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    LU में लाल बारादरी खुलवाने के समर्थन में इमरान प्रतापगढ़ी:धरना दे रहे छात्रों से कॉल पर बात की, लिखा- नफरत की प्रयोगशाला न बनाएं

    5 hours ago

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    लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में लाल बारादरी में फेंसिंग निर्माण को लेकर रविवार को छात्र गुटों के प्रदर्शन के बाद अब मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। सियासी लोगों की भी इस मामले में एंट्री हो चुकी है। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट से इस मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने रात में धरने पर बैठे छात्रों से वीडियो कॉल पर बात की। छात्रों के रुख को जायज बताते हुए रमजान के महीने में विश्वविद्यालय प्रशासन की इस हरकत की निंदा की। उन्होंने कहा- विश्वविद्यालय प्रशासन कैंपस को नफरत की प्रयोगशाला न बनाए। उस जगह को बच्चों के लिए खोला जाए। पढ़िए इमरान प्रतापगढ़ी का पोस्ट... लखनऊ विश्वविद्यालय में स्थित सैकड़ों साल पुरानी लाल बारादरी में बच्चे नमाज पढ़ते हैं ये विश्वविद्यालय की दशकों पुरानी परम्परा में शामिल है कल रात से वहां छात्र आंदोलनरत हैं क्योंकि छात्रों को बिना बताए मस्जिद के दरवाजे को वेल्डिंग करके सील कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन में इतनी भी संवेदनशीलता नहीं कि रमजान के महीने में ऐसा कृत्य करके वो क्या संदेशा देना चाह रहे हैं। रात आंदोलनरत छात्रों से वीडियो कॉल पर बात की और उनकी मांग को पूरा समर्थन दिया, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत लाल बारादरी की उस जगह को बच्चों के लिए खोले और विश्वविद्यालय कैंपस को नफरत की प्रयोगशाला ना बना। उन्होंने रविवार देर रात धरने बैठे छात्रों के नारेबाजी करते हुए वीडियो भी पोस्ट किया है। कल का पूरा घटनाक्रम… इससे पहले रविवार को अचानक लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। LU के निर्माण विभाग द्वारा लाल बारादरी परिसर की फेंसिंग कराने को लेकर खुदाई शुरू की गई। इस पहले स्थल पर बैरिकेडिंग लगाई गई और मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती थी। इस बीच समाजवादी छात्र सभा, NSUI और AISA ने इस निर्माण कार्य का विरोध करना शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप था कि लाल बारादरी परिसर में मस्जिद है। जिसका दरवाजा बंद करने की साजिश की जा रही है। गुस्साएं छात्रों ने रविवार दोपहर पहले बैरिकेडिंग को गिराया। फिर नारेबाजी करते हुए बिल्डिंग के पास पहुंचे और वहां नमाज पढ़ी। शाम को वहीं पर इफ्तार भी किया। नमाज पढ़ने वाले छात्रों को मानव शृंखला बनाकर हिंदू छात्रों ने घेर लिया। जब वो नमाज पढ़कर उठे तब यह मानव शृंखला हटी। इस दौरान वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना कोई नोटिस इस मस्जिद के दरवाजे को सील करके यहां दीवार खड़ा कर दी। उन्होंने सील किए गए दरवाजे को खुलवाने की मांग की। देर रात तक छात्र उसी स्थल पर धरना देते रहे। कल के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… छात्रों का आरोप संरक्षित स्थल पर हो रहा निर्माण… प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि लाल बारादरी ASI द्वारा संरक्षित स्थल है, इसलिए बिना उसकी अनुमति के कोई भी कंस्ट्रक्शन नहीं किया जा सकता। कुछ स्टूडेंट्स का यह भी आरोप था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस स्थल पर धर्म विशेष के लोगों की एंट्री रोकना चाहता है। इसी मकसद से यहां पूरे परिसर को सील किया जा रहा है। जो रुकावट पैदा करेगा, वो बचेगा नहीं लखनऊ विश्वविद्यालय की कुल सचिव भावना मिश्रा ने बताया कि लाल बारादरी बदहाल हालात में है। वहां फेंसिंग करवाने के लिए निर्माण अधीक्षक को कहा गया था। इस बीच हसनगंज पुलिस को भी पहले से अवगत कराकर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती के लिए कहा गया है। रविवार को काम शुरू किया गया है। इसमें जो लोग भी रुकावट पैदा करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। कुलसचिव कार्यालय ने जारी किया था पत्र एक पत्र रजिस्ट्रार की तरफ से निर्माण भवन के कार्य अधीक्षक को 2 फरवरी को भेजा गया था। इसमें फेंसिंग बनाने के लिए कहा गया था। इसके बाद रविवार को फेंसिंग बनाने का काम शुरू हुआ। इसके बाद NSUI, समाजवादी छात्रसभा और AISA जैसे गुट के छात्रों ने प्रदर्शन कर फेंसिंग बनाने का विरोध किया।
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