Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर के कारोबारी से 18.31-लाख की ठगी में 3 अरेस्ट:प्रतिष्ठित कंपनी का नाम इस्तेमाल करके डील की फिर एडवांस रकम हड़पी

    4 hours ago

    1

    0

    कानपुर की क्राइम ब्रांच ने नामी कंपनियों के नाम पर कारोबारियों को झांसा देकर 18.31 लाख की ठगी के मामले में तीन शातिरों को अरेस्ट किया है। शातिरों ने हरियाणा की नामी कंपनी के नाम पर कानपुर के व्यापारी से केमिकल की डील तय की और कंपनी के नाम पर 18.31 लाख एडवांस लेकर हड़प लिया। एडवांस देने के बाद भी माल नहीं मिलने पर कारोबारी हरियाणा की कंपनी में पहुंचा तो पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। कंपनी के खाते में कोई एडवांस नहीं आया और कोई ऑर्डर बुक नहीं है। इसके बाद कारोबारी ने कानपुर के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, पुलिस ने ठगी में शामिल तीनों शातिरों को रविवार को अरेस्ट करके जेल भेज दिया। एमपी के ठगों ने कारोबारी की उड़ाई थी रकम एडीसीपी साइबर क्राइम अरीबा नोमान ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ठगी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि लाजपत नगर निवासी नियति इंटरप्राइजेज के संचालक और केमिकल कारोबारी विनीत कुमार माहेश्वरी की कंपनी फिनायल, टायलेट क्लीनर समेत कई उत्पाद बनाती है। विनीत ने बताया कि इंडिया मार्ट के जरिए उन्होंने 31 मार्च 2026 को हरियाणा के पंचकूला स्थित एनएस केमिकल्स के प्रतिनिधि हिमांशु बंसल से 11 हजार किलोग्राम एसिड स्लरी खरीदने का सौदा किया था। डील तय होने के बाद दो टैक्स इनवाइस में 5 हजार किलोग्राम की कीमत 11.21 लाख और 6 हजार किलोग्राम की कीमत 12.74 लाख रुपये बताई गई। कारोबारी ने आरटीजीएस से कुल 18.31 लाख रुपये भेजे, लेकिन माल नहीं आया। फोन और ई-मेल से संपर्क करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस दौरान ही इंदौर की ग्लोबेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से 10,710 किलोग्राम हाइड्रोक्लोरिक एसिड भेजने का प्रयास किया गया, जबकि कारोबारी ने इसका कोई आर्डर नहीं दिया था। जब वह पड़ताल करते हुए हरियाणा स्थित कंपनी पहुंचे तब पला चला कि कंपनी में उनके नाम से कोई ऑर्डर और एडवांस नहीं आया है। कंपनी के मालिक ने बताया कि किसी ठग ने उनकी कंपनी का नाम इस्तेमाल करते हुए ऑर्डर लिया है। बिल में पड़ा हुआ मोबाइल और बैंक अकाउंट नंबर उनकी कंपनी का नहीं है। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत कानपुर के साइबर थाने में दर्ज कराई। बैंक अकाउंट के जरिए ठगों तक पहुंची पुलिस एडीसीपी क्राइम अरीबा नोमान ने बताया कि एनसीआइपी पोर्टल पर शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि 9.40 लाख रुपये इंदौर के हवाबंगला, गुरुशंकर नगर निवासी वीरेंद्र फुलपगारे के खाते में गए। कड़ियां जोड़ने पर पुलिस ने उज्जैन के नीलगंगा, स्नेहनगर निवासी राहुल सूर्यवंशी और इंदौर देहात के किशनगंज निवासी सुनील मोहे की संलिप्तता पाई। सुनील के खाते में भी 3.40 लाख रुपये भेजे गए थे। पुलिस ने तीनों को अरेस्ट करके सख्ती से पूछताछ की तो तीनों टूट गए और ठगी की बात को स्वीकार किया। शातिरों ने बताया कि उन्होंने नामी कंपनी का नाम इस्तेमाल करके ऑर्डर लिया और एडवांस लेकर हड़प लिया था। राहुल गिरोह का मास्टरमाइंड है, अन्य आरोपियों के बैंक अकाउंट का ठगी में इस्तेमाल हुआ है। राहुल पर पूर्व में धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज है। पकड़े गए तीनों आरोपी
    Click here to Read more
    Prev Article
    देवबंद में सम्मेलन की अनुमति नहीं मिली:राष्ट्रीय नवनिर्माण दल हाईकोर्ट पहुंचा, सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया
    Next Article
    दुर्गा पूजा व दशहरा को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट:बहराइच के संवेदनशील महराजगंज कस्बे में सुरक्षा जांची, 2 साल पहले हुई थी हिंसा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment