Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जालौन में दरोगाओं के सरकारी आवासों में चोरी:12 दिन बाद भी पुलिस नहीं कर पाई खुलासा, जेवरात किए थे पार

    3 hours ago

    2

    0

    जालौन जनपद के उरई कोतवाली परिसर में बने सरकारी आवासों में दो दरोगाओं के यहां हुई लाखों की चोरी का मामला अब पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है। घटना के 12 दिन बीत जाने के बावजूद भी पुलिस अब तक चोरी का खुलासा नहीं कर सकी है, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि 1 अप्रैल की रात को शातिर चोरों ने कोतवाली परिसर के अंदर बने दो दरोगाओं के सरकारी आवासों को निशाना बनाया था। इनमें कालपी कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक उदयप्रताप सिंह और झांसी में तैनात उपनिरीक्षक अशोक यादव के आवास शामिल हैं। चोरों ने बड़ी ही सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते हुए पीछे की खिड़की काटकर घर में प्रवेश किया और अंदर रखी अलमारी को ग्राइंडर मशीन से काट डाला। इस दौरान चोरों ने करीब तीन लाख रुपये की नकदी के साथ-साथ लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। घटना के समय दोनों आवासों में कोई मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। उरई कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना कोतवाली परिसर के भीतर हुई, जहां 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी रहती है। इसके बावजूद न तो किसी को भनक लगी और न ही चोरों की कोई स्पष्ट पहचान अब तक हो पाई है। पीड़ित एसएसआई उदयप्रताप सिंह द्वारा उरई कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन जांच की रफ्तार बेहद धीमी नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस अभी तक ठोस सुराग तक नहीं पहुंच सकी है। इस मामले वरिष्ठ उप निरीक्षक उदय प्रताप सिंह से इस मामले में बात की तो उन्होंने बताया कि उरई कोतवाली पुलिस उनके आवास पर हुई चोरी को ही झूठ बता रही है। इस मामले में कोतवाली पुलिस कुछ भी नहीं कर रही है। वही स्थानीय लोग का पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारी जांच जारी होने की बात कह रहे हैं, लेकिन समय बीतने के साथ यह मामला पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा कब तक कर पाती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कंबाइन से दबकर महिला की मौत:मऊ में गेहूं बिनते समय हादसा, चालक फरार, हार्वेस्टर जब्त
    Next Article
    सर्वेश स्वर्णकार सर्राफा यूनियन अध्यक्ष, अजीत जैन किराना अध्यक्ष:इटावा में राजेश गुप्ता मीडिया प्रभारी, अन्य को भी मिली जिम्मेदारी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment