Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ नगर निगम का 4692.71 करोड़ का बजट तैयार:कूड़ा निस्तारण और साफ सफाई पर खर्च होंगे 400 करोड़, पार्षद, मेयर कोटा बढ़ाने की तैयारी

    17 hours ago

    1

    0

    लखनऊ नगर निगम की तरफ से साल 2026-27 के बजट को लेकर 22 फरवरी को कार्यकारिणी बैठक की जाएगी। इसमें आने वाले वित्त वर्ष में शहर के विकास और एजेंडा तय होगा। कुल 4692.71 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी मिलेगी। नगर निगम की तरफ से इसकी तैयारी कर ली गई है। 12 फरवरी को हुई बैठक में पूरी रूपरेखा अधिकारियों ने तैयार कर ली है। कार्यकारिणी में मंजूरी के बाद इसे सदन की बजट बैठक में रखा जाएगा। बजट में सबसे अधिक जोर साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण पर है। ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। इसमें कुल 400 करोड़ रुपए आने वाले एक साल में खर्च होंगे। पार्षदों की निधि भी 2.10 करोड़ से 3 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव है। मेयर की विकास निधि 20 करोड़ और नगर आयुक्त की विकास निधि 10 करोड़ को भी बढ़ाने की मांग है। इसके साथ बजट में सड़क निर्माण पर 271 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बजट में कल्याण मंडप बनाने, नगर निगम को डिजिटल बनाने सहित मूल भूत सुविधाओं को सुधारने पर जोर है। वहीं, शनिवार 21 फरवरी को नगर निगम की तरफ से विशेष सदन की बैठक होनी है। इसमें वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर चर्चा होगी। पीपीपी मॉडल पर प्लांट लगाने वाली कंपनी को मुफ्त में शिवरी में जमीन देने और कंपनी चयन के लिए नियम शर्तें तय करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। साथ ही पार्षद वार्डवार अपनी समस्याओं को रखेंगे। पिछले सदन बैठक में पार्षदों की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर भी नगर निगम के अधिकारी जवाब दे सकते हैं। समझे 4692.71 करोड़ रुपए का बजट क्या है इसमें 2,278 करोड़ रुपए राजस्व लेखा (रेवेन्यू अकाउंट) है, जो नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स, लीज रेंट, विभिन्न ठेकों और जुर्माने से होने वाली इनकम है। 981 करोड़ रुपए राजस्व लेखा (कैपिटल अकाउंट) राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर मिलने वाले 16 वें वित्त, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सीएम ग्रेड योजना सहित अन्य केंद्र सरकार और राज्य सरकार से आने वाले मद शामिल हैं। 34 करोड़ रुपए ठेकेदारों की सिक्योरिटी, कर्मचारी कल्याण कोष, सामूहिक जीवन बीमा सहित अन्य मद से आने वाली मद जिसे उचंत खाता (सस्पेंस अकाउंट) में रखा गया है। इसके साथ ही इस साल का क्लोजिंग बैलेंस 1399 करोड़ रुपए नए फाइनेंशियल ईयर में ओपनिंग बैलेंस के रूप में जुड़ेगा, जिससे साल 2026-27 का कुल बजट 4692.71 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ नए वित्त वर्ष में नगर निगम ने हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए रखा है। हालांकि, टैक्स को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव में 271 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह पिछले साल के मूल बजट के बराबर में है। हालांकि, 2025-26 के पुनरीक्षित बजट में इसे 55 करोड़ रुपए बढ़ाकर इसे 326 करोड़ कर दिया गया था, जिसे फिर से अगले साल पुनरीक्षित बजट में बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम आवश्यकता के अनुसार इसपर निर्णय लेगा। सपा बोली काम की गुणवत्ता के लिए बने कमेटी सपा के पार्षद दल नेता कामरान बेग ने कहा कि सीवर, सफाई और सड़क की गुणवत्ता पर बेहतर काम होना चाहिए। सड़क की गुणवत्ता के लिए मॉनेटरिंग कमेटी बननी चाहिए। एक सड़क कम से कम 10 साल तक जरूर चले। ऐसी सड़क बने। इसपर अधिकारियों के साथ में पार्षदों को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मार्ग प्रकाश व्यवस्था को सुधार जाए। सीवर की समस्या से लोग त्रस्त हैं। इसपर बजट में खास प्रावधान रखना चाहिए। कांग्रेस बोली टैक्स न बढ़े कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि वार्ड विकास निधि बढ़ाना चाहिए। इसे बढ़ाकर 3 करोड़ करना चाहिए। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए शहर को अधिक काम करने की जरूरत है। जनता पर कोई भी नया टैक्स नहीं लगाना चाहिए। भाजपा बोली नगर आयुक्त और मेयर का कोटा बढ़े भाजपा के पार्षद दल उप नेता सुशील तिवारी पम्मी ने कहा कि वार्ड विकास निधि को बजट में बढ़ोत्तरी की मांग की जाए। इसके साथ ही नगर आयुक्त और मेयर कोटे को बढ़ाने की मांग की जाएगी। ताकि शहर का विकास और साफ सफाई बेहतर ढंग से हो सके। साथ ही हाउस टैक्स की वसूली बढ़े। इसके लिए योजना बद्ध तरीके से काम किया जाए। मेयर बोलीं कूड़े से बनाएंगे बिजली मेयर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि शहर का विकास हमारी प्राथमिकता है। हम नए साल पर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाकर देश में इसे नंबर 1 बनाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और सड़क को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। कार्यकारणी बैठक से पहले विशेष सदन की बैठक में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का विषय भी रखा जाएगा। इससे शहर पूरे देश में मॉडल बनेगा। हम कूड़े से बिजली बनाएंगे। जन भागीदारी से शहर को बेहतर बना रहे नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि लखनऊ को साफ सफाई के साथ में कूड़ा निस्तारण में बेहतर बनाया जा रहा। बजट में लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। नगर निगम सड़क, पानी, लाइट,स्कूल सहित सभी विषयों पर काम कर रहा। स्वच्छता हमारी प्राथमिकता है। हम जन भागीदारी से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। 2026-27 के बजट में इस मद में होगा खर्च (रुपए में) 30 पॉइंट्स में जानें खास बात कूड़ा निस्तारण के लिए 300 करोड़ सड़क सुंदरीकरण और निर्माण के लिए 271 करोड़ कार्यदाई संस्था के माध्यम से सफाई के लिए 100 करोड़ इंजीनियरिंग और अन्य विभागों की तरफ से कराए गए मरम्मत, निर्माण कार्य के बकाया भुगतान के लिए 405 करोड़ LDA और आवास विकास से आने वाली योजनाओं के लिए 50 करोड़ निगम के ऋण, बॉन्ड सहित अन्य खर्च के लिए 46 करोड़ पार्कों का सुंदरीकरण और कर्मचारियों के वेतन के लिए 42 करोड़ अहाना एंक्लेव में बन रही मल्टी फ्लोर बिल्डिंग के लिए 40 करोड़ अधिकारियों कर्मचारियों के साथ में नगर निगम की गाड़ियों के डीजल खर्च के लिए 32 करोड़ 50 लाख रुपए नाला, पुलिया और क्रासिंग निर्माण के लिए 30 करोड़ अभियंत्रण में नियमित और दैनिक कर्मचारियों के वेतन के लिए 25 करोड़ आरआर विभाग में गाड़ियो की मरम्मत के लिए 18 करोड़ 50 लाख नगर निगम के स्कूलों के लिए 16 करोड़ 90 लाख नालों की सफाई के लिए 15 करोड़ मॉडल वेंडिंग जोन बनाने के लिए 15 करोड़ रुपए नगर निगम संपत्ति के संरक्षण के लिए 10 करोड़ स्कूलों की मरम्मत और निर्माण के लिए 10 करोड़ कांजी हाउस में अधिष्ठान खर्च के लिए 8 करोड़ नए बिजली के खंभे लगाने सहित अन्य काम के लिए 7 करोड़ बिजली का सामान खरीदने के लिए 6 करोड़ 50 लाख रुपए पार्कों के सुंदरीकरण के लिए 6 करोड़ श्मशान घाट के लिए 6 करोड़ नगर निगम को डिजिटल बनाने के लिए 5 करोड़ बाढ़ पंप के संचालन के लिए 5 करोड़ नए टॉयलेट और कूड़ा घर निर्माण और मरम्मत के लिए 2-2 करोड़ नगर निगम के चिकित्सालय में खर्च और कर्मचारियों के लिए 5 करोड़ कल्याण मंडप के लिए 4 करोड़ 40 लाख रुपए धोबी घाट, तालाब, स्नान घाट और कपड़ा धोने वाले स्थान के लिए 3 करोड़ कूड़ा घर और शौचालय निर्माण के लिए 2 करोड़ ट्रैफिक सही करने के लिए 3 करोड़ रुपए
    Click here to Read more
    Prev Article
    संविदा भर्ती में घूसखोरी का भंडाफोड़:सीबीआई ने उरई और चित्रकूट से तीन कर्मचारी गिरफ्तार किए
    Next Article
    बागपत में महिला शव मिलने का मामला:9 दिन बाद भी खुलासा नहीं, 250 से ज्यादा CCTV खंगाल चुकी पुलिस

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment