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    'केंद्रीय मंत्री को माननीय या श्रीमान क्यों नहीं लिखा':इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, यूपी के गृह सचिव से मांगा हलफनामा

    3 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ दर्ज की गई FIR में माननीय या फिर श्रीमान जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करने पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कुशीनगर में दर्ज FIR के मामले में सुनवाई की। कहा- जब साफ है कि FIR केंद्रीय मंत्री पर दर्ज हो रही तो पुलिस ने सम्मानसूचक शब्दों का प्रयोग क्यों नहीं किया। नाम के आगे माननीय और श्रीमान का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए यूपी के गृह सचिन से सफाई मांगी है। यह आदेश 31 मार्च को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दिया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल तय की है। इसी सुनवाई पर यूपी के गृह सचिव को हलफनामा देना होगा। पुलिस ने सम्मानसूचक शब्द जोड़ना क्यों जरूरी नहीं समझा हाईकोर्ट में सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में यह उल्लेख किया कि आरोप केंद्रीय मंत्री पर है। इसके बाद भी पुलिस ने उपाधि जोड़ना जरूरी नहीं समझा। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार, लखनऊ के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) कोर्ट में हलफनामा दें। कोर्ट को बताएं कि एफआईआर में सम्मानसूचक शब्द, प्रोटोकॉल को फॉलो क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि लिखित रिपोर्ट में प्रथम सूचना देने वाले ने माननीय मंत्री का अनुचित रूप से वर्णन किया था, इसके बाद भी एफआईआर लिखते समय पुलिस ने इसे अनदेखा किया जबकि पुलिस का यह कर्तव्य था कि वह प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सम्मानजनक शब्द का प्रयोग करे। क्या है मामला यह पूरा मामला कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 लाख के लेनदेन से जुड़ा है। आरोप है कि नौकरी के नाम पर रुपए लिए गए और वापस मांगने पर इंकार कर दिया गया। इसके बाद धमकी दी गई। हाईकोर्ट में आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की गई। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने माननीय और श्रीमान न लिखे जाने पर नाराजगी जताते हुए जवाब मांगा है। एफआईआर में केंद्रीय मंत्री आरोपी नहीं बनाए गए हैं लेकिन तहरीर के आधार पर उसमें उनका नाम लिखा गया है। इससे पहले मामले की सुनवाई 30 मार्च को हुई थी तब कोर्ट ने आदेश दिया था कि आरोपों से संबंधित सारे दस्तावेज और रिकॉर्ड पेश किए जाएं। नौकरशाहों के लिए 'माननीय' शब्द सही नहीं 19 दिसंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 'माननीय' का प्रयोग केवल मंत्रियों और अन्य संप्रभु पदाधिकारियों के लिए उपयुक्त है, न कि नौकरशाहों या राज्य सरकार के अफसरों के लिए। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इटावा के डीएम ने कानपुर के संभागीय आयुक्त को पत्राचार में 'माननीय आयुक्त' कहकर संबोधित किया है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें सीमा हैदर ने बेटे का नाम 'भारत' रखा:नोएडा में बोलीं- हिंदू होने पर गर्व, पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहती पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने अपने बेटे का नाम भारत रखा है। गुरुवार को रबूपुरा स्थित घर पर बेटे के नामकरण के दौरान सीमा ने कहा कि हिंदू धर्म बहुत खूबसूरत है। वो बहुत खुश हैं। उन्हें हिंदू होने पर गर्व है। पढ़िए पूरी खबर
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