Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    केजीएमयू के डॉक्टर बोले अच्छी नींद लें, बेहतर जीवन जिएं:लखनऊ में होती है स्लीप स्टडी, एक रात लैब में सोने के बाद होता है उपचार

    11 hours ago

    1

    0

    लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में विश्व नींद दिवस नींद के महत्व और इससे जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलने के लिए कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विश्व स्लीप सोसाइटी द्वारा 2008 से शुरू यह दिवस पूरे विश्व में शुक्रवार को मनाया जाता है, जब दिन और रात का समय लगभग बराबर होता है। वर्ष 2026 में यह शुक्रवार, 13 मार्च को मनाया जा रहा है। इस वर्ष का विषय है अच्छी नींद लें, बेहतर जीवन जिएं। केजीएमयू में होती है स्लीप स्टडी पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन (PCCM) विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश ने बताया कि विभाग में राज्य की सबसे उन्नत 64-चैनल स्लीप लैब उपलब्ध है, जहां लेवल-1 स्लीप स्टडी की जाती है। मरीज को एक रात लैब में सोना पड़ता है और पूरी जांच के बाद उचित इलाज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट हैं कि अच्छी नींद स्वास्थ्य के लिए उतनी ही आवश्यक है जितना संतुलित आहार और व्यायाम। अच्छी नींद शरीर को तरोताजा रखती है, जबकि नींद की कमी या विकार कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। विश्व स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत वयस्क अनिद्रा से पीड़ित हैं, जो सबसे आम नींद संबंधी समस्या है। इसके अलावा 3-7 प्रतिशत वयस्क ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (OSA) से ग्रस्त हैं, जो खर्राटों और सांस रुकने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मधुमेह, डिप्रेशन और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। 93 करोड़ लोग OSA से पीड़ित अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 93 करोड़ वयस्क OSA से प्रभावित हैं, जिनमें 42 करोड़ को मध्यम से गंभीर स्तर की समस्या है। दुर्भाग्य से 80 प्रतिशत मामलों में यह बीमारी देर से पता चलती है, जिससे वैश्विक स्तर पर सालाना भारी आर्थिक नुकसान होता है। भारत में भी OSA और अन्य नींद विकार तेजी से बढ़ रहे हैं। अन्य सामान्य समस्याएं रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (2-3%), नींद में चलना-बोलना (4-5%) आदि हैं। लगभग 45 प्रतिशत लोग नींद की कमी के दुष्प्रभाव महसूस करते हैं, जैसे दिन में थकान, चिड़चिड़ापन, याददाश्त कमजोर होना और काम में अक्षमता। यह है लक्षण नींद विकार के प्रमुख लक्षणों में दिन में अत्यधिक नींद आना, सोने में कठिनाई, रात में बार-बार जागना, खर्राटे, नींद में दम घुटना, सुबह सिरदर्द, थकान और चिड़चिड़ापन शामिल हैं।इनकी जांच के लिए क्लीनिकल इतिहास, स्लीप डायरी, फिजिकल जांच और स्क्रीनिंग टूल्स जैसे STOP-BANG या ESS स्कोर उपयोगी हैं। सबसे सटीक जांच स्लीप स्टडी (पॉलीसोम्नोग्राफी) है, जिसमें मस्तिष्क तरंगें, आंखों की गति, हृदय गति, सांस और मूवमेंट मॉनिटर किए जाते हैं।इलाज में नियमित व्यायाम, वजन कम करना, योग, CPAP डिवाइस, ओरल डिवाइस, सर्जरी या ऑक्सीजन थेरेपी शामिल हैं। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो (डॉ.) वेद प्रकाश के नेतृत्व में प्रो. राजेंद्र प्रसाद, प्रो. ऋषी सेठी, प्रो. श्रीकांत श्रीवास्तव, प्रो. राजेश वर्मा, प्रो. वीरेंद्र वर्मा, प्रो. पूरण चंद्र सहित कई विशेषज्ञों ने नींद विकारों पर चर्चा की और जागरूकता फैलाई। डॉ. सचिन कुमार, डॉ. मो. आरिफ, डॉ. अनुराग त्रिपाठी आदि भी उपस्थित रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भदोही पुलिस ने 150 खोए मोबाइल फोन बरामद किए:25.5 लाख रुपये का माल बरामद, मालिकों को सौंपे गए
    Next Article
    शाहजहांपुर में गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ता परेशान:केवाईसी के बदले पाइप खरीदने का दबाव, डिलीवरी के बावजूद सिलेंडर नहीं मिला

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment