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    कफ-सिरप-मास्टरमाइंड शुभम के घर भगोड़ा घोषित होने की मुनादी:खुफिया एजेंसियों और चार राज्यों की पुलिस को चकमा देकर फरार, कोतवाली पुलिस ने चिपकाई नोटिस

    2 hours ago

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    कोडीन-कफ-सिरप मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को अभी तक वाराणसी पुलिस और एजेंसियां ढूंढ नहीं पायी है। ऐसे में पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया है। इस बात की नोटिस शुभम जायसवाल के प्रह्लाद घाट स्थित मकान पर कोतवाली पुलिस ने चस्पा की और मुनादी कर लोगों को इस बारे में सूचना भी दी। कोतवाली इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह ने स्वयं मुनादी की और लोगों को आगाह किया। बता दें की शुभम जायसवाल के ऊपर वाराणसी में कोतवाली थाने और सारनाथ थाने के अलावा रोहनिया थाने में भी मुकदमा दर्ज है। शुभम जायसवाल घोषित हुआ भगोड़ा कोतवाली पुलिस ने प्रह्लाद इलाके में स्थित कोडीन कफ सिरप मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के घर पर मुनादी कराई और भगोड़ा घोषित करने की नोटिस भी चस्पा किया। कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया - शुभम जायसवाल पर स्थानीय थाने पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। उसे बार-बार हाजिर होने की सूचना दी गयी पर वह थाने या कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। ऐसे में उसपर इनाम की राशि घोषित की गई थी। लेकिन फिर भी न आने पर उसे कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया है। नोटिस चस्पा, हुई मुनादी कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया - इसी क्रम में शुभम जायसवाल के मकान पर नोटिस चस्पा करते हुए भगोड़ा घोषित किए जाने की मुनादी कराई गई है। आस-पास के लोगों को बताया गया और कहा गया कि यदि शुभम जायसवाल दिखाई दे तो तुरंत थाने पर संपर्क करें। शुभम जायसवाल के कई साथियों को पुलिस ने जेल भेजा है। चार राज्यों की पुलिस को तलाश कोडीन कफ सिरप के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को चार राज्यों की पुलिस तलाश रही है। इसके अलावा की खुफियां एजेंसियां और उत्तर प्रदेश के चार जिलों की पुलिस उसके पीछे लगी हुई हैं। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। कभी उसके दुबई तो कभी कहीं और होने की सूचना मिलती रही है। लेकिन अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। उसकी करोड़ों की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जा चुकी है। अब जानिए अभी तक क्या-क्या हुआ? 15 नवंबर 2025 को दर्ज हुआ था मुकदमा कोतवाली थाने में 15 नवंबर को दर्ज मुकदमे में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला जायसवाल समेत करीब 40 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के दौरान जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई लोगों के नाम सामने आये। जिनमे से कई को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पिता है जेल में प्रह्लाद घाट के कायस्थ टोला के रहने वाले शुभम के पिता और शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, उसके बेटे शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी को लेकर एसटीएफ और एसआईटी दबिश दे रही है। बाप-बेटे के खिलाफ कोतवाली समेत अन्य थानों में 10 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी है। ईडी की जांच में 200 करोड़ की संपत्ति बेनकाब हुई है। उधर, कफ सिरप प्रकरण को लेकर लगातार पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई से मचे हड़कंप के बीच करीब 10 दवा व्यापारियों ने कोर्ट की शरण ली है। न्यायालय से अफवाहों और पुलिस जांच पर रोक लगाने की गुहार लगाई गई है। वाराणसी कोर्ट में भी आज सुनवाई होनी है। FSDA ने क्या किया? FSDA ने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर सख्ती बरती। शेल फर्म्स को निशाना बनाया, जो कोडीन सिरप को 'मेडिकल सप्लाई' के नाम पर नशे के बाजार में पहुंचा रही थीं। ये नेटवर्क पूर्वी यूपी के वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जिले में सक्रिय था। अकेले वाराणसी में 26 फर्म्स के खिलाफ 15 नवंबर को FIR दर्ज की गई। इसके बाद 12 और फर्म्स पर केस दर्ज किया गया। जौनपुर में दिल्ली बेस्ड वन्या ट्रेडर्स और 3 लोकल फर्म्स पर 2.6 करोड़ के अनियमित ट्रांजैक्शन के लिए कार्रवाई की गई। यहां कुल 18 फर्म्स पर केस दर्ज किया गया। बाकी जिलों में मिलाकर करीब 128 केस अब तक दर्ज हो चुके हैं। FSDA लगातार ड्रग्स सप्लायर्स को नोटिस दे रहा और लाइसेंस निरस्त कर रहा है। ED ने क्या कदम उठाए? ED ने नवंबर, 2025 के अंत में प्रिवेंशन ऑफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया। क्योंकि, रैकेट का आर्थिक पहलू 500 करोड़ से ऊपर का बताया जा रहा है। ED का फोकस हवाला, शेल कंपनियों के जरिए मनी लान्ड्रिंग और भ्रष्टाचार पर है। ED यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और झारखंड तक की जांच कर रही है। अकेले वाराणसी में 15 सदस्यीय ED टीम सक्रिय है।
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