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    कायमगंज में दो पक्षों की लड़ाई में एक की मौत:गुस्साई भीड़ ने थाने को घेरा,10 मिनट तक जाम लगा; 3 पकड़ाए

    9 hours ago

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    फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार को दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई। घटना बाईपास स्थित मेहंदिया वली मजार के पास हुई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। परिजनों ने मंडी चौकी प्रभारी पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाया है। दो पक्षों में जमकर चल लाठी-डंडे जानकारी के अनुसार, उलियापुर निवासी बांकेलाल और राजकुमार का दूसरे पक्ष के पुष्पेंद्र व करण से विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और सरिये चले। इस हिंसक झड़प में बांकेलाल और राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष से पुष्पेंद्र और करण को भी चोटें आईं। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम सूचना मिलने पर मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। बांकेलाल की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना में घायल राजकुमार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बताया कि 9 अप्रैल को उनका भैंसा चोरी हो गया था। जब वे इस संबंध में शिकायत लेकर मंडी चौकी प्रभारी बलबीर सिंह के पास गए, तो आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उन्हें गालियां देकर भगा दिया और सबूत लाने को कहा। सीसीटीवी फुटेज से तंबाकू गोदाम तक पहुंचे राजकुमार के अनुसार, वे रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए जौरा रोड स्थित एक तंबाकू गोदाम पर पहुंचे थे। वहां पहले से मौजूद पुष्पेंद्र, करण और लगभग 15 अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया। राजकुमार अपनी जान बचाकर भाग निकला, लेकिन हमलावरों ने बांकेलाल को गोदाम के अंदर खींच लिया और उसे बुरी तरह पीटा, जिससे वह लहूलुहान हो गया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप बांकेलाल की मौत की खबर सीएचसी पहुंचते ही वहां मौजूद महिलाओं और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मृतक की पत्नी और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की और शिकायत करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। फाइनेंस कंपनी में काम करता था युवक मृतक बांकेलाल निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता था। परिजनों के अनुसार 14 अक्टूबर 2025 को दूसरे पक्ष ने उसकी भैंस मार दी थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी रंजिश में विवाद बढ़ता गया। रविवार सुबह दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बांकेलाल को सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। 10 मिनट तक सड़क जाम रहा मौत की खबर मिलते ही परिजन और गांव की महिलाएं आक्रोशित हो गईं। गुस्साई महिलाओं ने कोतवाली के सामने धरना देकर सड़क जाम कर दी। करीब 10 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर जाम खुलवाया, लेकिन महिलाएं लगातार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाती रहीं। सीओ राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि घटना पुराने विवाद के चलते हुई है। मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य वैधानिक कार्रवाई तहरीर मिलने के बाद की जाएगी। भाई ने बताई पूरी कहानी… भाई विपिन कुमार के अनुसार, 9 अप्रैल को गांव के कुछ दबंग जबरन उनकी भैंस गाड़ी में लादकर ले गए थे। इसकी शिकायत पुलिस से की गई, जिसके बाद आरोपी पक्ष नाराज हो गया और परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा। रविवार सुबह करीब 9 बजे संजय अग्रवाल के सहयोग से दर्जनों हमलावर—जितेन्द्र, पुष्पेन्द्र, शनि, जॉनी, सुनील, सूरज, करन और अर्जुन—लाठी-डंडे और चाकू लेकर विपिन के घर में घुस गए। हमलावरों ने राजकुमार और बांकेलाल को पकड़कर जबरन संजय अग्रवाल के गोदाम में ले गए। गोदाम में बंद कर ताबड़तोड़ वार आरोप है कि गोदाम में दोनों भाइयों को बंद कर चाकुओं और डंडों से बेरहमी से पीटा गया। चीख-पुकार सुनकर जब परिजन पहुंचे तो दोनों लहूलुहान हालत में पड़े थे। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस और एम्बुलेंस ने दोनों को सीएचसी कायमगंज पहुंचाया। गंभीर हालत में बांकेलाल को लोहिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरे भाई की हालत नाजुक बनी हुई है, उनके सिर और शरीर पर गहरे घाव हैं। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ साल पहले दोनों पक्षों के बच्चों के बीच बकरा-बकरी को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी पक्ष की महिला शकुंतला ने मृतक के परिवार के 13 लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में मृतक पक्ष के आठ लोग—रवि, चंदन, मिथुन, रंजीत, सिकंदर, मुकेश, माथुर और अतुल—अब भी जेल में हैं। बांकेलाल की दो पत्नियां रमा और पूजा हैं। उनके एक दिव्यांग बेटे समेत 4 बेटियां और 3 बेटे हैं। पूजा कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में सरकारी अध्यापिका के पद पर तैनात हैं।
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