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    खेतों में पानी भरा…किसान सिर पकड़कर बोले- बर्बाद हुए:यूपी के 43 जिलों में तेज बारिश; जालौन, हाथरस, ललितपुर में 50% गेहूं खराब

    2 hours ago

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    यूपी के 43 शहरों में बारिश के साथ तेज हवाओं ने गेहूं, सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया। कानपुर, ललितपुर, झांसी और जालौन में ओले गिरे। सबसे ज्यादा असर कानपुर और उन्नाव में दिखा। यहां सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। किसान खेतों में पहुंचे तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सिर पर हाथ रखकर खेतों में ही बैठ गए। वह कहते हैं- खेत में पानी भरने से आलू काला पड़ गया। मंडी ले गए, लेकिन कौड़ियों के भाव भी नहीं बिका। न जाने भगवान क्यों नाराज है। तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को खेत में लिटा दिया। बालियां पानी में भीग चुकी हैं। ललितपुर, झांसी और जालौन में भी इतने ओले गिरे कि सड़क और खेतों में ओलों की चादर बिछ गई। इन जिलों में 50% गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। लखनऊ के आंचलिक विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह कहते हैं- 7 अप्रैल को एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है, इसका असर 9 अप्रैल तक रहेगा। तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, ओले भी गिर सकते हैं। 10 अप्रैल से मौसम सामान्य होना शुरू होगा। दैनिक भास्कर ने 5 शहरों के किसानों से उनका दर्द जाना। पढ़िए रिपोर्ट… फसल बेचकर कर्ज चुकाना था, अब पैसे कहां से चुकाएंगे कानपुर के बिधनू इलाके में किसान अजय सिंह कहते हैं- इस बार गेहूं की फसल बहुत अच्छी हुई थी। फसल पक चुकी थी, कटाई का ठेका भी दे दिया था। सोमवार को मजूदर खेत में लगने थे। शनिवार शाम को बारिश-ओले पड़ गए। खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई। किसान धीरेंद्र कुमार कहते हैं- बिटिया की शादी कर्ज लेकर की थी। यही गेहूं की फसल बेचकर कर्ज चुकाना था, फसल तो बर्बाद हो गई, अब ये समझ नहीं आ रहा है कि कर्ज कैसे चुकाएंगे। वो हमें खेत पर सिर पकड़कर बैठे हुए मिले। किसान बोले- ओले गिरे तो फसल छोड़कर भागे जालौन के माधौगढ़ और कोंच तहसीलों में बारिश के साथ ओले गिरे। इससे 50 से ज्यादा गांवों में गेहूं, सरसो और चना की फसल जमीन पर गिर गई। ओले की सफेद चादर बिछ गई। किसान रविंद्र यादव कहते हैं- जब हम लोग गेहूं ही काट रहे थे, तब ओले गिरने लगे, वो भी बड़े-बड़े। सब कुछ छोड़कर हम लोगों को भागना पड़ा। अब देखिए, पूरे खेत में पानी भरा हुआ है। खेत में सूखने के लिए गेहूं रखा है, अब अगर दोबारा बारिश होती है, तो कुछ भी नहीं बचेगा। इससे पहले वाली बारिश में मटर की फसल का नुकसान हो चुका है। तब तो सब्र कर लिया था, अब कुछ समझ नहीं आ रहा है। किसान चंद्रशेखर कहते हैं- पहले खाद-बीज के लिए उधार लिया था। 10 बीघा में गेहूं और 40 बीघा में मटर लगाया था। बारिश और ओलों ने सब बर्बाद कर दिया। अब डीएम साहब, कुछ मदद करवा दें, तो राहत मिले, उधार चुकता कर सकेंगे। खेतों में पानी भरा, कट चुकी फसल खराब हुई हाथरस के सादाबाद इलाके के बिसावर और आसपास के 20 गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे थे। बारिश तो पहले से हो रही थी। सिर्फ दिसावर इलाके में ओला गिरने से 600 बीघा से ज्यादा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। यहां खेतों में गेहूं की कटाई चल रही थी, अधिकांश खेतों में कटी हुई फसल पड़ी थी। अब उन्हीं खेतों में पानी भर चुका है। किसान नारायण सिंह ने बताया- मैंने 5.5 बीघा खेत में गेहूं की फसल काट रखी थी, जो बारिश और ओलावृष्टि में पूरी तरह बर्बाद हो गई। यह फसल मैंने बटाई पर ली थी, अब नुकसान की भरपाई का कोई उपाय नहीं नजर आ रहा है। नगला धती के किसान चौधरी मनोज पंसारी का कहना है- मेरी करीब 11.5 बीघा फसल बारिश और ओलावृष्टि में बर्बाद हो गई। सारी फसल गेहूं में कटी हुई पड़ी थी। सादाबाद के नगला छती के किसान चौधरी मनोज पंसारी का कहना है- इस ओलावृष्टि और बारिश में मेरी 11 बीघा फसल बर्बाद हो गई है। बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेत में पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। किसान बोले- आलू काला पड़ा, मंडी में कौड़ी के दाम भी नहीं बिका फतेहपुर में भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। गेहूं और लाही की फसल को नुकसान हुआ। जिले में करीब 40% फसल की कटाई हो चुकी थी, जबकि 60% फसल अभी खेतों में खड़ी थी, जो आंधी और बारिश के कारण गिर गई। करीब 150 बीघा फसल आंधी बारिश के कारण बर्बाद हो गई। किसान भोला ने बताया- बारिश के कारण खेत में पकी गेंहू की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है, चना की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है और आलू काला पड़ गया है। मंडी लेकर गए थे, लेकिन वो भी बिक नहीं रहा। वही मलवा विकासखंड के औंग चौडगरा मलवा इलाकों में गेहूं, चना, आलू, कुंदरु, लोबिया, लहसुन फसलों को नुकसान हुआ है। इस इलाके में उड़द और मूंग की बुआई हो चुकी थी। वह भी प्रभावित हुई है, तेज हवा से गेहूं की फसल गिर गई है, इससे काफी नुकसान हुआ है। दरियापुर गांव के किसान रतिपाल ने बताया- गेहूं की फसल गिर गई है, वहीं गंगा तराई क्षेत्र में लगाई गई सब्जी भी नष्ट हो गई है। पृथ्वी पाल निषाद बताते हैं- मूंग, उड़द के साथ-साथ गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है, गिर चुकी फसल में कालापन आना शुरू हो गया है। गेहूं को सुखाने के लिए पलट रहे किसान फर्रुखाबाद में बारिश और ओलावृष्टि हुई। खुदागंज में ओले गिरने से गेहूं और मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। गांव उमरपुर में एक किसान की 5 बीघा मक्का की फसल गिर गई। बताया गया कि इससे काफी नुकसान हुआ है। खेत में गेहूं को सुखाने के लिए पलट रहे महेश ने बताया- आंधी-पानी से काफी नुकसान हुआ है। खेतों में पड़ा गेहूं भीग गया। अब सूखने के लिए इसको पलट रहे हैं। भंवर पाल ने बताया- खेतों में पक्की फसल गेहूं की खड़ी है सरसों की खड़ी है। तेज हवा के साथ पानी बरसता है ऐसे में फसल गिर जाती है नुकसान भी होता है। कानपुर में 200 पेड़ उखड़े, 24 घंटे बाद भी रोड ब्लाॅक शहर में तेज बारिश और आंधी ने 200 से ज्यादा पेड़ों की जड़े हिला दीं। हालात ऐसे बने कि 100 से ज्यादा बिजली के पोल ही उखड़ गए। 24 घंटे बाद भी आधे शहर की बिजली सप्लाई ठप रही। जगह-जगह सड़के ब्लॉक हो गई। ट्रैफिक रोक-रोककर गुजारा गया। यूपी में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम, लखनऊ के आंचलिक विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह की बात पढ़िए… सवाल : इस हफ्ते मौसम का क्या अनुमान है? जवाब : पिछले हफ्ते एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर रविवार तक रहा। सोमवार को मौसम साफ रहेगा। मंगलवार से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर एक्टिव हो रहा है। इसका असर गुरुवार तक देखने को मिलेगा। नए एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस से पूरे यूपी में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। कुछ जगहों पर ओले गिरने की आशंका है। शुक्रवार यानी 10 अप्रैल से मौसम सामान्य होना शुरू हो जाएगा और गर्मी बढ़ने लगेगी। सवाल : वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बाद कैसी गर्मी पड़ेगी? जवाब : यूपी के जिन इलाकों में ज्यादा बारिश होगी, वहां 10 अप्रैल के बाद तापमान में अचानक बढ़ोतरी होगी। बारिश होने से तापमान करीब 5 से 7 डिग्री तक गिर जाता है। मौसम खुलने पर इतना ही तापमान अचानक से बढ़ेगा। आगे नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस आने का अनुमान नहीं है। इस वजह से मौसम पूरी तरह खुला रहेगा और गर्मी बढ़ने लगेगी। सवाल : क्या पूर्वी और पश्चिमी यूपी में मौसम का असर अलग-अलग रहेगा? जवाब : पूरे यूपी में अलग-अलग समय पर बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर दिन में, कहीं दोपहर में, तो कहीं रात में बारिश हो रही है। जिन जगहों पर रात में बारिश हो रही है, वहां दिन में मौसम खुल जाता है। इस वजह से वहां का तापमान भी थोड़ा बढ़ जाता है। यही कारण है कि पूरे यूपी में अलग-अलग जगह पर अलग-अलग तापमान देखने को मिल रहा है। 10 अप्रैल तक मौसम और तापमान में इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसके बाद तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर देखने को मिलेगा। सोमवार को पूरे यूपी में तापमान बढ़ा हुआ रहेगा, क्योंकि मौसम साफ रहेगा। मंगलवार को वेस्ट यूपी और सेंट्रल यूपी में तापमान अचानक से 5-7 डिग्री गिरेगा, क्योंकि बारिश होगी। गुरुवार तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर पूर्वी यूपी तक पहुंच जाएगा, तो वहां भी तापमान गिरेगा। 10 अप्रैल से वेस्ट और सेंट्रल यूपी में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म हो चुका होगा। इस वजह से तापमान बढ़ने लगेगा। फिर धीरे धीरे पूरे यूपी में तापमान बढ़ेगा और गर्मी बढ़ती जाएगी। आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… …………….. ये पढ़ें - मथुरा-जालौन समेत 3 जिलों में ओले गिरे, 10 में बारिश:आंधी-बिजली से 15 मौतें; बर्बाद फसल देख किसान सिर पकड़कर बैठा यूपी में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 72 घंटे में 15 लोगों की मौत हो गई। शनिवार शाम को शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी है। काशी, गोंडा, सल्तानपुर समेत 10 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल रही है। मथुरा, संभल और हाथरस में ओले गिरे। जालौन में 24 घंटे में दूसरी बार ओलों की बारिश हुई। सड़क और खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई। इससे गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। पढ़िए पूरी खबर…
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