Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    इटावा में केदारेश्वर मंदिर का VIDEO:अखिलेश यादव ने पोस्ट कर लिखा- जब कोई अदृश्य करवाता है, तभी ऐसा बड़ा काम आकार पाता है

    22 hours ago

    1

    0

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीडियो साझा करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, "जब कोई अदृश्य करवाता है, तभी ऐसा बड़ा काम आकार पाता है और दृश्यमान हो जाता है।" इटावा में यमुना नदी के तट पर निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर देशभर में लगातार चर्चा में बना हुआ है। मंदिर का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इसकी बनावट, धार्मिक महत्व और इससे जुड़े राजनीतिक संकेतों के कारण यह परियोजना सुर्खियों में है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर बन रहा यह मंदिर आस्था, संस्कृति और राजनीति के संगम के रूप में देखा जा रहा है। दो विजुअल देखिए जानकारी के अनुसार केदारेश्वर मंदिर का निर्माण इटावा लायन सफारी के सामने पूरी तरह पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली में किया जा रहा है। मंदिर की रूपरेखा उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर से प्रेरित है, ताकि श्रद्धालुओं को उसी तरह का आध्यात्मिक अनुभव मिल सके। मंदिर का निर्माण शिव शक्ति अक्ष रेखा के ऊपर स्थित है, जिसे धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग के लिए शिला नेपाल से लाई गई है। वहीं मंदिर परिसर में स्थापित नंदी की प्रतिमा दक्षिण भारत के मैसूर के प्रसिद्ध मंदिरों में मौजूद नंदी की तर्ज पर बनाई गई है। निर्माण में सीमेंट और सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया है। पत्थरों को जोड़ने के लिए प्राचीन तकनीक और विशेष पारंपरिक सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे मंदिर की उम्र लंबे समय तक बनी रहे। मंदिर के गर्भगृह और बाहरी हिस्सों में लगाए गए पत्थर दक्षिण भारत से मंगाए गए हैं। ये पत्थर बारिश और मौसम के प्रभाव को सहन करने में सक्षम माने जाते हैं। निर्माण कार्य में दक्षिण भारत से आए आधा सैंकड़ा कारीगर काम कर रहे हैं, जिससे यह मंदिर भारतीय शिल्प परंपरा का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। रविवार को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर केदारेश्वर मंदिर का एक वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि जब कोई अदृश्य करवाता है, तभी ऐसा बड़ा काम आकार पाता है और दृश्यमान हो जाता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह के अर्थ निकाले जा रहे हैं। हालांकि अखिलेश यादव पहले भी मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़े वीडियो साझा करते रहे हैं, लेकिन केदारेश्वर मंदिर को लेकर उनकी सक्रियता को खास महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि मंदिर के पूरा होने के बाद यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। स्थानीय लोगों में भी मंदिर को लेकर उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचते है। कुछ और तस्वीरें देखें
    Click here to Read more
    Prev Article
    गोंडा में सफाईकर्मियों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन:17 साल से सेवा नियमावली, पदोन्नति न होने पर विधायक को दिया ज्ञापन
    Next Article
    भाजपा को सरकारी संपत्तियों पर होर्डिंग्स लगाने की छूट क्यों:अयोध्या में कांग्रेस नेता बोले-विपक्ष को पोस्टर लगाने पर FIR की धमकी दी जाती है

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment