेक्टर राय और मीनाक्षी जुलाई- 2024 में एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दोनों उस वक्त जालौन के कोंच थाने में तैनात थे। तभी उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। कोंच से उरई ट्रांसफर होने के बाद मीनाक्षी का इंस्पेक्टर राय के पास आना-जाना था। जब उनका ट्रांसफर कुठौंद थाने में किया गया तो वहां भी अक्सर मीनाक्षी आती थी। मीनाक्षी आई-फोन यूज करती थी। उसने हाल ही में 3 लाख का हार लिया था। चर्चा है, कि इंस्पेक्टर राय ने ही इसे दिलवाया था। डिपार्टमेंट में यह भी चर्चा है कि मीनाक्षी के पास इंस्पेक्टर के कुछ निजी वीडियो थे, जिसे लेकर वह उन्हें लगातार ब्लैकमेल करती थी। अब 25 लाख रुपए मांग रही थी। 1998 में सिपाही बने अरुण राय, ईमानदारी से नाम कमाया इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय 1998 में यूपी पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुए थे। उनके भतीजे प्रशांत राय ने बताया कि मेरे चाचा ने मेहनत और ईमानदारी से विभाग में नाम कमाया था। 2012 में उपनिरीक्षक पद पर विभागीय परीक्षा देकर प्रमोशन पाए थे, 2023 में इंस्पेक्टर बने थे। 2024 में जालौन ट्रांसफर के बाद उन्हें मीडिया सेल की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद कोंच कोतवाली और उरई कोतवाली में रहे। अच्छे काम को देखते हुए अगस्त, 2025 में कुठौंद थाने की कमान सौंपी गई थी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पीलीभीत की प्रियंका यादव को UPSC में 206वीं रैंक मिली:कहा- मैंने पापा का सपना पूरा किया, वो जहां भी होंगे खुश होंगे
    Next Article
    प्रेमिका के पिता, चचेरे भाई गिरफ्तार:प्रेम प्रसंग में युवक की लाठी-डंडों से पीटकर की थी हत्या

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment