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    कानपुर के हैलट अस्पताल में अब नहीं लगेंगी लंबी लाइनें:ई-हास्पिटल व्यवस्था शुरू; एक क्लिक पर मिलेगा मरीज का पूरा डेटा

    6 hours ago

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    शहर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर (हैलट) अस्पताल में अब मरीजों को इलाज के लिए घंटों लाइनों में नहीं जूझना होगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल की पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल करते हुए 'ई-हास्पिटल' व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई सुविधा से मरीजों के पंजीकरण से लेकर भर्ती होने और जांचों तक की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो जाएगी। आयुष्मान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से मिलेगा सीधा टोकन नई व्यवस्था के तहत अस्पताल में भर्ती होने आने वाले मरीजों को सबसे पहले आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। रजिस्ट्रेशन होते ही मरीज के मोबाइल पर एक टोकन जनरेट होगा। मरीज यह टोकन लेकर जैसे ही अस्पताल पहुंचेगा, उसे बिना किसी देरी के तुरंत भर्ती कर लिया जाएगा। इससे पहले की तरह कागजी कार्यवाही के लिए वार्डों और काउंटरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। हर मरीज की बनेगी यूनिक आईडी, डॉक्टर देख सकेंगे पुरानी हिस्ट्री अस्पताल में आने वाले हर मरीज को एक 'यूनिक आईडी' दी जाएगी। इस आईडी में मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड दर्ज होगा। जीएसवीएम के डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि इस सिस्टम के जरिए मरीज की बीमारी, उसे दी गई दवाएं और कराई गई जांचों का पूरा ब्यौरा कंप्यूटर पर मौजूद रहेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर कोई मरीज भविष्य में दोबारा इलाज के लिए आता है, तो डॉक्टर सिर्फ एक क्लिक पर उसकी पिछली मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे। इससे इलाज शुरू करने में आसानी होगी और मरीज को पुराने पर्चे संभालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दवाओं और जांचों की एंट्री भी अब सीधे कंप्यूटर के माध्यम से होगी। अब पेपरलेस होगा अस्पताल का कामकाज, शुरू हुआ ई-ऑफिस मरीजों के साथ-साथ अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए भी कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अस्पताल में 'ई-ऑफिस' व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। अब विभाग के भीतर होने वाला सारा संवाद कागजी दस्तावेजों के बजाय कंप्यूटर के जरिए होगा। डॉक्टरों और कर्मचारियों को जरूरी सूचनाएं और निर्देश ईमेल के माध्यम से भेजे जाएंगे। बैठकों के लिए भी ऑनलाइन मीटिंग सिस्टम को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य पूरे अस्पताल के वर्किंग कल्चर को पूरी तरह से पेपरलेस बनाना है, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और समय की भी बचत होगी।
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