Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    KGMU में दा विंची तकनीक की एंट्री:अब ऑपरेशन में ज्यादा सटीकता, मरीजों को तेज रिकवरी का भरोसा

    3 hours ago

    1

    0

    KGMU में दा विंची रोबोटिक सर्जरी की सुविधा का आगाज हो गया है। इस नई तकनीक के शुरू होने से अब मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी रिकवरी का लाभ मिलेगा। अब तक संस्थान में एसएसआई मंत्रा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन दा विंची सिस्टम जुड़ने के बाद KGMU प्रदेश के उन चुनिंदा सरकारी संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है। इस खूबी से लैस हैं रोबोटिक मशीन दा विंची रोबोटिक सिस्टम एक एडवांस सर्जिकल प्लेटफॉर्म है, जिसमें सर्जन कंसोल पर बैठकर रोबोटिक आर्म्स की मदद से ऑपरेशन करते हैं। इसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़न मिलता है, जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बेहद स्पष्ट देखा जा सकता है। छोटे-छोटे चीरे लगाकर की जाने वाली इस सर्जरी से संक्रमण का खतरा कम होता है और मरीज को पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कम तकलीफ होती है। KGMU के ये विभाग करेंगे प्रयोग यह सुविधा गैस्ट्रो सर्जरी, यूरोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, जनरल सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी में इस्तेमाल की जाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन अब अधिक नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन दा विंची रोबोटिक सर्जरी को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत शुरू किया गया है। इससे संस्थान को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने में सहयोग मिला है और मरीजों को सरकारी संस्थान में ही हाईटेक सुविधा का लाभ मिल सकेगा। तय की गई सर्जरी फीस दो पोर्ट सर्जरी - 58,100 तीन पोर्ट सर्जरी - 79,620 चार पोर्ट सर्जरी - 1,08,810 जल्दी सामान्य जीवन में वापसी नई सुविधा के साथ KGMU ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। इससे न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    आंखें निकाल लूंगा...राजेश सिंह नाम है मेरा, VIDEO:मऊ में रेलवे के पार्सल अधीक्षक ने RPF जवान को धमकाया, गालियां दीं
    Next Article
    BHU कैंपस में शोधार्थियों का हस्ताक्षर अभियान:UGC से NON-NET फेलोशिप बढ़ाने की मांग,बोले- 8 हजार से बढ़ाकर 25 हजार करे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment