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    कानपुर में 'आधा आसमान' प्रदर्शनी का आगाज:60 महिला कलाकारों ने कैनवास पर उकेरी आधी आबादी की जिजीविषा

    1 hour ago

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    शहर के कला जगत में शुक्रवार को आधी आबादी के हुनर का इंद्रधनुष दिखाई दिया। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स विभाग स्थित 'कृतित्व गैलरी' में 'आधा आसमान' प्रदर्शनी का भव्य आगाज हुआ। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी में कानपुर और झांसी क्षेत्र की महिला कलाकारों ने अपनी तूलिका के जरिए समाज, संघर्ष और सपनों के विभिन्न रंगों को कैनवास पर जीवंत कर दिया। सपनों और अधिकारों की कलात्मक अभिव्यक्ति प्रदर्शनी का संयोजन अकादमी की सदस्य डॉ. शुभम शिवा द्वारा किया गया। उन्होंने प्रदर्शनी के ध्येय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस विशेष आयोजन का शीर्षक 'आधा आसमान' रखने के पीछे का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सपनों, उनकी आकांक्षाओं और उनके अधिकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इस प्रदर्शनी में लगभग 60 महिला कलाकारों की चुनिंदा कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है, जो नारी शक्ति के रचनात्मक पक्ष और उनकी वैचारिक दृढ़ता को मजबूती से पेश करती हैं। प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात डॉ. वंदना पाठक के साथ आयोजन समिति की सदस्य डॉ. पूर्णिमा तिवारी, डॉ. दीपा पाठक, डॉ. रीता वर्मा, डॉ. कुमुद बाला, पूजा श्रीवास्तव और डॉ. वीणा अवस्थी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस कला उत्सव की शुरुआत की। आयोजन समिति में झांसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व डॉ. श्वेता पांडे ने किया, जिन्होंने वहां की कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की। सृजन का पर्याय हैं स्त्रियां: डॉ. वंदना पाठक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. वंदना पाठक ने कहा कि स्त्री स्वयं सृजन का पर्याय है। जब एक महिला कलाकार के रूप में अपनी भावनाओं को व्यक्त करती है, तो वह पूरी दुनिया को रंगों और सकारात्मकता से भर देती है। उन्होंने कहा कि, इन चित्रों में केवल रंगों का मेल नहीं है, बल्कि एक सकारात्मक अपनापन दिखता है जो दर्शकों को खुद से जोड़ता है। उन्होंने सभी कलाकारों के कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने भी संदेश के माध्यम से प्रदर्शनी की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कला जगत की दिग्गज हस्तियों की रही मौजूदगी इस कला कुंभ में शिक्षा और कला जगत के कई गणमान्य लोग साक्षी बने। संस्थान के डायरेक्टर डॉ. मिठाई लाल के साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर राजकुमार सिंह, जेबी यादव, डॉ. विनय सिंह, डॉ. बप्पा मांझी और रणधीर सिंह ने प्रदर्शनी का सूक्ष्म अवलोकन किया। कार्यक्रम में मंतोष, तनीषा, प्रिया मिश्रा, प्रियांशी, कीर्ति, शोधार्थी शिवा, देवेंद्र और कृष्ण जी सहित आलोक द्विवेदी, डॉ. अमिता शुक्ला, रिचा सिंह, नेहा दुआ, नेहा मिश्रा और रवींद्र की विशेष उपस्थिति रही। यह प्रदर्शनी न केवल महिला कलाकारों के कौशल को दर्शाती है, बल्कि समाज को नारी दृष्टिकोण से दुनिया देखने का अवसर भी प्रदान करती है।
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