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    लखनऊ के ए.पी. सेन कॉलेज में राष्ट्रीय संगोष्ठी:साहित्य, विज्ञान, संस्कृति और संस्कार पर विशेषज्ञों ने विचार रखे

    6 hours ago

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    लखनऊ के ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज में 'भारतीय ज्ञान परंपरा में साहित्य, विज्ञान, संस्कृति एवं संस्कार' विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्घाटन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने संगोष्ठी की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता आईआईटी कानपुर के प्रो. ए.के. शर्मा ने भारतीय सभ्यता के विकास में ज्ञान परंपरा की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने पाणिनी, सुश्रुत, आर्यभट्ट, जगदीश चंद्र बसु और मेघनाथ साहा जैसे विद्वानों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। सिंधु घाटी सभ्यता की जल प्रबंधन की सराहना की लखनऊ विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. अरविन्द मोहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता की जल प्रबंधन प्रणाली की सराहना की और भगवान राम के वनवास काल को ज्ञान सृजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रबंध समिति के सदस्य प्रो. देवाशीष मुखर्जी ने भारतीय और पाश्चात्य ज्ञान परंपरा का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. निधि सिद्धार्थ, प्रो. मोनिका श्रीवास्तव, प्रो. माधुरी यादव, प्रो. ऊषा पाठक और प्रो. सीमा मिश्रा द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। उद्घाटन सत्र का संचालन प्रो. पूजा शुक्ला ने किया।संगोष्ठी में कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें से दो ऑनलाइन और दो ऑफलाइन थे। ऑफलाइन सत्रों में विभिन्न शोधार्थियों और छात्राओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जबकि ऑनलाइन सत्रों में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना भारतीय ज्ञान की मूल समापन सत्र में राज्य सूचना आयुक्त प्रो. दिलीप अग्निहोत्री ने भारतीय ज्ञान परंपरा को केवल सेमिनार का विषय न मानकर जीवन में अपनाने का संदेश बताया। उन्होंने कहा कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना ही भारतीय ज्ञान की मूल धारा है। अंत में डॉ. ऋचा मुक्ता ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया, और कार्यक्रम का संचालन प्रो. मनीषा पांडेय ने किया। कॉलेज परिवार के सहयोग से यह संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
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