Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ में 'पावर विजन 2047' पर व्याख्यान:ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा

    3 hours ago

    2

    0

    लखनऊ में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), यू.पी. स्टेट सेंटर ने 'पावर विज़न 2047: विकसित भारत ' विषय पर एक तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया। इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और विकसित बनाना था। इसमें ऊर्जा के भविष्य और बढ़ती जरूरतों पर गंभीर चर्चा की गई। व्याख्यान के दौरान बताया गया कि वर्तमान में भारत में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत लगभग 1600 किलोवाट है। इसकी तुलना में अमेरिका जैसे विकसित देशों में यह खपत करीब 14,000 किलोवाट तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 2047 तक प्रति व्यक्ति बिजली खपत को 10,000 किलोवाट तक बढ़ाना आवश्यक है। पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा देना विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करनी होगी। इसके साथ ही सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता में सुधार करना और ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्य वक्ता इं. राकेश गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने अभियंताओं और तकनीकी विशेषज्ञों से समय के साथ अपडेट रहने और टिकाऊ समाधान विकसित करने का आह्वान किया। नई तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. वी.पी. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे तकनीकी व्याख्यान न केवल इंजीनियर्स के लिए बल्कि विद्यार्थियों और उद्योग जगत के लिए भी काफी उपयोगी सिद्ध होते हैं। ये कार्यक्रम नई तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और भविष्य की दिशा तय करने में सहायक होते हैं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभियंता, शिक्षाविद और छात्र मौजूद रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ में बैंक कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया:5 डे वर्किंग की मांग, बोले - फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए 5 डे वर्किंग जरूरी
    Next Article
    लखनऊ में 'मंगल महोत्सव-2026' का शुभारंभ:बड़ा मंगल को श्रद्धा, स्वच्छता और संस्कार से जोड़ने की पहल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment