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    किसान यूनियन ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का विरोध किया:महोबा में शंखनाद कर चेतावनी, रद्द न होने पर आंदोलन तेज होगा

    5 hours ago

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    महोबा कलेक्ट्रेट में किसानों ने केंद्र सरकार और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन ने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में सनातन परंपरा के अनुसार शंख बजाकर प्रदर्शन की शुरुआत की। उनका कहना था कि संकट के समय शंखनाद कर आर-पार की लड़ाई का आगाज किया जाता है। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। किसान नेताओं बृजेंद्र कुमार, वेदप्रकाश नायक, माधुरी दीक्षित, अशोक राजपूत और मुहम्मद कमर ने आरोप लगाया कि यह समझौता गुपचुप तरीके से किया जा रहा है। इसमें किसानों की सहमति नहीं ली गई और न ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। किसानों का तर्क है कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी और मशीनीकृत कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। यदि भारत सोयाबीन, मक्का और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क घटाता है, तो सस्ती विदेशी उपज भारतीय मंडियों में भर जाएगी, जिससे छोटे भारतीय किसान तबाह हो जाएंगे। ज्ञापन में विशेष रूप से डेयरी सेक्टर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की चेतावनी दी गई है। किसानों का कहना है कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था दुग्ध उत्पादन पर निर्भर है, और अमेरिकी उत्पादों के आयात से लाखों परिवार प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था पर भी खतरा मंडरा रहा है। किसानों को यह भी डर है कि अमेरिकी कंपनियाँ पेटेंट के माध्यम से बीजों पर नियंत्रण कर लेंगी, जिससे किसान अपनी पारंपरिक बीज स्वतंत्रता खो देंगे। भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता केवल व्यापार का नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्वायत्तता का प्रश्न है। किसानों ने मांग की है कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। बड़ी संख्या में मौजूद इन अन्नदाताओं के आक्रोश ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो यह शंखनाद दिल्ली की सीमाओं तक फिर से सुनाई देगा।
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