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    LU न्यू कैंपस के 3 महिला छात्रावासों की प्रो‌वोस्ट हटाई:मेस के सोयाबीन में चूहे के बच्चे मिले थे, छात्राओं की तबीयत खराब हुई थी

    5 hours ago

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    LU न्यू कैंपस के 3 महिला छात्रावासों की प्रो‌वोस्ट हटाई: मेस के सोयाबीन में चूहे के बच्चे मिले थे, छात्राओं की तबीयत खराब हुई थी लखनऊ विश्वविद्यालय न्यू कैंपस में छात्राओं को खराब खाना परोसे जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई। कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने शुक्रवार को महिला छात्रावासों की प्रोवोस्ट, असिस्टेंट प्रोवोस्ट के साथ ही एडिशनल चीफ प्रोवोस्ट को पद से हटा दिया। एक दिन पहले कुलपति ने गंगा छात्रावास का औचक निरीक्षण कर छात्राओं से बातचीत की थी। छात्राओं ने प्रोवोस्ट, असिस्टेंट प्रोवोस्ट की कार्यशैली के प्रति जमकर नाराजगी जाहिर की थी। जिसके बाद कुलसचिव ने न्यू कैंपस स्थित तीनों महिला छात्रावास गंगा, लावण्या और डॉ. बीआर अंबेडकर महिला छात्रावास की प्रोवोस्ट और असिस्टेंट प्रोवोस्ट की नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें अतिरिक्त मुख्य अभिरक्षक नवीन परिसर व लावण्या छात्रावास की प्रोवोस्ट डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव, लावण्या की असिस्टेंट प्रोवोस्ट डॉ. रितु सिंह, गंगा छात्रावास की प्रोवोस्ट डॉ. नीतम सिंह, असिस्टेंट प्रोवोस्ट डॉ. प्रनति श्रीवास्तव, बीआर अंबेडकर छात्रावास की प्रोवोस्ट डॉ. अर्चना सिंह, असिस्टेंट प्रोवोस्ट ई. निधि श्रीवास्तव का नाम शामिल हैं। सभी पदों पर नई नियुक्ति विधि संकाय के शिक्षकों की गई है। जबकि इससे पूर्व आईएमएस, फार्मेसी संस्थान, टूरिज्म स्टडीज के संविदा शिक्षकों को भी छात्रावास के प्रमुख पदों पर तैनाती प्रदान की गई थी। डॉ.कालिंद्री बनीं एडिशनल चीफ प्रोवोस्ट LU प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने बताया- डॉ.कालिंद्री को एडिशनल चीफ प्रोवोस्ट गर्ल्स व गंगा छात्रावास की प्रोवोस्ट नियुक्त किया गया है। गंगा की असिस्टेंट प्रोवोस्ट के तौर पर डॉ.निहारिका को तैनाती दी गई है। इसी तरह डॉ.अंबेडकर हॉल की प्रोवोस्ट डॉ. रिचा सक्सेना और असिस्टेंट प्रोवोस्ट डॉ. श्वेता श्रीवास्तव को बनाया गया है। वहीं, लावण्या हॉल की प्रोवोस्ट डॉ.मृणालिनी सिंह और असिस्टेंट प्रोवोस्ट डॉ.शशि प्रभा जोशी को नियुक्ति मिली है। कुलसचिव डॉ.भावना मिश्रा का कहना है कि यह सभी अग्रिम आदेशों तक पद पर बनी रहेंगी। छात्राओं का आरोप- प्रोवोस्ट ने की लापरवाही छात्राओं के मुताबिक, बुधवार रात करीब 9 बजे असिस्टेंट प्रोवोस्ट प्रणति श्रीवास्तव हॉस्टल पहुंचीं और समस्याएं सुनीं। आरोप है कि समाधान देने के बजाय शिकायतों पर ही सवाल उठाए गए। इसी दौरान एक छात्रा की हालत बिगड़ती रही, लेकिन कथित तौर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। करीब दो घंटे बाद प्रोवोस्ट नीतम सिंह पहुंचीं और प्रतिनिधियों के माध्यम से बातचीत की बात कही। बाद में प्रॉक्टर और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। गुरुवार सुबह डीएसडब्ल्यू टीम और कुलपति ने मेस व हॉस्टल का निरीक्षण किया। प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। हालांकि छात्राओं का दावा है कि वे लंबे समय से समस्याएं झेल रही हैं और इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती हैं। सोयाबीन में चूहों ने बच्चे दिए एलयू छात्रावासों में चलने वाले मेस की स्थितियां इतनी खराब है कि इसे लोग अगर आंखों से देख ले तो खाना नहीं खा पाएंगे। मेस में इस्तेमाल होने वाले सोयाबीन का गुरुवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि उसमें चूहों ने बच्चों को जन्म दिया हुआ है। यह वीडियो न्यू कैंपस के कौटिल्य छात्रावास के किचन का बताया जा रहा है। FSDA की टीम ने की जांच छात्राओं के भारी हंगामे के बाद एफएसडीए की टीम गुरुवार शाम को गंगा हॉस्टल पहुंची। जहां उन्होंने सहायक प्रोवोस्ट से मामले की जानकारी ली और इसके बाद में हॉस्टल मेस का किचन देखा। बवाल के बाद किचन में साफ-सफाई पाई गई। इसके बावजूद मेस संचालक को गुणवत्तापूर्ण खाना परोसने के लिए कहा गया। पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन मेस से जुड़ी शिकायतों की जांच में गंभीर त्रुटियां सामने आईं, जिसके चलते कुलपति ने कुलसचिव को निर्देशित किया कि एक पांच सदस्यीय समिति गठित कर मेस संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। समिति के सामने सभी मेस ठेकेदारों को अपना पक्ष रखने का एक अंतिम अवसर प्रदान किया जाए। यदि संतोषजनक समाधान न मिले तो उनके अनुबंध समाप्त किए जाएं। कुलपति ने लिए पांच अहम निर्णय… सप्ताह में एक दिन अब कुलपति न्यू कैंपस में बैठेंगे। अतिरिक्त मुख्य प्रोवोस्ट डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव को निर्देशित किया कि द्वितीय परिसर स्थित सभी छात्रावासों में प्रतिदिन एक घंटे की नियमित बैठक आयोजित हो। जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्या बताएंगे। छात्रावास की क्षमता के अनुसार डाइनिंग एरिया में कम से कम 25 प्रतिशत फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। छात्राओं की सुविधा, सुरक्षा के लिए भोजन परोसने के कार्य में पुरुष कर्मियों के स्थान पर अब महिला कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। लॉ फैकल्टी में अनुरक्षण से जुड़ी शिकायतों पर निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का तत्काल समाधान हो। रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत की जाए। अब घटनाक्रम विस्तार से पढ़िए… दाल में कीड़े, स्वाद भी ठीक नहीं गंगा हॉस्टल में बुधवार दोपहर को मेस का खाना खाने के बाद लॉ थर्ड ईयर छात्रा को उल्टियां हुईं। इसके बाद वह बेहोश हो गई। देर रात को एक और छात्रा की तबीयत बिगड़ गई थी। इससे नाराज साथी छात्राओं ने देर शाम हॉस्टल में जमकर हंगामा किया था। छात्राओं ने कहा था- जब तक मेस संचालक के खिलाफ एक्शन नहीं होगा, धरना जारी रहेगा। मेघना बोलीं-दाल में कीड़े थे लॉ फैकल्टी की फाइनल ईयर स्टूडेंट मेघना शाह ने बुधवार दोपहर में मेस का खाना खाया था। कुछ ही देर में उन्हें तेज उल्टियां शुरू हो गई थीं। वह बेहोश हो गईं। साथी छात्राओं ने उन्हें संभाला था। मेघना का कहना था कि दाल में कीड़े थे। खाने का स्वाद भी ठीक नहीं था। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया था। नहीं मिली मेडिकल हेल्प छात्राओं ने वार्डन जहान्वी और हॉस्टल की प्रोवोस्ट नीतम सिंह को सूचना दी, लेकिन समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो सका। छात्राओं का कहना था कि मेस की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, पर सुधार नहीं हुआ। छात्राओं ने सुरक्षित माहौल, स्वच्छ भोजन और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की थी। विरोध में धरना देने पर मिली धमकी इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने आरोप लगाया है कि दूषित भोजन के खिलाफ धरने पर बैठने के दौरान हॉस्टल की प्रोवोस्ट नीतम सिंह ने उन्हें धमकाया। छात्राओं का कहना है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय दबाव बनाया जा रहा है। घटना के बाद हॉस्टल में आक्रोश का माहौल है। …………………………… संबंधित खबर पढ़िए हॉस्टल में मेस का खाना खाने से बेहोश हुई छात्रा:उल्टियां हुईं, लखनऊ विश्वविद्यालय में धरने पर बैठीं छात्राएं लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार को फूड क्वालिटी को लेकर बवाल हो गया। दूषित खाने के विरोध में छात्राएं धरने पर बैठ गईं। रात का भोजन भी नहीं किया। उपवास रखकर नाराजगी जताई। यहां पढ़ें पूरी खबर
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