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    महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया का ब्राइडल लुक:एक यूजर ने पूछा-शादी कब है? माघ मेले में कहा था- धर्म की राह छोड़ूंगी

    7 hours ago

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    महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया एक बार फिर ग्लैमर की दुनिया में लौटती नजर आ रही हैं। वह लगातार इंस्टाग्राम पर अपने नए-नए लुक्स शेयर कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने ब्राइडल लुक में एक वीडियो पोस्ट किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो पर यूजर्स के तरह-तरह के रिएक्शन भी देखने को मिले। एक यूजर ने लिखा- आखिर आ ही गईं मोह-माया में। वहीं दूसरे ने कमेंट किया- किसी अब्दुल की नजर न लगे। बता दें कि प्रयागराज के माघ मेले के दौरान हर्षा रिछारिया ने धर्म की राह छोड़ने का ऐलान किया था। उस वक्त उन्होंने कहा था- महाकुंभ 2025 से शुरू हुई कहानी अब खत्म हो रही है। इस एक साल में मैंने काफी विरोध झेला है। अब मैं अपने पुराने प्रोफेशन में लौटूंगी। किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठाना आसान होता है, लेकिन मैं सीता नहीं हूं कि अग्नि परीक्षा दूं। हर्षा रिछारिया ने इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीरें हर्षा रिछारिया ने क्या कुछ कहा, 4 पॉइंट में पढ़िए- 1- 'मुझे बार-बार रोका गया, मनोबल तोड़ा गया' हर्षा ने कहा- जय श्रीराम। एक साल में मैंने बहुत ज्यादा विरोध का सामना किया। यह विरोध प्रयागराज से शुरू हुआ। मुझे लगा था कि महाकुंभ होने के बाद यह सब खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने धर्म के रास्ते पर चलने की कोशिश की। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। न चोरी की, न कोई अनैतिक कार्य किया, न किसी के साथ अन्याय किया। फिर भी, जब-जब मैंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास किया, मुझे बार-बार रोका गया, मेरा मनोबल तोड़ा गया। 2- 'मैं आज कर्ज में डूबी हुई हूं...' हर्षा ने कहा- लोगों को लगा था कि धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कमा रही हूं। मगर ऐसा नहीं है। जो लोग आज धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं, उनके बीच मैं आज कर्ज में डूबी हुई हूं। पहले मैं एंकरिंग कर रही थी और मुझे अपने प्रोफेशन पर गर्व था। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं अपना काम बहुत अच्छे से कर रही थी और उसमें खुश थी। 3- 'मैं बेहद हताश हो गई हूं...' हर्षा रिछारिया ने कहा- मैं देश से ज्यादा विदेशों में काम कर रही थी। अच्छा पैसा कमा रही थी। लेकिन यहां आने के बाद मेरे पास सिर्फ उधारी रह गई और कुछ भी नहीं बचा। सबसे दुखद बात यह है कि आज मेरे साथ कोई खड़ा नहीं है। मैं आज यह सब इसलिए कह रही हूं, क्योंकि पिछले एक साल में मैंने जो भी करने की कोशिश की, उसे रोका गया, उसका विरोध किया गया और उसे तोड़ा गया। माघ मेले में भी मेरे साथ यही हुआ, जिससे मैं बेहद हताश हो गई। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसकी वजह से मेरा विरोध किया जाए। लेकिन शायद हमारे देश में किसी लड़की का विरोध करना, उसका मनोबल तोड़ना और उसके चरित्र पर सवाल उठाना बहुत आसान है। 4- 'मैंने कई परीक्षाएं दीं, लेकिन अब बहुत हो गया' पिछले एक साल में जितनी परीक्षाएं देनी थीं, मैंने दे दीं। अब बहुत हो गया। इस मौनी अमावस्या पर, माघ मेले में मैं स्नान करूंगी। उसी स्नान के साथ धर्म के मार्ग पर चलने का जो संकल्प लिया था, उसे पूर्ण विराम दूंगी। मैं वापस अपना पुराना काम करूंगी, वह काम जिसमें न कोई विरोध था, न चरित्र पर आक्षेप। अगर कोई युवा या कोई बहन मुझसे कहेगी कि उसे धर्म से जुड़ना है, धर्म के रास्ते पर चलना है, तो मैं बस यही कहूंगी- अपने परिवार के साथ जुड़कर रहो, अपने घर के मंदिर में पूजा करो। इसके अलावा किसी के पीछे मत जाओ। वायरल हुईं तो एक दिन में 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़े महाकुंभ से पहले हर्षा रिछारिया के इंस्टाग्राम पर करीब 6.67 लाख फॉलोअर्स थे। 14 जनवरी 2025 को वायरल होते ही यह संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई। यानी एक दिन में उन्हें 3.33 लाख से ज्यादा नए फॉलोअर्स मिले। महाकुंभ खत्म होते-होते उनके फॉलोअर्स 15 लाख हो गए थे। फिलहाल उनके करीब 17 लाख फॉलोअर्स हैं। जानिए कौन हैं हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के रथ पर बैठने के बाद हर्षा रिछारिया चर्चा में आईं। वह पेशे से मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। साध्वी रूप में नजर आने पर संत समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने पर उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया। इस दौरान वह रो पड़ीं और मीडिया के सामने सुसाइड की चेतावनी भी दी। हर्षा का मूल घर उत्तर प्रदेश के झांसी में है। पिता दिनेश बस कंडक्टर हैं। मां किरण बुटीक चलाती हैं। उनका एक भाई कपिल है, जो प्राइवेट नौकरी करता है। पूरा परिवार मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है। जबकि हर्षा फिलहाल उत्तराखंड में रहती हैं। वह पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और माथे पर तिलक धारण करती हैं। वह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… बागपत डीएम की मेज पर बैठा लंगूर, कुर्सी छोड़कर भागीं; किसानों के साथ मीटिंग कर रही थीं; अर्दली ने पुचकार कर बाहर किया बागपत में गुरुवार को भरी मीटिंग में डीएम अस्मिता लाल की मेज पर लंगूर आकर बैठ गया। यह देख डीएम डर गईं और अपनी कुर्सी छोड़कर खड़ी हो गईं। डीएम ने लंगूर की तरफ इशारा करते हुए कहा- बैठ जाओ। लंगूर कुछ देर तक मेज पर बैठा रहा। इस बीच डीएम का अर्दली आया। उसने पुचकार कर लंगूर को भगाया। तब लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। पढ़िए पूरी खबर
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