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    जौनपुर में स्कूल वाहनों के लिए एफिडेविट जरुरी:परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ाई, छात्रों की सुरक्षा के लिए पोर्टल बनाया

    7 hours ago

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    जौनपुर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब स्कूल वाहनों के मानकों, सुरक्षा इंतजामों और वैध कागजातों की जानकारी स्कूल प्रबंधकों को 'यूपीआईएसबीए‌मसी डाट काम' (UPISBMC.com) नामक विशेष पोर्टल पर देनी होगी। परिवहन विभाग जल्द ही स्कूली वाहनों के खिलाफ एक विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करेगा। इस अभियान के दौरान सड़क पर ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा, जिनका फिटनेस प्रमाण पत्र समाप्त हो चुका है या जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। एआरटीओ सतेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस शपथ पत्र में वाहन का पंजीकरण नंबर, मॉडल, इंजन व चेसिस नंबर और वाहन की आयु जैसी मूलभूत जानकारी देनी होगी। इसके अतिरिक्त, वाहन के परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता का भी उल्लेख करना होगा। वाहन में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की घोषणा करना भी आवश्यक है। विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। एआरटीओ सतेंद्र सिंह ने यह भी जानकारी दी कि जिले में दो हजार से अधिक स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। हालिया जांच में 606 ऐसे वाहन चिन्हित किए गए हैं, जिनका फिटनेस, पर्यावरण प्रदूषण प्रमाण पत्र या बीमा समाप्त हो चुका है। इन वाहन स्वामियों को नोटिस जारी की गई है। पोर्टल पर केवल वाहन का ही नहीं, बल्कि चालक का भी विस्तृत ब्यौरा देना होगा। इसमें चालक का नाम-पता, ड्राइविंग लाइसेंस, न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव, पुलिस सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट शामिल होगी। शपथ पत्र के माध्यम से विद्यालय प्रबंधन को यह प्रमाणित करना होगा कि सभी वाहनों के दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। यदि पोर्टल पर दी गई जानकारी गलत पाई जाती है या शपथ पत्र के बिना वाहन संचालित होते पाए जाते हैं, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सफर को सुरक्षित बनाना है।
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