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    लखनऊ अग्निकांड- घर जला तो दुल्हन ससुराल नहीं आई:शादी का जोड़ा जला, खाली हाथ बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, बेबसी की 4 कहानियां...

    1 hour ago

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    हम लोग शादी की तैयारी कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद मेरे भतीजे की बारात निकलने वाली थी। मेहमान पहुंच चुके थे। दूल्हे को सजाने की तैयारी चल रही थी। उसे उबटन लगाया जा रहा था। घर की महिलाएं गीत गा रही थीं, पूरे घर में खुशी का माहौल था। अचानक चीख-पुकार मचने लगी। किसी ने चिल्लाकर बताया कि बस्ती में आग लग गई है। यह कहते हुए रानी का गला भर आया और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वह अपने भतीजे मनीष की शादी में शामिल होने आई थीं। विकास नगर में जिस वक्त 250 झोपड़ियों में आग लगी। वहीं से एक घंटे बाद बारात निकलने वाली थी। लेकिन आग ने सब कुछ जलाकर राख कर दिया। इस सबके बावजूद बारात निकली, शादी हुई। हालांकि बारात में सिर्फ परिवार के ही लोग गए। दूल्हा-दुल्हन के घर तैयार हुआ। घर नहीं होने की वजह से दुल्हन की विदाई भी नहीं हो सकी है। विकास नगर में आग के बाद के मंजर को समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची, यहां पीड़ित परिवारों के दर्द को जाना…पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट… पहले बेबसी की 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए चार पीड़ितों का दर्द, जिन्होंने अपना सब कुछ गवां दिया… 1. दूल्हे की शेरवानी, दुल्हन के गहने जल गए रानी ने बताया कि घर में हंसी-खुशी का माहौल था। 1 घंटे बाद भतीजे की बारात निकलने वाली थी। तब तक आग लग गई। सिलेंडर फटना शुरू हुए तो हम लोग जान बचाकर भागे। दूल्हे की शेरवानी सारा कपड़ा जल गया। दुल्हन के लिए हम शादी का जोड़ा जेवर लेकर आए थे, वह सब राख में मिल गया। हमारी शादी वाले घर में मातम छा गया। छोटे बड़े सब बिलख-बिलख कर रो रहे हैं। दूर-दराज से 100 से अधिक मेहमान आए थे, वह भी सब जान बचाकर भागे। नई साड़ी हमने भतीजे की शादी के लिए बहुत अरमान से खरीदी थी, बस वही बची है। मौसी बोलीं- बहन ने शादी के लिए उधार लिया था हमारी बहन घरों में झाड़ू-पोछा करती है, उसने बेटे की शादी के लिए डेढ़ लाख रुपए उधार लिए थे। अब वह बेसुध घूम रही है। हम हाथ जोड़कर सरकार से विनती करते हैं कि हम लोगों की मदद करे। आग लगने के 4 घंटे बाद मनीष की मधु से हुई शादी एक ओर आग से घर जल रहा था, वहीं वहीं दूसरी ओर मनीष की बारात निकली। इंदिरानगर के पानी गांव में 4 घंटे बाद मधु से शादी हुई। लोग गम में भी खुशी तलाशते नजर आए। पूरा मामला जानिए- 2. आंखों के सामने उजड़ गया आशियाना, सिसकती रही नंदिनी जहां आग लगी थी, वहां से 50 मीटर की दूरी पर नंदिनी बैठी थीं। आंखों में आंसू भर सिसकियां ले रही थीं। हमने उससे बातचीत करने की कोशिश की। गुमसुम बैठी नंदिनी ने बताया कि यह मंजर उसके लिए बेहद खौफनाक है। हमारा बचपन यहीं पर गुजरा है, पहली बार ऐसी आग देखी। इस आग में हमारा सब कुछ जल गया सिर्फ अपनी जान बचा पाए हैं। जब हादसा हुआ तो घर पर सिर्फ माता-पिता थे। हम अपनी बहन के साथ काम करने चले गए थे। वहीं पर जानकारी मिली कि घर पर आग लग गई है, भागते हुए आए और यहां का मंजर देखकर होश उड़ गए। 3. मजदूरी करके 2.5 लाख रुपए जुटाए थे, सबकुछ जल गया इस आग में हमारा परिवार बर्बाद हो गया। टीवी, फ्रिज सारा सामान जल गया। हमने अपनी शादी के लिए मजदूरी कर के ढाई लाख रुपए जमा किया था और कुछ गहने बनवाए थे। नकद पैसों के साथ गहने भी जल गए। इतना कहते हुए नंदिनी की आंखों से आंसू बहने लगे। झाड़ू पोछा करके अपनी शादी के लिए यह रकम जमा की थी। हमारे सारे जरूरी कागजात जल गए। पिछली धनतेरस पे हमने गाड़ी ली थी, उसके कागज भी जल गए। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी मदद करे, कुछ भी नहीं बचा जो कपड़ा पहने हैं तन पर बस यही है। 4. 'सब कुछ जल गया, बेटे-बहू का नहीं पता' सीना पीट पीट कर रोती हुई बेसुध शमसुन्निशा को एक लड़की सहारा दे रही थी। हाथ जोड़कर रोते हुए बोलीं कि हमारा सब कुछ जल गया। 9 महीना पहले हमने बेटी की शादी किया था। आग लगने के 2 घंटे के बाद भी हमारी बहू और बेटे का कुछ पता नहीं चल रहा है। 17 सालों से हम रह रहे हैं आज ही अचानक आग कैसे लग गई। इसके बारे में कुछ नहीं पता। घर में झाड़ू-पोछा करके जिंदगी गुजार रहे थे, हमारे पति पहले ही खत्म हो चुके हैं। अब बेटे और बहू का सहारा था, वह भी नहीं मिल रहे। हम बर्बाद हो गए, कुछ भी नहीं बचा। 15 अप्रैल को लगी भीषण आग, 250 आशियाने उजड़ गए लखनऊ के विकास नगर में बुधवार को भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद चारों तरफ गैस सिलेंडर और फ्रिज एसी के कंप्रेसर के फटने की आवाज गूंज रही थी। आग से 40 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें दिखाई दे रही थी। आग लगने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 7 घंटे के संघर्ष के बाद आप पर काबू पाया। लोगों का सारा सामान जलकर राख हो गया। जिनकी झोपड़ियां जलीं, वो लोग रोते-बिलखते रहे। देर रात लोगों को अस्थाई रैन बसेरे में भेजा गया। घटना की लोकेशन जानिए-
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