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    कौशांबी में शिक्षकों का टेट अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन:शिक्षक संगठनों ने धरना प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन

    2 hours ago

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    उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर शिक्षकों ने टेट अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। कौशांबी में भी प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कौशांबी में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह और राम प्रताप लाली, एससी एसटी बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामनरेश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया और पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षा जगत के लिए विनाशकारी प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर थोपा गया भूतलक्षी टेट आदेश पूर्णतः असंवैधानिक, नियम-विरुद्ध और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे पूरे शिक्षा जगत के लिए विनाशकारी बताया। अनिल सिंह के अनुसार, टेट अधिसूचना से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता का यह कानून शिक्षकों के साथ अन्याय है। यह संविधान में निहित समानता और जीवन यापन के कानून का उल्लंघन है। जब नियुक्ति के समय शिक्षक तत्कालीन न्यूनतम अर्हता पूरी कर नियुक्त हुए थे, तो उन पर अब नई अर्हता थोपना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह शिक्षकों के प्रति सरकार की सोच और मानसिकता को दर्शाता है। उनका मानना है कि यह कानून भारत को 'जगतगुरु' बनाने की मुहिम पर कुठाराघात है, क्योंकि जिस समाज में शिक्षक का सम्मान नहीं होता, उसका उत्थान संभव नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन में ईश्वर शरण सिंह, भोलानाथ चौधरी, विनय सिंह, अनुराग, विनीत सिंह सहित जनपद के हजारों शिक्षकों ने भाग लिया।
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