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    लखनऊ में LGBTQIA समुदाय सड़कों पर उतरा:बोले- किसकी पैंट उतारेंगे डॉक्टर, हमारी पहचान फीलिंग है; सेक्स तो सबके पास

    4 hours ago

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    लखनऊ में LGBTQIA समुदाय के लोगों ने ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल-2026 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ‘काला बिल वापस लो’, ‘मेरी बॉडी, मेरी मर्जी’ के नारे लगाए। समुदाय के करीब 500 लोग कई जिलों से इकट्ठा हुए। यहां बेगम हजरत महल पार्क से विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें पार्क के पास ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनका अगला प्रदर्शन 6 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर में होगा। यहां उन्होंने ट्रांस संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा- डॉक्टर अगर हमारी जांच कर ट्रांस निर्धारित करेंगे तो किसकी-किसकी पैंट उतारेंगे? सेक्स सबके पास है। हम सेक्स के आधार पर नहीं बल्कि फीलिंग से ट्रांस हैं। ट्रांस बिल में संशोधन करने वाले हमारी सभी कैटेगरी के बारे में कितना जानते हैं? प्रदर्शन की 5 तस्वीरें- क्या है ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल-2026- इसमें कहा गया है कि जो लोग अपनी यौन अभिवृत्ति (सेक्सुअल ओरिएंटेशन) या अपनी पहचान (जेंडर आइडेंटिटी) को खुद महसूस करते हैं, उन्हें ट्रांसजेंडर नहीं माना जाएगा। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी यौन अभिवृत्ति या जेंडर आइडेंटिटी को खुद तय करता है, तो उसे ट्रांसजेंडर नहीं माना जाएगा। इसका मतलब है कि ट्रांसजेंडर की परिभाषा अब केवल उन लोगों तक सीमित कर दी गई है जो पहले से ही इस श्रेणी में हैं। ऐसे में खुद को LGBTQIA समुदाय का मानने वाले लाखों लोग इस कैटेगरी से बाहर हो जाएंगे। अब पढ़िए प्रदर्शनकारी क्या बोले- ‘हमें हिजड़ा समुदाय में नहीं जाना’ प्रदर्शन कर रहे शुभम अग्रहरि उर्फ सुरभि ने कहा नए बिल के हिसाब से हमें नंगा करके देखा जाएगा कि हम मेल हैं या फीमेल। पहले साइकैटरिस्ट हमें मेंटली प्रूफ करते थे। अब नए बिल के हिसाब से हम कपड़े उतारकर अपना **** दिखाएंगे और बताएंगे कि मेल हैं? ये बहुत गलत है। हम NALSA के जजमेंट को नहीं मान रहे हैं। हम आगे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इस बिल से थर्ड जेंडर के लोग तनाव में हैं। हम लोगों को हिजड़ा कम्युनिटी में नहीं जाना है तो जबरदस्ती क्यों भेजा जा रहा है। हमें ताली बजाकर भीख नहीं मांगना है। हम अपनी बॉडी से संतुष्ट नहीं है इसलिए सर्जरी करवाते हैं। हमारे बहुत सारे लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। महिला को पुलिस प्रोटेक्श है, हमें तो पुलिस अभी प्रताड़ित करती है। ‘मेडिकल रिपोर्ट हमारी फीलिंग कैसे बताएगी’ प्रदर्शन कर रहीं ट्रांस वूमेन जिया ने कहा- यह बिल बहुत ही गलत और हम लोगों के खिलाफ साजिश है। अब एक मेडिकल रिपोर्ट डिसाइड करेगी कि हमारी फीलिंग हमारे जज्बात क्या है? क्या यह पुलिसवाले हमको सड़क पर खड़ा करके नंगा करके देखेंगे और बताएंगे कि हम ट्रांस है या नहीं? यह सरकार के द्वारा हमें पूरी तरह से अपमानित करने की साजिश है। हम इसके विरोध में हैं और रहेंगे। मेडिकल कराने में हमें कोई दिक्कत नहीं है अगर फिर 2019 में यह फैसला क्यों आया था कि समलैंगिक अपनी फीलिंग्स और अपने लोगों के साथ जी सकता है? हमें नंगा होकर दिखाना पड़ेगा कि हमारा जेंडर क्या है? आज तक किसी भी ट्रांस को सम्मान क्यों नहीं मिला? हमें घर बुलाकर कोई दावत क्यों नहीं खिलाता?
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