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    कुशीनगर में बी-फार्मा छात्र ने की आत्महत्या:सुसाइड नोट में लिखा- मां-पापा सॉरी, आपको जितना दुख देना था, दे दिया

    10 hours ago

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    “मां और पापा, आप दोनों मुझे माफ करना। आप जो बनाना चाहते थे, मैं वो नहीं बन पाया। अब बहुत हो गया है। मैंने आपको जितना दुख देना था, दे दिया है। अब मुझे जीने की कोई इच्छा नहीं है। आप लोगों ने मेरे लिए जितना किया, उसके लायक मैं नहीं बन पाया। मेरे पापा का समाज में जो सम्मान था, वह मैंने नष्ट कर दिया। अब मुझे घुटन सी महसूस हो रही है। मेरे मरने का कारण संदीप और उसके दोस्त हैं। सॉरी।” यह बातें कुशीनगर में एक बी-फार्मा के छात्र विवेक श्रीवास्तव (25) ने अपने सुसाइड नोट में लिखीं। इसके बाद उसने ई-कॉमर्स फ्रॉड में फंसने के बाद जहर खाकर जान दे दी। मृतक ने आत्महत्या से पहले 5 पन्नों का सुसाइड नोट और एक वॉइस रिकॉर्डिंग भी छोड़ी है। इसमें उसने कुछ दोस्तों पर बिजनेस के नाम पर धोखाधड़ी और क्राइम में फंसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सोमवार शाम शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पूरा मामला सेवरही थाना क्षेत्र का है। अब विस्तार से पूरा मामला पढ़िए… ई-कॉमर्स बिजनेस के नाम पर दोस्त ने फंसाया दुबौली गांव के रहने वाले रामदास श्रीवास्तव मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा विवेक श्रीवास्तव था। दो बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी गांव में माता-पिता के साथ रहती है। विवेक नोएडा के एक मेडिकल कॉलेज में बी-फार्मा सेकंड ईयर का छात्र था। पिता के मुताबिक, बेटा पढ़ाई के साथ-साथ काम करके परिवार की आर्थिक मदद करना चाहता था। इसी का फायदा उसके गांव के ही दोस्त संदीप ने उठाया। उसने विवेक को अपने जाल में फंसा लिया। मार्च में विवेक गांव आया था। तभी उसे ई-कॉमर्स बिजनेस करने का झांसा दिया गया। इसके बाद उसके नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए गए। फिर उन खातों से लगातार ट्रांजैक्शन होने लगे। विवेक को लगता रहा कि उसका बिजनेस चल रहा है। इसी भरोसे में उसने अपने सारे बैंक खाते और एटीएम कार्ड इन लोगों को दे दिए। असल में इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। साइबर थाने के कॉल से सामने आया मामला 18 अप्रैल को रामदास श्रीवास्तव अपने बेटे विवेक के साथ किसी काम से बिहार के गोपालगंज गए हुए थे। घर पर पत्नी और छोटी बेटी मौजूद थीं। इसी दौरान साइबर थाने से कुछ लोग घर पहुंचे। उन्होंने रामदास का नंबर लिया और फोन किया। पुलिस ने बताया कि विवेक के बैंक अकाउंट से फ्रॉड हो रहा है। सोमवार को बेटे को लेकर थाने आइए। इसके बाद पिता-बेटा घर लौट आए। घर आने पर विवेक ने अपने दोस्त संदीप से सवाल किया कि आखिर ये सब क्या हो रहा है। लेकिन संदीप ने साफ तौर पर पल्ला झाड़ लिया। जब बैंक स्टेटमेंट निकाला गया तो कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए। विवेक ने संदीप से उन लोगों का पता पूछा, लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विवेक को लगा कि पूरा मामला उसके खिलाफ जा सकता है और वह फंस जाएगा। इसी तनाव में रविवार देर रात करीब 1 बजे विवेक जहर खा लिया। परिजन उसे तुरंत सेवरही अस्पताल ले गए। वहां से उसे जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। रामदास श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपित लोग उनकी पत्नी को भी फोन कर धमकाते थे। उन्होंने पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और सोमवार देर रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब पढ़िए युवक ने सुसाइड नोट में क्या लिखा… “मैं विवेक श्रीवास्तव, अब बहुत हो गया है। जितना दुःख मां और पापा को देना था, दे दिया हूं। मुझे अब जीने की बिल्कुल इच्छा नहीं हो रही है। अब मैं एकदम थक सा गया हूं। मेरे घर के बगल में संदीप सिंह पुत्र प्रभुनाथ सिंह मेरा दोस्त था। उसने मुझे अपने दोस्त के पास काम के लिए भेजा। उन लोगों ने बताया कि ई-कॉमर्स बिजनेस (फ्लिपकार्ट-मीशो) शुरू करने वाले हैं। इसके लिए मैं गोरखपुर गया। मैं वहां करीब 10 दिनों तक रहा। वहां पर जो लड़के थे, उनका नाम सोनू, अंकित कुशवाहा और अभिषेक कुशवाहा था।” ई-कॉमर्स के नाम पर खुलवाए गए बैंक खाते “वे मुझसे बोले कि आपके नाम से बैंक में अकाउंट खोल देते हैं। मैं भी राजी हो गया कि चलो कुछ कमा लूंगा। फिर वहां से मैं घर चला आया। उसके बाद अंकित कुशवाहा तमकुही रोड आया और HDFC बैंक में 25000, एक्सिस बैंक में 25000 और सेंट्रल बैंक में 1500 देकर मेरा खाता खुलवा दिया। उन्होंने कहा कि भइया अकाउंट में पैसा आएगा तो दिल्ली से कपड़ा मंगवाया जाएगा और वेबसाइट भी TMT Ent. के नाम से बनवाई है। बैंक में पैसा आता गया और मैं निकाल कर देता गया। विश्वास करके मैंने अपना ATM भी अंकित कुशवाहा और सोनू को दे दिया। मेरे पास सूर्या सिंह का बैंक से कॉल आया कि आपका अकाउंट होल्ड हो गया है। मैंने आपत्ति जताई तो उन्होंने कहा कि पुलिस से संपर्क करो।” पुलिस को लोकेशन देकर दो लड़कों को पकड़वाया “मेरे एक भइया हैं आदित्य सिंह, उनसे मिला तो उन्होंने पूछा कि उन लड़कों का एड्रेस पता है। मुझे पता नहीं था। 27 या 28 मार्च के बीच बांसी थाने की पुलिस ने कुछ लड़कों को पकड़ा। मैं सोनू के पास गया और लाइव लोकेशन पुलिस को देता गया। इसमें एक और मास्टरमाइंड आदमी खान था। इन्हें मैंने पुलिस से पकड़वाया। उन लोगों के पास से 15 हजार रुपए कैश और 6 फोन मिले। इसके बाद पुलिस ने एप्लिकेशन देने को कहा, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। शाम 5 बजे सभी को छोड़ दिया गया। इसके बाद खान और सोनू मेरे मां के नंबर पर कॉल करके धमकी देने लगे। इन लोगों ने मुझे धमकी देकर डरा दिया, जिसके कारण मैंने साइबर क्राइम थाने में एप्लिकेशन नहीं दी।” 5 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी की गई “आदित्य भइया को सब पता है। इन लोगों ने सभी बैंक से करीब 5 लाख का फ्रॉड किया है। अगर मुझे पता होता तो इस दलदल में कभी नहीं पड़ता। काश! पहले ही साइबर थाने में एप्लिकेशन दे दिया होता, तो आज मैं जहर खाकर जान नहीं देता। बिजनेस के नाम पर मुझे इस जाल में फंसा दिया गया है। अब जो भी पुलिस वाले या लोग यह पत्र पढ़ेंगे, आशा है कि वे मुझे न्याय जरूर दिलाएंगे। अंकित कुशवाहा, संदीप (अंकित) सिंह का बचपन का दोस्त है। संदीप सिंह सब जानता है। मैंने अपने मोबाइल में वॉट्सएप में वीरू के नाम से कॉन्टैक्ट है, उस पर वॉइस नोट डाल रहा हूं।” सेवरही थाना SHO विनय कुमार ने बताया- परिजनों की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। ------------------------ यह खबर भी पढ़िए…. मुरादाबाद में पति-पत्नी की घर में घुसकर हत्या:24 हजार के लिए डबल मर्डर; 8 साल की बेटी मदद के लिए गिड़गिड़ाती रही मुरादाबाद में 24 हजार रुपए के लिए पति-पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घर में घुसे हमलावरों से बचाने के लिए 8 साल की बच्ची मदद के लिए पड़ोसियों से गुहार लगाती रही लेकिन डर के मारे कोई बचाने नहीं आया। बच्ची ने बताया- 6 लोग जबरदस्ती घर में घुस आए थे। पापा को पकड़कर चाकू मारे। मम्मी बचाने आई तो उस पर भी ताबड़तोड़ चाकूओं से वार किए और फरार हो गए। पढ़ें पूरी खबर
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