Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जालौन में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती:पारदर्शिता अनिवार्य, अभिभावकों को मिलेगी राहत

    11 hours ago

    2

    0

    जालौन जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर अब लगाम कसने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर फीस व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम-2018 एवं संशोधन-2020 के तहत लागू की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाना है। जारी निर्देशों के अनुसार, जनपद के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय, चाहे वे बेसिक, माध्यमिक, सीबीएसई या आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध हों, को नए शैक्षणिक सत्र से पहले अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पूर्व अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस का पूरा विवरण प्रदर्शित करना होगा, ताकि अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके। इसके साथ ही फीस वसूली को लेकर भी नियम तय कर दिए गए हैं। अब विद्यालय केवल मासिक, तिमाही या छमाही किस्तों में ही फीस ले सकेंगे, जबकि एकमुश्त वार्षिक शुल्क लेने पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सत्र के बीच में बिना अनुमति फीस बढ़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। समिति की अनुमति जरूरी इसके अलावा, किसी भी प्रकार की फीस के बदले रसीद देना अनिवार्य होगा और विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। यूनिफॉर्म में अनावश्यक बदलाव पर भी रोक लगाई गई है और पांच वर्ष से पहले बदलाव के लिए समिति की अनुमति जरूरी होगी। यदि कोई विद्यालय फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे कम से कम तीन माह पूर्व जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। बिना अनुमति फीस बढ़ाने या नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 5 लाख रुपये तक का जुर्माना पहली बार उल्लंघन पर अधिक वसूली गई फीस वापस कराई जाएगी और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि दोबारा गलती पर पुनः धनवापसी के साथ 1 लाख रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगेगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाएगा जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को राहत मिल सकेगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी विद्यालयों में इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सिपाही और बेटे को पति ने कार में जिंदा जलाया:इंश्योरेंस और मुआवजे की रकम के लिए साजिश रची थी
    Next Article
    लखनऊ में वाहन ने महिला को कुचला, मौत:सैरपुर इलाके में सड़क पार कर रही थी, 15 घंटे बाद भी शव की शिनाख्त नहीं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment