Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कैप्टन को समन भेजने वाला ED अफसर हटाया:जालंधर से चेन्नई भेजा; कांग्रेस के ऑफर से BJP में हड़कंप, संगठन मंत्री के बाद वर्किंग प्रधान मिलने पहुंचे

    15 hours ago

    1

    0

    पंजाब के पूर्व CM व BJP नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को समन भेजना जालंधर में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के जॉइंट डायरेक्टर रवि तिवारी को महंगा पड़ा। उन्हें चेन्नई ट्रांसफर कर दिया गया है। IRS अफसर रवि तिवारी ने कैप्टन के साथ उनके बेटे रणइंदर सिंह को विदेशों में संपत्ति के मामले में समन जारी किया था। जिसमें उन्हें आज (13 फरवरी) को पेश होने के लिए कहा था। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने तुरंत कैप्टन को कांग्रेस में शामिल होने का न्योता दे दिया। जिससे राजनीति गर्माई तो भाजपा एक्टिव हो गई। पहले भाजपा के संगठन महामंत्री श्रीनिवासुलु और फिर कार्यकारी प्रधान अश्वनी कुमार कैप्टन से मिलने पहुंचे। कैप्टन इस वक्त घुटनों की सर्जरी के चलते मोहाली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कैप्टन को न्योते से कांग्रेस में CM कुर्सी पर नजरें टिकाए बैठे सीनियर लीडरशिप में हड़कंप मच गया। कांग्रेस के कैप्टन पर डोरे डालने की बड़ी वजह पार्टी में चुनाव से पहले चल रही गुटबाजी है। जिसमें कोई भी एक-दूसरे के अंडर काम करने को तैयार नहीं। राहुल गांधी की चेतावनी के बाद भी किसी पर फर्क नहीं पड़ा। वहीं कांग्रेस ये भी जानती है कि पंजाब में जब बादलों का गोल्डन टाइम चल रहा था तो उसका तोड़ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही निकाला और 2 बार कांग्रेस की सरकार बनाई। हालांकि कैप्टन की बेटी व पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने कल ही लुधियाना में कहा कि कैप्टन कहीं नहीं जा रहे हैं। वो भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। ऐसी कौन सी वजहें, जिनसे कांग्रेस को कैप्टन की याद आई, क्या कैप्टन कांग्रेस जॉइन करेंगे, कैप्टन के आने से कांग्रेस में क्या असर पड़ेगा, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए, कैप्टन ने कांग्रेस क्यों छोड़ी थी कैप्टन की अगुआई में कांग्रेस ने पंजाब में 2017 में 117 में से 77 सीटें जीतीं और सरकार बनाई। कैप्टन ही मुख्यमंत्री भी बने। हालांकि कैप्टन ने पंजाब में अपने स्टाइल में सरकार चलाई। वह हाईकमान कल्चर को ज्यादा तरजीह नहीं देते थे। इसके चलते कांग्रेस हाईकमान उनसे खुश नहीं था। इसी वजह से कांग्रेस के कैप्टन विरोधी खेमे ने साल 2021 में नवजोत सिद्धू को एक्टिव किया। हाईकमान तक पैरवी कर सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बना दिया। सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ बगावत का मोर्चा खोल दिया। कैप्टन को बिना बताए हाईकमान ने विधायक दल की मीटिंग बुलाई। इसका पता चलते ही कैप्टन ने इस्तीफा देकर कांग्रेस छोड़ दी। कैप्टन ने इसे कांग्रेस की गलती करार दिया था कि पार्टी उनकी अगुआई में आराम से सरकार बना सकती थी। कैप्टन के जाने से कांग्रेस को क्या नुकसान हुआ, 5 पॉइंट में जानिए… पंजाब इंचार्ज का कैप्टन को न्योता इतना महत्वपूर्ण क्यों पंजाब की सियासत में कैप्टन की भूमिका कितनी अहम… सोनिया के कहने पर पहले भी कांग्रेस में आ चुके कैप्टन खुद भी कह चुके, कांग्रेस को मिस करता हूं कैप्टन ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि आज भी उनके कांग्रेस हाईकमान से अच्छे रिश्ते हैं। कांग्रेस एक फैमिली की तरह है। मैं जब भी फोन करता था, वह मिल लेते थे। मगर, भाजपा में ये सिस्टम नहीं है। दोनों में कई अंतर हैं। कैप्टन ने आगे कहा था- जब से मैं BJP में आया हूं, मुझे नहीं लगता एक-दो बार से ज्यादा बार हाईकमान से मिल पाया हूं। BJP में नियम बहुत हैं। वो कुछ नहीं बताते। किसी से कुछ नहीं पूछते। अभी 2027 में पंजाब का इलेक्शन होना है। मगर मुझसे एक बार भी नहीं पूछा गया कि कैप्टन साहब किस को कहां से चुनाव लड़वाया जा सकता। मैं BJP में हूं लेकिन कांग्रेस को मिस करता हूं। कैप्टन के आने से कांग्रेस को क्या फायदा पंजाब में कांग्रेस लीडरशिप की इगो से जूझ रही है। सभी नेता खुद को एक-दूसरे से बड़े कद का समझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस वर्कर ग्राउंड लेवल पर खुद को लीडरलैस महसूस कर रहे हैं। उन्हें ये समझ नहीं आ रहा कि किसकी अगुआई पर चलना है। एक के साथ चलो तो दूसरा नाराज हो जाता है। कैप्टन चूंकि पहले भी 2 बार पार्टी प्रधान रह चुके हैं तो वह अगुआई के लिए बेस्ट फेस साबित हो सकते है। दूसरा, कैप्टन ही अकालियों के दबदबे के टाइम में कांग्रेस की सरकार बनाने में कामयाब रहे थे। ऐसे में कांग्रेस सोच रही है कि कैप्टन वह करिश्मा दोबारा कर सकते हैं। कैप्टन के आने से पिछली बार बदलाव के बहाने AAP के हक में शिफ्ट हुए जट्‌ट सिख वोट बैंक को कांग्रेस की तरफ झुका सकते हैं। खासकर, 117 में से सबसे ज्यादा 69 सीटों वाले मालवा में कांग्रेस को बेनिफिट हो सकता है। पंजाब में इस वक्त लॉ एंड ऑर्डर को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कैप्टन के समय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सख्ती को विरोधी भी मानते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    खबर हटके-खुदाई में चमकते पत्थर निकले, लूटने की होड़ मची:चुनावी ड्यूटी से बचने हजारों कर्मचारी छुट्टी पर गए; डॉक्टरों ने गलती से नसबंदी की
    Next Article
    Apple ने दिया देश के इस राज्य को बड़ा तोहफा, खोलने जा रहा है अपना छठा स्टोर, जानिए कब और कहां

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment