Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    LTE 4G आधारित ETCS हाइब्रिड लेवल-3 पर चलेगी मेरठ मेट्रो:ट्रैफिक और फ्यूल खर्च में आएगी कमी ,मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 12 स्टेशनों वाली मेट्रो सेवा शुरू

    2 hours ago

    1

    0

    भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम नमो भारत कॉरिडोर के बचे हुए हिस्से पर व्यावसायिक परिचालन शुरू हो गया है। स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी में ग्लोबल लीडर एल्सटॉम ने इस सेक्शन पर संचालन की जिम्मेदारी संभालते हुए मेरठ शहर के लिए मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) की भी शुरुआत कर दी है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर में न्यू अशोक नगर से सराय काले खाँ (5.5 किमी) और मेरठ साउथ से मोदीपुरम (21 किमी) तक का हिस्सा शामिल है। इसके साथ ही 21 किमी लंबा मेरठ मेट्रो सेक्शन भी चालू हो गया है। दुनिया का पहला एलटीई 4G आधारित ईटीसीएस हाइब्रिड लेवल-3 सिस्टम ट्रेनें एल्सटॉम के भारत-निर्मित ट्रेनसेट्स और एलटीई 4जी सिग्नलिंग सॉल्यूशंस पर एडवांस्ड ईटीसीएस हाइब्रिड लेवल-3 के जरिए संचालित होंगी। खास बात यह है कि मेरठ मेट्रो दुनिया का पहला मेट्रो सिस्टम बन गया है, जो लॉन्ग टर्म इवॉल्यूशन 4G पर यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम हाइब्रिड लेवल-3 सिग्नलिंग से चलेगा। एनसीआरटीसी के नेतृत्व में मिली यह उपलब्धि एनसीआर में अर्बन मोबिलिटी को नई रफ्तार देगी। एल्सटॉम इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवियर लॉयसन ने कहा कि आरआरटीएस और अब मेरठ मेट्रो के साथ यह एक बड़ी उपलब्धि है। इससे इंटर और इंट्रा सिटी विकास के नए अवसर खुलेंगे। लाखों नागरिकों के जीवन में आएगा बदलाव नई मेरठ मेट्रो (एमआरटीएस) कम्यूटर ट्रेनों को सुरक्षित, आरामदायक और सस्टेनेबल परिवहन विकल्प के रूप में तैयार किया गया है। • बेहतर एर्गोनॉमिक्स और सुरक्षा • कम लाइफ साइकिल लागत • रिसाइकिलिंग की उच्च क्षमता • ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और फ्यूल खपत में कमी ये ट्रेनें शहर के बाहरी इलाकों को आर्थिक केंद्रों से जोड़ेंगी, जिससे लाखों नागरिकों के समय और खर्च की बचत होगी। 21 किमी लंबे रूट पर 12 स्टेशन मेरठ मेट्रो 21 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 12 स्टेशनों से होते हुए मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक चलेगी। इस रूट के चार स्टेशन नमो भारत आरआरटीएस से जुड़े हैं, जिससे यात्रियों को इंटर-सिटी और इंट्रा-सिटी यात्रा की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। एमआरटीएस ट्रेनें एल्सटॉम की एडेसिया कम्यूटर ट्रेन फैमिली का हिस्सा हैं। इनमें यात्रियों के लिए ओवरहेड लगेज रैक, कोच के अंदर इन्फॉर्मेशन स्क्रीन, सीटों के पास यूएसबी सॉकेट, व्हीलचेयर स्पेस और इमरजेंसी मेडिकल ट्रांसफर के लिए स्ट्रेचर स्पेस जैसी सुविधाएं दी गई हैं। मेरठ के लिए यह सिर्फ मेट्रो नहीं, बल्कि स्मार्ट और आधुनिक शहरी परिवहन की नई शुरुआत है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गाजियाबाद में 1000 किलो रंगीन कचरी जब्त:जिलाधिकारी के निर्देश पर छापा, 10 खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए
    Next Article
    गाजियाबाद में जमानत पर छूटे आरोपी ने पुलिस को चुनौती:वीडियो जारी कर खुद को बताया 'शेर', सोशल मीडिया पर वायरल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment