Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर के GSVM में हुआ वैज्ञानिक संवाद:फार्मेसी शिक्षा में नैतिकता पर जोर, नैनो टेक्नोलॉजी और क्लीनिकल रिसर्च पर हुई चर्चा

    8 hours ago

    1

    0

    गणेश शंकर विध्यार्थी मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग की ओर से 13 फरवरी 2026 को महाविद्यालय परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों से आए हुए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य औषधि विज्ञान, क्लीनिकल रिसर्च, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिक्स और औषधीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध कार्यों, उभरती तकनीकों, नैतिक शोध पद्धतियों तथा रोगी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही एकेडमिक, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, राष्ट्रगान के साथ समापन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत भाषण प्रो. अमिता तिलक ने दिया और कार्यक्रम का संचालन भी किया। GSVM के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन छात्रों को शोध के नए आयामों से जोड़ते हैं और संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह विधानसभा सत्र के कारण उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने संदेश भेजकर सम्मेलन की सफलता की शुभकामनाएं दीं और औषधि शिक्षा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों में दिखा छात्रों का उत्साह सम्मेलन के दौरान शोधार्थियों ने नैनो-प्रौद्योगिकी, क्लीनिकल फार्मेसी, हर्बल दवाओं और दवा सुरक्षा से संबंधित शोध कार्य पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किए। विशेषज्ञ समिति द्वारा सभी शोध सारों का मूल्यांकन किया गया और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. सुधीर सिंह गंगवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। फार्मेसी के विभागाध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शोधोन्मुख और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और व्यावसायिक नैतिकता को बढ़ावा मिल सके।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ में कैफे से 5 हजार रुपए-मोबाइल फोन चोरी:CCTV फुटेज में कैद हुई वारदात, पुलिस ने चोर को पकड़ा
    Next Article
    कंगना मामले में पुलिस रिपोर्ट पर हुई बहस:वादी अधिवक्ता ने कहा- उनकी वकील क्यों दे रहीं बयान, 6 मार्च को होगी अगली सुनवाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment