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    LLR अस्पताल में अब 14 दिनों तक सुरक्षित रहेगी कॉर्निया:नया 'आई बैंक' बना वरदान, कॉर्निया ट्रांसप्लांट की राह हुई आसान

    13 hours ago

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    कानपुर शहर के सबसे बड़े एल.एल.आर. (हैलट) अस्पताल के नेत्र रोग विभाग ने दृष्टिहीनता के खिलाफ जंग में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में अत्याधुनिक 'आई बैंक' की स्थापना के साथ ही अब कॉर्निया ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया न केवल सरल हो गई है, बल्कि दान में मिले कॉर्निया को सुरक्षित रखने की क्षमता में भी कई गुना इजाफा हुआ है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन के अनुसार,यह आधुनिक केंद्र उन लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है जो कॉर्निया की कमी या स्टोरेज की समस्या के कारण लंबे समय से अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर थे। एल.एल.आर. अस्पताल में कॉर्निया ट्रांसप्लांट का काम साल 2010 से ही रजिस्ट्रेशन के बाद नियमित रूप से किया जा रहा था, लेकिन संसाधनों के अभाव में डॉक्टरों के सामने कई तकनीकी चुनौतियां थीं। सबसे बड़ी बाधा कॉर्निया को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की थी। पुराने सिस्टम के तहत दान में मिली आंखों या कॉर्निया को केवल 3 से 4 दिनों के भीतर ही इस्तेमाल करना अनिवार्य होता था। यदि इस सीमित समय में ट्रांसप्लांट न हो पाए, तो कॉर्निया के खराब होने का डर रहता था। लेकिन अब आई बैंक बनने के बाद स्टोरेज की यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है। नेत्र विभाग की विशेषज्ञ डॉ.शालिनी मोहन ने बताया कि, नई व्यवस्था और बेहतर स्टोरेज क्षमता के चलते अब कॉर्निया को 10 से 14 दिनों तक पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि एक साथ अधिक संख्या में कॉर्निया दान में मिलते हैं, तो उन्हें बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा और वेटिंग लिस्ट के मरीजों को सुविधा के अनुसार बुलाकर सर्जरी की जा सकेगी। इससे मरीजों का इंतजार कम होगा और सफलता दर में भी सुधार आएगा। यह आई बैंक सिर्फ मरीजों के इलाज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब यह एक क्षेत्रीय हब के रूप में भी उभर रहा है। यहाँ से अब उन अन्य चिकित्सा केंद्रों को भी कॉर्निया उपलब्ध कराया जा रहा है जिनके पास स्टोरेज की सुविधा नहीं है। हाल ही में रोटरी क्लब जैसे संस्थानों को कॉर्निया उपलब्ध कराकर इसकी उपयोगिता साबित की जा चुकी है। इसके साथ ही, यहाँ 'स्मार्ट क्लास' जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। इससे जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को कॉर्निया रिप्लेसमेंट और आई बैंकिंग की बारीकियों को समझने के लिए विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मिल सकेगी।
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