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    किडनी निकालने वाला डॉक्टर नोटों के बिस्तर पर लेटता था:कानपुर के दलाल से मिले 3 वीडियो, खुद अफ्रीकी महिला का चेकअप किया

    2 hours ago

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    कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट केस में 3 नए वीडियो मिले हैं। ये सभी वीडियो दलाल शिवम अग्रवाल के मोबाइल से मिले हैं। कुछ ऐसी चैट भी मिली हैं, जो इस काले कारोबार का खुलासा करती हैं। पहला वीडियो- इसमें किडनी निकालने वाला डॉक्टर अफजल दिख रहा है। वह नोटों की गड्डियों पर लेटा है। बेड पर करीब 15 लाख रुपए चादर की तरह बिछे दिख रहे हैं। दूसरा वीडियो- इसमें दक्षिण अफ्रीका की मरीज अरेबिका रोते हुए नजर आ रही। एंबुलेंस का ड्राइवर शिवम अग्रवाल आला (स्टेथोस्कोप) लगाकर उसका चेकअप कर रहा है। कह रहा है कि तुम्हें इंजेक्शन देना पड़ेगा। अरेबिका आहूजा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट करा चुकी है। तीसरा वीडियो- इसमें पंजाब का एक मरीज आहूजा हॉस्पिटल के सामने अपना दुख बता रहा। वो कहता है- मुझसे किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 43 लाख रुपए ले लिए। अब मैं सुसाइड ही कर सकता हूं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… डॉक्टर बनकर दलाल अरेबिका की जांच करता दिखा दक्षिण अफ्रीका की महिला अरेबिका ने दिसंबर, 2025 में आहुजा हॉस्पिटल से किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। सामने आए वीडियो में अरेबिका लगातार रोती नजर दिख रही। उसकी आंखों से आंसू गिर रहे थे। एंबुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल आला (स्टेथोस्कोप) लगाकर अरेबिका का चेकअप कर रहा था। वो उससे पूछता है- तुम ठीक हो, कोई दिक्कत तो नहीं? अरेबिका ‘हां’ में सिर हिलाती है। शिवम पूछता है- क्या दिक्कत है? अरेबिका पिछले हिस्से में दर्द की बात कहती है। शिवम कहता है- मुझे आपको इंजेक्शन देना पड़ेगा। इसके साथ ही पूछा- आर यू ओवरऑल फाइन…? अरेबिका ने रोते हुए फिर से सिर हिलाते हुए कहा- हां…। शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काड़ा किडनी ट्रांसप्लांट मामले में दलाल की भूमिका में है। इसका मुख्य काम ग्राहक खोजने का था। लेकिन, वह आहूजा हॉस्पिटल में इतना आगे बढ़ गया था कि ऑपरेशन थिएटर में किडनी के मरीजों तक पहुंच जाता था। उन्हें आला लगाकर जांच करने लगता था। अरेबिका की किडनी ट्रांसप्लांट का सौदा 2 से ढाई करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। DCP वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया- अरेबिका तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। दक्षिण अफ्रीका या अन्य जगहों से किडनी के इलाज के नाम पर भारत में कितने लोग आए, इन सभी की जांच की जा रही है। नोटो की गड्डियों पर लेटा दिखा डॉ. अफजल किडनी रैकेट से जुड़ा हमें 19 सेकेंड का एक वीडियो मिला। इसमें मेरठ का डॉ. अफजल काला चश्मा लगाकर बेड पर लेटा दिख रहा। बेड पर 500-500 रुपए के नोटों के करीब 15 लाख रुपए चादर की तरह बिछे हैं। इस वीडियो में एक और आदमी है, जो यह वीडियो बना रहा है। आखिर में वह भी नजर आता है। यह कोई और नहीं, परवेज शैफी है। उसका काम आहूजा हॉस्पिटल के डॉक्टरों को एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाना था। डॉ. अफजल मेरठ में अल्फा हॉस्पिटल चलाता है। वह भी किडनी के काले धंधे में शामिल है, लेकिन अभी फरार है। डॉ. अफजल को पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें काम कर रही हैं। दिल्ली, नोएडा और मेरठ में छापेमारी चल रही है। उसके साथ डॉ. वैभव, डॉ. अमित और अब तक इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में आया डॉ. रोहित भी फरार है। नोटों के इस वीडियो के सामने आने के बाद समझा जा सकता है कि इन लोगों ने ऐसे अवैध काम करके करोड़ों रुपए बनाए हैं। 43 लाख रुपए दिए, लेकिन किडनी नहीं मिली किडनी के इस खेल का खुलासा हुआ, तो कई और पीड़ित सामने आए। इन्हीं में से एक अमृतसर (पंजाब) के रहने वाले मनजिंदर सिंह भी हैं। वह अपनी पत्नी के साथ कानपुर के आहूजा हॉस्पिटल पहुंचे। उसके सामने उन्होंने एक वीडियो बनाया। उसमें मनजिंदर कहते हैं- मेरा घर अमृतसर के तरनतारन के पास है। मैं किडनी का मरीज हूं। इस वक्त डायलिसिस पर हूं। कई लोगों ने मुझसे किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर बात की, तो मैं तैयार हो गया। मनजिंदर कहते हैं- आहूजा हॉस्पिटल के विक्रांत, हसन और मोहाली के नवनीत सिंह से मेरी बात हुई। सब कुछ क्लियर हुआ और मैंने थोड़े-थोड़े पैसा देना शुरू किया। आहूजा हॉस्पिटल को कुल 43 लाख रुपए दे दिए। अब जब से यह सब कुछ देख रहा हूं, तो लग रहा जैसे बर्बाद हो गया हूं। मेरा सब कुछ लुट गया है। अब तो जिंदा रहने का कोई मतलब ही नहीं है। इतना कर्जा हो गया कि जिनसे पैसे लिए हैं, वही लोग जीने नहीं देंगे। नेपाल तक फैला है रैकेट, किडनी खरीदी और बेची पुलिस को जांच के दौरान नेपाल के युवक का भी वीडियो मिला। इस युवक की किडनी ट्रांसप्लांट की गई है। नेपाल के एक युवक की किडनी 10 लाख रुपए में खरीदने का भी सबूत मिले हैं। पुलिस की एक टीम दोनों युवकों की तलाश में नेपाल गई है। दोनों युवकों की पहचान होते ही साफ हो जाएगा कि आखिर नेपाल से किसके जरिए युवक ने किडनी बेची? दूसरे नेपाली ने किसके जरिए अपनी किडनी का ट्रांसप्लांट कराया है? DCP वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि इस नेपाली युवक को भी टेलीग्राम के जरिए ही फंसाया गया। इससे भी महज 9 लाख रुपए में किडनी का सौदा हुआ था। युवक का नाम प्राथमिक जांच में राज शुंभा के रूप में सामने आया है। मेडिलाइफ हॉस्पिटल से जुड़े 6 लोग गिरफ्तार पुलिस को अब तक की जांच में किडनी ट्रांसप्लांट के इनपुट और इससे जुड़े 15 लोग मिल चुके हैं। 9 को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अभी 6 और संदिग्धों को उठाकर पूछताछ कर रही है। ये सभी कल्याणपुर के मेडिलाइफ अस्पताल से जुड़े हैं। इनके नाम पुलिस ने अभी नहीं खोले हैं। लेकिन, किडनी केस से जुड़े अहम फैक्ट इन लोगों ने पुलिस के सामने रखे हैं। अब इन 6 आरोपियों को भी पुलिस जेल भेजेगी। शिवम काड़ा के मोबाइल से क्लू मिले कानपुर पुलिस ने कल्याणपुर के अहूजा हॉस्पिटल में अवैध रूप से हो रहे किडनी ट्रांसप्लांट का 31 मार्च को खुलासा किया था। डॉ. दंपती प्रीति अहूजा और सुरजीत अहूजा के साथ ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। किडनी कांड की जांच को DCP वेस्ट एसएम आसिम काबिदी लीड कर रहे हैं। 12 से ज्यादा पुलिस टीमें कानपुर, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, उत्तराखंड, एमपी और नेपाल तक आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। DCP वेस्ट ने बताया- जांच में 3 अहम वीडियो सामने आए हैं। जेल भेजे गए दलाल शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काड़ा के वीडियो ने पुलिस को हैरत में डाल दिया है। शिवम काना खुद किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाली साउथ अफ्रीका की युवती अरेबिका को आला लगाकर चेक कर रहा और उसके हाल पूछ रहा है। DCP वेस्ट ने बताया- 29 मार्च की रात में आहूजा अस्पताल आने-जाने वालों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। डॉक्टरों को लाने-ले जाने वाली दो कारें थीं। एक कार में 5 और दूसरी में 3 डॉक्टर जाते दिखे। 3 डॉक्टरों को गाजियाबाद, जबकि 5 डॉक्टरों को लखनऊ में ड्रॉप किया गया। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस गैंग में नोएडा का डॉ. रोहित उर्फ राहुल, मेरठ के 3 डॉक्टर डॉ. अफजल, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ अमित शामिल हैं। इन सभी के नाम एफआईआर में भी हैं। इन सभी डॉक्टरों की अरेस्टिंग के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। ------------------------------- ये खबरें भी पढ़ें किस हॉस्पिटल में किसका ट्रांसप्लांट, सब सीक्रेट, ढाई करोड़ में अफ्रीकी महिला का ऑपरेशन कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का कनेक्शन सिर्फ यूपी ही नहीं, विदेश से भी जुड़ रहा है। विदेशों के मरीज भी यहां चोरी-छिपे किडनी ट्रांसप्लांट कराने आते थे। तस्करों ने दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में किडनी ट्रांसप्लांट का खेल करने के लिए हॉस्पिटल और डॉक्टरों का पैनल बना रखा है। डोनर और रिसीवर दोनों से डील फाइनल होने के बाद यह लोग देश के अलग-अलग ठिकानों पर अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करते थे। पढ़ें पूरी खबर OT टेक्नीशियन ने निकाली थी MBA स्टूडेंट की किडनी, कानपुर में ट्रांसप्लांट किया; मेरठ के 3 डॉक्टरों के भी नाम सामने आए कानपुर में MBA स्टूडेंट आयुष की किडनी किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि एक ओटी टेक्नीशियन ने निकाली थी। उसी ने पारुल तोमर को किडनी ट्रांसप्लांट भी किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने यह जानकारी दैनिक भास्कर को दी। उन्होंने बताया- आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर
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