Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने रजिस्ट्रार का इस्तीफा मांगा:लाल बारादरी खोलने की मांग, बोले- नमाजस्थल को सील करना गैरकानूनी

    2 hours ago

    1

    0

    लखनऊ विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्र संगठनों ने लाल बारादरी को खोलने की मांग की है। समाजवादी छात्र सभा के उपाध्यक्ष महेंद्र, NSUI उपाध्यक्ष अहमद रजा तौकील गाजी और AISA से शांतम निधि ने पीसी कर रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा का इस्तीफा मांगा। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज करने की मांग की। छात्रों का कहना था है कि लाल बारादरी मामले में प्रशासनिक कार्रवाई बेहद निंदनीय है। जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो गया। छात्रों ने इस प्रकरण को जेएनयू में छात्र नेताओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई और देशभर में छात्र असहमति के बढ़ते अपराधीकरण से जोड़ा है। विश्वविद्यालयों में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लागू करने की आवश्यकता दोहराई है। इबादत स्थल के बाहर बुलडोज़र तैनात किया शांतम ने कहा- 22 फरवरी 2026 को लाल बारादरी जो लगभग 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत है। जिसमें दशकों से मुस्लिम छात्र, कर्मचारी और शिक्षक नमाज़ अदा करते आ रहे हैं। अवैध तरीके से गेट वेल्ड कर बंद कर दिए गए। उसके चारों ओर फेंसिंग की गई। एक बुलडोज़र तैनात किया गया। यह सब रमज़ान के महीने में किया गया। कोई लिखित कार्यपालक आदेश पेश नहीं किया गया। कोई सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई। कोई परामर्श प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। रमज़ान के दौरान नमाज़ स्थल को बिना वैध आदेश सील करना सीधे तौर पर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने वाला कदम था। वित्तीय जवाबदेही से बच रहा LU प्रशासन समाजवादी छात्र सभा उपाध्यक्ष महेंद्र ने कहा- प्रशासन ने दावा किया कि संरचना की स्थिति ठीक नहीं है। लेकिन कोई वैज्ञानिक निरीक्षण रिपोर्ट या तकनीकी आकलन सार्वजनिक नहीं किया गया। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री उषा योजना के तहत संरक्षण और रखरखाव के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, परंतु उनके उपयोग का कोई विवरण जारी नहीं किया गया। बिना प्रमाण खतरे का दावा करना और साथ ही वित्तीय जवाबदेही से बचने की मनमानी है। NSUI उपाध्यक्ष अहमद ने कहा- लगातार 48 घंटे छात्रों ने लिखित आदेश और निरीक्षण रिपोर्ट की मांग की। संवाद के स्थान पर पुलिस तैनाती की गई और छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें मुस्लिम छात्रों के साथ विभिन्न धर्म और जाति के छात्र भी शामिल हैं। साम्प्रदायिक तत्वों को परिसर में सक्रिय होने दिया दूसरी ओर बाहरी साम्प्रदायिक तत्वों को परिसर में सक्रिय होने दिया। 26 फरवरी को राज्यपाल महोदया को संबोधित ज्ञापन देने के लिए शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया, जिसे पुलिस ने बीच में रोक दिया। छात्रों ने कहा कि यह संघर्ष शांतिपूर्ण, कानूनी और संवैधानिक तरीकों से जारी रहेगा जब तक जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती।
    Click here to Read more
    Prev Article
    संतकबीरनगर में दिनदहाड़े फायरिंग, CCTV में कैद:मारपीट के दौरान पिस्टल निकालकर किया फायर, 5 लोग हिरासत में
    Next Article
    ललितपुर में छात्राओं ने परीक्षा के बाद खेली होली:प्राथमिक विद्यालयों में भी बच्चों ने प्राकृतिक रंगों से मनाई होली

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment