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    मां बोली- बेटी के हत्यारे दामाद को फांसी हो:लव मैरिज के 24 दिन बाद मोबाइल तोड़ा; झांसी में घर में बंद रखता था

    15 hours ago

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    "मेरी बेटी शिवानी यश ठाकुर से सच्ची मोहब्बत करती थी। एक दिन उसने मुझे इस रिश्ते के बारे में बताया और शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों परिवार राजी हो गए। करीब डेढ़ साल पहले दोनों ने लव मैरिज कर ली। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही दामाद यश बेटी पर शक करने लगा। उसे पीटने लगा। उसने शादी के महज 24 दिन बाद ही बेटी का मोबाइल तोड़ दिया। हम यही सोचते रहे कि बेटी का घर बस जाए, लेकिन यश की हरकतें नहीं सुधरी। आए दिन झगड़ा और मारपीट से परेशान होकर बेटी 3 महीने पहले झांसी आकर रहने लगी। यश भी यहां आता था। 30 अगस्त की रात उसने मेरी बेटी की गला घोटकर हत्या कर दी। हमें अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए। जैसे मेरी बेटी को मारा गया, उसी तरह यश ठाकुर भी लटकाया जाए। उसे फांसी की सजा होनी चाहिए। इसके लिए हम लड़ाई लड़ेंगे।" यह कहना है रेखा वंशकार का, जिनकी बेटी सुधा उर्फ शिवानी (27) की झांसी में हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार (25 सितंबर) देर रात पुलिस ने पैर में गोली मारकर यश ठाकुर को गिरफ्तार किया। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम था। मामला शहर के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। ग्वालियर में पढ़ाई के समय यश से शिवानी की दोस्ती हुई थी शिवानी मध्यप्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ की रहने वाली थी। उसके पिता संतराम वंशकार फलों की फेरी लगाते हैं। मां रेखा दिल्ली में घरों में काम करती हैं। शिवानी 6 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। पढ़ाई के बाद वह घर पर ही रहती थी। उससे छोटी बहनें प्रीति और नेहा की शादी हो चुकी है। घर में एक बहन मुस्कान (18), दो भाई अनिकेत (17) और कपिल (14) हैं। मां रेखा ने बताया- मेरी बेटी मुस्कान ग्वालियर में रहकर पढ़ती थी। उसी के साथ शिवानी रहती थी। इस दौरान शिवानी की यश ठाकुर से जान पहचान हो गई। दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। डेढ़ साल पहले दोनों ने लव मैरिज कर ली। शादी के बाद बेटी अपने ससुराल ग्वालियर में रहने लगी। यश कपड़ों की दुकान पर काम करता था। मां बोली- दलित होने के ताने मारते थे मां ने बताया- एक साल पहले यश ने बेटी को हॉकी से पीटा था। मैं बेटी को घर लाने लगी, तो यश ने बंदूक तान दी। कहने लगा कि अगर शिवानी घर से बाहर निकली तो उसे मार दूंगा और खुद भी मर जाऊंगा। हमने सोचा कि बेटी का घर बर्बाद न हो, इसलिए हम लोग वापस आ गए। शादी के पहले यश और उसके परिवार को पता था कि हम लोग दलित समाज से आते हैं। लेकिन, शादी के बाद यश और उसकी मां ताने मारने लगी। अपने बेटे से कहती थी कि इसे छोड़ दो। छोटी जाति की लड़की से शादी कर ली। बेटी को दहेज के लिए भी ताने मारे जाते थे। शादी में हमने अपनी हैसियत के अनुसार सामान दिया था। लेकिन, कई बार दहेज भी मांगा गया। लेकिन, हम गरीब हैं, इसलिए उसकी मांगे पूरी नहीं पाए पाए। जिनता हमसे बना, उतना दिया है। अभी दो महीने पहले ही हमने बेटी को 60 हजार रुपए का पुराना मोबाइल किस्त पर दिलाया था। मैं उसकी किस्त भर रही थी। हत्या के बाद यश मोबाइल भी उठाकर ले गया। बहन बोली- हत्या से पहले दीदी-जीजा का झगड़ा हुआ था शिवानी की बहन मुस्कान ने बताया- शक और मारपीट से परेशान होकर दीदी शिवानी ने झांसी में आवास विकास फौजी तिराहे के पास किराए पर कमरा ले लिया। मैं और भाई अनिकेत भी उनके साथ रहने लगे। जबकि, पिता और छोटा भाई कपिल गांव में रहते थे। यश कभी-कभी झांसी आता था। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शिवानी भाई कपिल को लेकर ग्वालियर गई थी। 2 दिन बाद वह यश के साथ झांसी लौट आई, जबकि कपिल गांव चला गया। मुस्कान ने बताया- 30 अगस्त की रात दीदी और जीजा यश के बीच झगड़ा हुआ था। यश परिवार को लेकर आपत्तिजनक बातें कर रहा था। उसने दीदी शिवानी से कहा कि वह मेरे साथ सोकर आया है। हमारे पिता को चप्पल से पीटेगा। झगड़ा बढ़ने लगा तो पड़ोस में रहने वाले हमारे मामा संतोष पहुंचे। उन्होंने सभी को शांत कराया। इसके बाद मामा अनिकेत को लेकर अपने घर चले गए। रात अधिक हो चुकी थी, इसलिए सभी लोग सोने चले गए। मैं अपने कमरे में सो गई, जबकि दूसरे कमरे में दीदी और जीजा सो गए। रात लगभग 12:30 बजे पानी पीने उठी तो सबकुछ नॉर्मल था। मैंने दीदी से भी बात की तो वो अच्छे से बात कर रही थी। बाद में मैं दीदी को गुड नाइट बोलकर सो गई। रात में बैग मांगा, फिर बाहर से कुंडी लगा दी मुस्कान ने बताया- रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच यश ने मेरा दरवाजा खटखटाया और अपना बैग मांगा। इसके बाद यश ने मेरे कमरे की चुपके से बाहर से कुंडी लगा दी। सुबह करीब 5 बजे मैंने बाथरूम जाने के लिए कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। करीब आधे घंटे तक मैंने दीदी और जीजा को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कूलर चल रहा था। मैंने दीदी को कॉल लगाया तो नंबर बंद जा रहा था। सोचा वो लोग सो रहे होंगे, इसलिए मैं फिर से सो गई। सुबह करीब 9 बजे हमारा भाई अनिकेत घर पहुंचा। दोनों कमरों में बाहर से कुंडी लगी थी। यश ठाकुर दीदी से प्यार नहीं करता था मुस्कान ने कहा- मेरी दीदी यश से सच्चा प्यार करती थी, लेकिन उसे मेरी दीदी से प्यार नहीं था। ये पता नहीं था कि वो मेरी दीदी के साथ कभी ऐसा कुछ कर देगा। दीदी ने मुझे बहुत बार बताया कि ये बहुत शक करता है। मैं अब उसके पास नहीं जाऊंगी। अब तुम्हीं लोगों के पास रहूंगी। ये बहुत मारपीट करता है। ये लोग कहीं जाते थे तो घर के बाहर से ताला लगा जाते थे। जिससे, दीदी घर से बाहर न निकल पाए। ये लोग कहीं घुमाने भी नहीं ले जाते थे। ये कुछ भी खर्चा नहीं देता था। इसलिए माता-पिता पैसा डालते थे। हम लोग इंसाफ चाहते हैं। फांसी की सजा हो जाए तो बहुत अच्छा है। नहीं तो उम्रकैद की सजा तो होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि वो जिंदगी भर जेल में रहे। भाई ने कहा- कमरे में मिली शिवानी की लाश अनिकेत ने बताया- घर पहुंचने पर मैंने देखा कि शिवानी दीदी के कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर अंदर गया, तो जमीन पर दीदी की लाश पड़ी थी। उसके कान से खून निकल रहा था और गले पर निशान थे। दूसरे कमरे की कुंडी भी बाहर से बंद थी। मैंने उसे खोला, तो मुस्कान सो रही थी। उसे जगाया। इसके बाद आसपास के लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। शिवानी को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम में गला घोटने से मौत की पुष्टि हुई। 25 हजार का इनाम, पैर में गोली मारकर पकड़ा SP सिटी प्रीति सिंह ने बताया- हत्या के बाद पुलिस यश ठाकुर की तलाश कर रही थी। SSP ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे पुलिस को सूचना मिली कि यश स्कूटी से झांसी आया है। इसके बाद SWAT टीम और सीपरी बाजार पुलिस ने सिमरधा गांव के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर यश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- 30 साल की 'मिस प्रिटी इंडिया' फंदे पर लटकी मिली, फेसबुक पर 9 लाख फॉलोअर्स वाराणसी की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। 30 साल की निधि मध्यप्रदेश के सिंगरौली में 'मिस प्रिटी इंडिया' विनर रह चुकी हैं। पढ़ें पूरी 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