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    जौहर यूनिवर्सिटी मामले में कमिश्नर संगीता सिंह ने की सुनवाई:रामपुर DM ने दिया था 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश

    3 hours ago

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    रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में शुक्रवार को मुरादाबाद की कमिश्नर संगीता सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। यूनिवर्सिटी की ओर से पक्ष रखने वाले सीनियर एडवोकेट जुनैद एजाज ने बताया की उन्होंने डीएम रामपुर से यूनिवर्सिटी के नक्शे तलब करने की गुजारिश की थी, जिसे कमिश्नर कोर्ट ने इस शर्त के साथ स्वीकार कर लिया है कि जौहर यूनिवर्सिटी को इस बात का सुबूत देना होगा कि यूनिवर्सिटी ने जिलाधिकारी को यह नक्शे उपलब्ध कराए थे। दरअसल 15 जुलाई 2026 को रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जिलाधिकारी रामपुर ने आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारत को अवैध बताते हुए इन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया था। रामपुर विकास प्राधिकरण का कहना था कि इन 38 इमारत का मानचित्र पास नहीं कराया गया है जबकि केवल दो इमारतें ऐसी हैं जिनका मानचित्र जिला पंचायत से पास कराया गया था। रामपुर डीएम के आदेश के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और मुरादाबाद मंडल की कमिश्नर की अदालत में याचिका दाखिल की थी। तत्कालीन कमिश्नर आञ्जनेय कुमार सिंह की कोर्ट में इस मामले में सुनवाई करते हुए डीएम रामपुर के आदेश को स्टे कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी से सभी इमारत के मानचित्र दाखिल करने के लिए कहा था जौहर ट्रस्ट की ओर से कमिश्नर कोर्ट में पेश हुए सीनियर एडवोकेट जुनैद एजाज का तर्क था कि जिला पंचायत से मानचित्र का नोटिफिकेशन 2012 का है, जबकि यूनिवर्सिटी की ज्यादातर इमारतें उसके पूर्व ही बन चुकी थी। इस पर कमिश्नर कोर्ट ने ट्रस्ट से मानचित्रो की प्रति कोर्ट में दाखिल करने के लिए कहा था। लेकिन मानचित्र प्रस्तुत करने की बजाए जौहर ट्रस्ट ने कहा कि पीडब्ल्यूडी और लेबर डिपार्टमेंट के जरिए पूर्व में ही यह सभी मानचित्र डीएम रामपुर को उपलब्ध कराए जा चुके हैं इसलिए कोर्ट ट्रस्ट से मानचित्र को मांगने के बजाय डीएम रामपुर से मानचित्र तालाब करे। एडवोकेट जुनैद आजाद ने बताया की पूर्व कमिश्नर आञ्जनेय कुमार सिंह ने यह कहते हुए उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था की साक्ष्य प्रस्तुत करना ट्रस्ट की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मंडल जुनैद एजाज ने बताया कि मौजूदा आयुक्त संगीता सिंह के सामने भी उन्होंने यही तर्क प्रस्तुत किया जिस पर मंडलायुक्त ने जौहर ट्रस्ट को राहत देते हुए कहा कि वह डीएम रामपुर से रिकार्ड तलब कर लेंगी लेकिन जौहर ट्रस्ट को इस बात के साक्ष्य देने होंगे कि उन्होंने यूनिवर्सिटी के बताए गए मानचित्र जिलाधिकारी रामपुर को पूर्व में उपलब्ध करा रखे हैं। इसके बाद ही डीएम से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया जाएगा।
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