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    जालौन में जीरो टॉलरेंस नीति पर डीएम का प्रहार:रूदावली में अनियमितताओं पर सचिव निलंबित, प्रधान को नोटिस; 1.25 लाख रुपए रिकवरी

    2 hours ago

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    जालौन की ग्राम पंचायत रूदावली में विकास कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है, जबकि ग्राम प्रधान को पंचायत राज अधिनियम की धारा 95-जी के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके अतिरिक्त, 1,25,341 रुपये की रिकवरी के भी निर्देश दिए गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब भगवान सिंह ने तत्कालीन जिलाधिकारी से ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, 3 जनवरी 2023 को एक दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। इसमें भूमि संरक्षण अधिकारी और अधिशासी अभियंता जल निगम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच प्रक्रिया में बदलाव के कारण प्रकरण प्रभावित पंचायत सहायक मोहिनी द्वारा की गई शिकायत को भी इस जांच में शामिल किया जाना था। हालांकि, जांच प्रक्रिया में बदलाव के कारण यह प्रकरण प्रभावित हुआ और लंबित होता चला गया। बाद में यह मामला उच्च न्यायालय और लोकायुक्त तक पहुंचा, जहां से इसके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। जांच में पाया गया कि इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में लगभग 8 मीटर कम निर्माण किया गया था। इससे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे। वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से 1,25,341 रुपये की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने में आनाकानी जांच के दौरान पंचायत सचिव रोहित कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उन्होंने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने में भी आनाकानी की, जिससे मामले के निस्तारण में देरी हुई। इस गंभीर लापरवाही के चलते जिला विकास अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और कर्तव्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
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