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    जालौन में ओलावृष्टि-बारिश से फसलें तबाह:50 से अधिक गांव प्रभावित, प्रशासन ने सर्वे के दिए निर्देश

    6 hours ago

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    जालौन में शनिवार का दिन किसानों के लिए बेहद भारी साबित हुआ। दोपहर में अचानक मौसम का मिजाज बदलते ही माधौगढ़, जालौन और कोंच तहसील क्षेत्रों में तेज ओलावृष्टि शुरू हो गई। इसके बाद रात में कोंच और माधौगढ़ क्षेत्र में करीब 40 मिनट तक चली मूसलाधार बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया। इस बेमौसम बारिश और ओलों ने खेतों में खड़ी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वही रविवार को तेज धूप से किसानों को कुछ राहत मिली है। जिले के 50 से अधिक गांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। गेहूं, सरसों और चना की फसल खेतों में गिरकर खराब हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। कई जगहों पर ओलों की मोटी परत जमने से फसलों की बालियां टूट गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने तत्काल राजस्व विभाग की टीमों का गठन कर सर्वे कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से नुकसान का आंकलन कर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाया जाएगा। अब तक करीब 30 गांवों से प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि अन्य क्षेत्रों में सर्वे जारी है। वहीं किसानों की पीड़ा भी सामने आ रही है। किसान रविंद्र यादव ने बताया कि जब वह खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे, तभी अचानक बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिससे उन्हें काम छोड़कर भागना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले मटर की फसल भी खराब हो चुकी है और अब गेहूं भी प्रभावित हो गया है। खेत में पानी भर गया है और यदि दोबारा बारिश हुई तो बची हुई फसल भी नष्ट हो जाएगी। इसी तरह किसान चंद्रशेखर ने बताया कि उनकी 10 बीघा गेहूं और 40 बीघा मटर की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने बताया कि खाद और बीज के लिए लिया गया उधार अब चिंता का कारण बन गया है। किसानों ने प्रशासन से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे अपनी आर्थिक स्थिति को संभाल सकें।
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